कोर्ट ने कहा- दोषी के 3 छोटे बच्चे, इसलिए नहीं सुनाई फांसी की सजा

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6 साल की बच्ची को लगाया था घोड़े सुस्त करने वाला इंजेक्शन, 8 घंटे में किया था 3 बार रेप, थोड़ा होश में आने लगी तो मार डाला

कोर्ट ने कहा- बच्चियों से रेप की घटनाएं समाज को नासूर की तरह खा रहीं, इसलिए अलग तरह की सजा देना जरूरी

यमुनानगर. पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के बेलगढ़ स्थित फार्म पर 6 वर्षीय बच्ची को घोड़े सुस्त करने वाला इंजेक्शन लगा 8 घंटे में 3 बार रेप कर हत्या करने के दोषी देवी सिंह (35) को आखिरी सांस तक जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 6 माह 27 दिन में तीन सुनवाई में ही फैसला सुना दिया। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश अब्दुल माजिद ने कहा कि बच्चियों से दुष्कर्म की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ रही हैं, जो समाज को नासूर की तरह खा रही हैं। ऐसे में अलग तरह की सजा देना जरूरी है। दोषी के 3 छोटे बच्चे हैं। यदि इसे समाज से मिटा दिया गया तो बच्चों पर बुरा असर पड़ेगा। इसलिए फांसी के बजाय आजीवन जेल में रहने की सजा सुनाई है। दोषी पर ढाई लाख रुपए जुर्माना लगाया है। 90 फीसदी राशि बच्ची के परिजनों को दी जाएगी।

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पुलिस जांच में रही कमियां, डीएनए रिपोर्ट बनी सजा का आधार

मौके से मिली सीरिंज से पुलिस को क्लू मिला था। बच्ची के प्राइवेट पार्ट में मिले स्पर्म व दोषी का डीएनए मैच हुआ। गवाह बने 22 लोग बयान पर कायम रहे। यही सजा का आधार बना। कोर्ट ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए। पुलिस ने फार्म मालिक से पूछताछ तक नहीं की। यह भी नहीं जाना कि फार्म पर घोड़ों की दवाएं रखने का लाइसेंस था या नहीं। किसी अन्य व्यक्ति के बयान भी नहीं लिए। डीएनए के सैंपल भी समय पर लैब में नहीं भेजे। वहां से रिपोर्ट देरी से आई। कोर्ट ने कहा कि पुलिस की जांच सही होती तो केस कुछ और होता।

पहले फास्ट ट्रैक कोर्ट में था केस, जज के अवकाश पर जाने से एडीजे की कोर्ट में आया

पहले यह मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में था। जज के छुट्टी पर जाने से एडीजे की कोर्ट में ट्रांसफर हुआ। 24 जनवरी को पहली सुनवाई हुई। 25 को दोषी ठहराया गया और 28 को सजा सुना दी। भारतीय दंड संहिता में 11 अगस्त 2018 को हुए क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट-2018 के तहत धारा 376एबी जोड़ी गई थी। यह धारा 12 साल से कम आयु की लड़की के साथ दुष्कर्म की स्थिति में लगती है। इसमें फांसी तक की सजा का प्रावधान है।

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दरिंदगी के बाद चाकू से रेत दिया था गला
राजस्थान के जैसलमेर निवासी देवी सिंह ने कबूला था कि 2 जून 2018 को बच्ची यमुना नदी पर मछली पकड़ने गए पिता के पास जाने को रो रही थी। तभी वह उसे उठाकर ले गया। उसे घोड़े सुस्त करने वाला इंजेक्शन लगाया। 3 बार रेप किया। होश आने लगा तो चाकू से गला रेत दिया। रात को खुद को चोट मारकर अस्पताल में भर्ती हो गया। 3 जून को फार्म पर बच्ची का शव मिला। देवी सिंह 11 साल से इस फार्म पर वेटरनरी सर्जन के सहायक के तौर पर काम कर रहा था।

फांसी के लिए हाईकोर्ट जाएंगे
12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के दोषी को कानून में फांसी की सजा का प्रावधान है। कोर्ट से फांसी की सजा की मांग की थी। सरकार से अनुमति के बाद हाईकोर्ट जाएंगे।

-सुरजीत आर्य, सरकारी वकील

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