चाचा ने बताई भतीजी के मरने की वजह, वो अक्सर रोती रहती थी

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दादा की तस्वीर के पास सुसाइड नोट रखकर बच्ची ने लगाई फांसी, लिखा- मेरे नाम से कोई रोना मत, दादा जी की बहुत याद आ रही है

चाचा ने बताई भतीजी के आत्महत्या की वजह, बोले- वो उन्हें याद कर अक्सर रोती रहती थी

भोपाल (मध्य प्रदेश) राजीव गांधी कॉलेज से लैब टेक्नीशियन की पढ़ाई करने वाली सेकंड ईयर की छात्रा ने मंगलवार शाम फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। 75 दिन पहले उसके दादा जी का निधन हो गया था। छात्रा का दादा से बेहद लगाव था। पुलिस को कमरे से छात्रा का सुसाइड नोट मिला है, जिसे उसने दादा की तस्वीर के पास रखा था। इसमें लिखा है – मेरे नाम से कोई रोना मत, दादा जी की बहुत याद आ रही है, दादी का ख्याल रखना।

दुर्गा नगर, हबीबगंज निवासी 21 वर्षीय प्रतिज्ञा लांडे राजीव गांधी कॉलेज में लैब टेक्नीशियन की पढ़ाई कर रही थी। वह रोजाना कॉलेज से शाम पांच बजे घर लौटकर खाना खाती थी फिर सो जाती थी। चाचा बसंत ने बताया कि मंगलवार शाम भी वह कॉलेज से लौटी और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। उस वक्त मां और दादी कमला बाई काम पर गई थीं। मैं प्रतिज्ञा के पापा वसंत राव के साथ एमपी नगर से घर लौटा तो घर के बाहर भीड़ देखकर कुछ शंका हुई क्योंकि दस्तक के बाद भी प्रतिज्ञा ने दरवाजा नहीं खोला था। हमने पिछली खिड़की से अंदर झांका। देखा कि प्रतिज्ञा ने फांसी लगा ली थी। दरवाजा तोड़कर उसे फंदे से नीचे उतारा फिर अस्पताल ले गए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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मरने से पहले सुसाइड नोट में लिखी ये बातें…
एसआई आरपी अग्निहोत्री ने बताया कि अस्पताल की सूचना पर हबीबगंज पुलिस मौके पर पहुंची। प्रतिज्ञा के दादा चंद्रशेखर का बीती 31 जनवरी को निधन हो गया था। उनकी तस्वीर के पास प्रतिज्ञा ने एक सुसाइड नोट रखा था। इसमें लिखा था कि मैं अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रही हूं। किसी को कोई तकलीफ न हो। दादी का ख्याल रखना। मेरे नाम से रोना मत। दादा जी की बहुत याद आ रही है।

चाचा बोले- दादा को अक्सर याद करती थी प्रतिज्ञा
चाचा बसंत ने बताया कि तीन भाई-बहनों में वह सबसे बड़ी थी। उससे छोटी बहन तुषिता और सबसे छोटा भाई सागर है। इन तीनों में प्रतिज्ञा का ही अपने दादा-दादी से बेहद लगाव था। वह अक्सर उनके पास ही रहती थी। दादा का निधन हुआ तो सबसे ज्यादा तकलीफ उसे ही हुई थी। वह अक्सर उन्हें याद करती रहती थी।

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