मेरा साथ क्यों छोड़कर चले गए, धोबी ने काम किया बंद, कहा-हमारे मोहल्ले का हीरो चला गया है…

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हेलिकॉप्टर क्रैश में शहीद हुए पति की पार्थिव देह लेने वर्दी में पहुंचीं स्क्वाड्रन लीडर पत्नी, पति को कॉफिन में देख नहीं रुके आंसू, कहती रही- मेरा साथ क्यों छोड़कर चले गए

मेरा साथ क्यों छोड़कर चले गए, धोबी ने काम किया बंद, कहा-हमारे मोहल्ले का हीरो चला गया है…

चंडीगढ़ जम्मू कश्मीर के बड़गाम में बुधवार को हेलिकाॅप्टर क्रैश होने से शहीद हुए चंडीगढ़ के स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ की शहादत को याद करने के लिए पूरा शहर गुरुवार को गमगीन हो गया। एयरफोर्स अफसरों की टीम की मौजूदगी में राजकीय सम्मान के साथ सिद्धार्थ के पार्थिव शरीर को शाम 7:50 बजे उनके सेक्टर-44 स्थित घर पर लाया गया। शुक्रवार सुबह 10:30 बजे सेक्टर-25 स्थित क्रिमेशन ग्राउंड में सिद्धार्थ का अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान एयरफोर्स की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

सेक्टर- 44 स्थित 66 ए के आसपास के सभी घरों के लोग बाहर निकल आए। गुरुवार शाम 5.30 बजे एयरफोर्स स्टेशन से एक गाड़ी आई। एक एयरफोर्स लेडी ऑफिसर और जेंट्स ऑफिसर उतरे। उन्होंने फौज की वर्दी ली हुई थी। कुछ देर बाद स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ की पार्थिव देह को एयरपोर्ट से उनकी पत्नी आरती बाकायदा एयरफोर्स की ड्रेस में लेकर आई। 12 विंग एयरफोर्स स्टेशन के अफसरों की टीम की मौजूदगी में सिद्धार्थ के पार्थिव शरीर को राजकीय सम्मान के साथ एयरपोर्ट से सेक्टर 44 लाया गया। परिवार वालोें के साथ शहर के लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और भारत माता की जय के नारे लगाए।

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पति को कॉफिन में देख नहीं रुके आरती के आंसू
स्क्वाड्रन लीडर आरती जब अपने शहीद पति के पार्थिव शरीर को लेने एयरपोर्ट पर तो एयरफोर्स की ड्रेस थीं। पूरे साहस के साथ पति का पार्थिव शरीर लेकर आईं। माता-पिता बहनों एवं भाइयों के साथ थे। लेकिन घर आते ही आरती फूट-फूट कर रोने लगीं। और बोलीं कि सिद्धार्थ मेरा साथ क्यों छोड़ गए। बेटे को श्रद्धांजलि देने के बाद सिद्धार्थ के पिता ने कहा- बेटा चलो घर चलते हैं। इसके साथ ही पूरा परिवार फूट-फूट कर रोने लगा। 2 साल का बेटा शहीद पिता को मुखाग्नि दिया।

भतीजा तो भारतीय सीमा में घुसे जहाजों को ट्रेस करने गया था: चाचा
सिद्धार्थ के चाचा सतीश चंद वशिष्ठ का कहना है कि उनका भतीजा तो भारतीय सीमा घुसे जहाजों को ट्रेस करने गया था। लेकिन अब फौज यह कह रही है कि एयरक्राफ्ट क्रैश हुआ। अब सवाल यह खड़ा होता है कि एयरफोर्स सिद्धार्थ काे शहीद का दर्जा देती या नहीं ? हालांकि परिवार का यह मानना है कि उनका बेटा शहीद हुआ।

धोबी ने काम किया बंद, कहा-हमारे मोहल्ले का हीरो चला गया है…
मोहल्ले में एक धोबी ने अपना काम पूरा दिन बंद रखा था। कहा- उनके मोहल्ले का हीरो चला गया है तो वह कैसे आज अपना काम करता। दो दिन काम नहीं करूंगा तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

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