पति के टॉर्चर से त्रस्त महिला ने दिया भयावह घटना को अंजाम

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पिता के डर से रातभर तड़पती रही मां और 2 मासूम बेटियां; बड़ी बेटी के उल्टी करने पर बेरहम बाप ने पीटा, सुबह सबकी तबियत बिगड़ी तब पत्नी ने बताया- हम सबने जहर पी लिया है…

mp news वार्ड में भी लड़ते रहे माता-पिता और बड़ी बेटी की हो गई मौत

बैतूल. नशेड़ी पति द्वारा बार-बार मारपीट करने से नाराज पत्नी ने सोमवार ऐसी भयावह घटना को अंजाम दिया जिससे लोगों की रुह कांप गई। मां ने ही सोमवार रात 11 बजे पहले तो खुद चूहामार दवा पिया और उसके बाद दो मासूम बेटियों को भी कप में घोलकर दवा बोलकर पिला दिया। इसके बाद बड़ी बेटी की हालत रात में बिगड़ी और उसने उल्टी की तो निर्मोही पिता ने नशे में बेटी की भी पिटाई कर दी। इसके बाद मां ने दोनों को समझाकर सुला दिया। दोनों 9.30 घंटे तक तड़पती रहीं। सुबह जब फिर से दोनों उल्टी करने लगीं तो पिता ने पत्नी से मारपीट की तो उसने बताया दोनों बेटियों और मैंने खुद जहर पी लिया है। इसके बाद हालत बिगड़ने पर पिता उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचा। जहां इलाज के दौरान बड़ी बेटी ने दम तोड़ दिया। मां और एक बेटी की हालत खतरे से बाहर है। पुलिस ने मां के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

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पिता की पिटाई के डर से सब सो गए, सुबह पता चला जहर पीने की बात…
शहर के देशबंधु वार्ड टिकारी निवासी राजमिस्त्री सूर्यकांत और पत्नी सारिका के साथ बीच अक्सर मारपीट होती थी। सोमवार रात भी सूर्यकांत शराब पीकर आया और पत्नी व बड़ी बेटी याशिका (6) के साथ भी मारपीट करने लगा। मारपीट से तंग आकर सारिका ने पहले खुद जहर पिया और बेटी याशिका और नयनसी (4) को भी जहर कप में घोलकर दवा बोलकर पिला दिया और तीनों सो गए। रात में याशिका को उल्टी हुई तो पिता ने उसकी फिर पिटाई कर दी इस डर के कारण रात में सब सो गए। मंगलवार सुबह दोनों बेटियों को उल्टियां होने लगी और हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद तीनों को सुबह 8.30 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन इस दौरान भी पति-पत्नी आपस में विवाद करते रहे। दोपहर 2 बजे इलाज के दौरान याशिका की मौत हो गई। मां सारिका और छोटी बेटी नयनसी की हालत ठीक है।

समय से लाते अस्पताल तो बच जाती बच्ची की जान
जिला अस्पताल में पहुंचने के बाद भी वार्ड के स्टाफ को भी सारिका ने जहर खाने की बात नहीं बताई थी। काफी देर पूछने के बाद उसके पति ने बताया तीनों ने चूहामार खाया है। उसके बाद तीनों का इलाज शुरू किया। कुछ घंटे बाद मां सारिका तथा नयनसी की हालत तो बेहतर हो गई, लेकिन याशिका की हालत बिगड़ने लगी। डॉ. जगदीश घोरे ने बताया यदि समय पर अस्पताल लाया जाता तो याशिका की जान बच जाती।

नायब तहसीलदार ने महिला के बयान लिए हैं, हत्या का केस दर्ज किया जाएगा
बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया है। नायब तहसीलदार ने महिला के बयान लिए हैं। मामला कोतवाली को सौंप दिया है। जांच के बाद केस दर्ज किया जाएगा। महिला ने पति से परेशान होकर कप में जहर पीने तथा बच्चियों को पिलाने की बात कही है।

उमाकांत मिश्रा, आरक्षक, अस्पताल चौकी

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