महाजन ने छीन लिया नवजात बच्चा पत्नी की डिलेवरी के लिए पति ने लिया था कर्जा

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हजारीबाग (झारखंड)।कर्जदार जब पैसा वापस नहीं किया तो महाजन ने उसके नवजात को ही कब्जे में ले लिया उसे रांची भिजवा दिया। बच्चा किसके पास रांची भिजवाया या उसे बेच दिया इसका खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। पर पुलिस प्रशासन की पहल पर बच्चा पिता को वापस करने के लिए रांची से मंगवाया जा रहा है।

कर्जदार और कर्ज देने वाला दोनोंं हैं पड़ोसी

यह मामला हजारीबाग के बड़कागांव का है। कर्जदार चेतलाल साव और कर्ज देने वाला छोटन प्रसाद दोनोंं पड़ोसी हैं। दोनो तत्काल हजारीबाग बड़ी बाजार टीओपी में हैं जहां इस घटनाक्रम के बाबत पूछताछ की जा रही है और बच्चा के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। छोटन ने पुलिस को बताया कि पिछले साल जब उसकी पत्नी का पहला डिलेवरी था तब उसे पैसे की जरूरत थी। उसने चेतलाल साव से 84 हजार कर्ज लिया था। जब उसकी पत्नी सविता दूसरी प्रसव के लिए बड़कागांव सीएचसी में भर्ती हुई तो 9 जुलाई 2018 को दूसरे बेटे को जन्म दी लेकिन सविता की तबियत बिगड़ने लगी। चिकित्सक ने उसे हजारीबाग रेफर कर दिया। छोटन नवजात को अपने ससुर के जिम्मे सीएचसी में छोड़ कर पत्नी को हजारीबाग के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां सविता की मौत हो गई। इसके बाद छोटन के नवजात बच्चे को चेतलाल ने ले लिया। छोटन जब पत्नी के शव को लेकर वापस बड़कागांव पहुंचा और उसे इस बात की जानकारी मिली तो चेतलाल से बच्चे की मांग करने लगा। लेकिन उसने पुराना कर्जा का हवाला देकर बच्चा वापस करने से इनकार कर दिया।

जनता दरबार मे, पुलिस को बच्चा वापस कराने की जिम्मेदारी दी

अंत में छोटन प्रसाद ने अपने बच्चे को पाने के लिए उपायुक्त के जनता दरबार में गुहार लगाया। उपायुक्त मामले पर गंभीर हुए और बड़ी बाजार टीओपी पुलिस को बच्चा वापस कराने की जिम्मेदारी दी। पुलिस ने चेतलाल साव को टीओपी बुलाया और बच्चे को वापस करने के लिए कहा। इस पर चेतलाल का कहना है कि उसने 84 हजार नहीं 94 हजार कर्ज दिया था। रही बात बच्चेकि तो मैं खुद बच्चा नहीं लिया बल्कि छोटन के ससुर ने ही बेटी के मरने के बाद मुझे बच्चा दिया। कहा कि अभी वह बच्चा रांची में है मैं मंगवा दे रहा हूं। अब पुलिस बच्चा के बाबत डिटेल जानकारी लेने में जुटी है कि चेतलाल इसके पूर्व भी बच्चा लेन देन का काम किया है क्या और इस बच्चे को इसने किसके पास और कितने में बेचा या अपने किसी करीबी को दे दिया था। यह भी जानकारी ली जा रही है कि अगर कर्ज 84 हजार था तो चेतलाल 94 हजार की बात क्यों कर रहा है। कहीं ऐसा तो नहीं कि दामाद के अनुपस्थिति में ससुर ने चेतलाल को बच्चा दे दिया और इसके एवज में दस हजार लिया। अभी पड़ताल जारी है।