एक साथ पोस्टमॉर्टम, एक ही अर्थी और एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार

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मां और 6 साल की मासूम का शव जैसे घर पहुंचा पूरा मोहल्ला रो पड़ा, आग का गोला बनी बस में जिंदा जले थे दोनों, मरने के बाद भी मां के सीने से लिपटी थी मासूम

एक साथ पोस्टमॉर्टम, एक ही अर्थी और एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार

लखनऊ. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर रविवार देर रात रोडवेज की एसी बस में अचानक लगी भीषण आग में 4 यात्री जिंदा जल गए थे। इसमें लखनऊ की मां-बेटी भी थीं। सोमवार को दोनों के शव जैसे ही राजाजीपुरम में पुराना सी-ब्लॉक स्थित उनके घर पहुंचे तो परिवारवाले तो क्या, पूरा मोहल्ला ही रो पड़ा। मां-बेटी को ऐसी दर्दनाक मौत मिली कि जलने और मरने के बाद भी उनके शव अलग नहीं किए जा सके। गौरतलब है कि एसी बस डिवाइडर से टकराने के बाद आग का गोला बन गई थी।

एक-दूसरे से चिपके रह गए मां और बेटी के शव
– दुर्घटनाग्रस्त हुई बस दिल्ली से लखनऊ आ रही थी। इसमें लखनऊ की डॉक्टर ज्योति निर्वाण अपनी 6 साल की बेटी नीति के साथ सवार थीं। आगरा एक्सप्रेस-वे पर अचानक टक्कर के बाद बस में आग लगने से मां-बेटी को बचने का मौका ही नहीं मिला। घटना के बाद जब बस से शव निकाले गए तो बेटी मां के सीने से चिपकी हुई थी और उसी स्थिति में जलकर दोनों की मौत हो गई। चिपकी स्थिति में ही शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। चिपकने के कारण दोनों के शव अलग नहीं किए जा सके। इसलिए दोनों का पोस्टमार्टम साथ हुआ। इसके बाद एक ही अर्थी सजी और मां-बेटी का अंतिम संस्कार भी एक साथ ही हुआ।

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डॉक्टर फैमिली से थीं ज्योति
– मृतका का नाम डॉ. ज्योति निर्वाण है। वो लखनऊ पीजीआई में कैंसर रोग विशेषज्ञ थीं। 38 साल की ज्योति अपनी 6 साल की बेटी के साथ बस में सवार थीं। ज्योति के पति डॉ. निशांत निर्वाण आयुर्वेदिक कॉलेज में बाल रोग विशेषज्ञ हैं। निशांत के बड़े भाई डॉ अनिल निर्वाण राजभवन में चिकित्सक और उनकी पत्नी डॉ विनीता रेसक्रॉस अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। ज्योति लखनऊ में पति-बेटी और सास-ससुर के साथ रहती थीं। पत्नी-बेटी का शव देख निशांत बदहवास हो गए। सभी देखने वाले भी फूट-फूटकर रो रहे थे।

हादसे में जिंदा जले ड्राइवर-कंडक्टर भी
– हादसे में 4 लोग जिंदा जल कर मर गए थे। इसमें मां-बेटी के अलावा एक रिजर्व ड्राइवर और कंडक्टर भी शामिल हैं। हादसे के वक्त बस में 7 लोग सवार थे, इसमें से 4 की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दो लोगों का इलाज चल रहा है।

ऐसे हुआ था हादसा
– दिल्ली से लखनऊ के लिए वॉल्वो बस रात करीब 10 बजे रवाना हुई और रात 2 बजे के करीब मैनपुरी के पास हादसा हुआ। दरअसल, इस बस के पीछे एक और बस चल रही थी, जिसका अचानक टायर फट गया। जिससे पीछे से उस बस ने वॉल्वो बस में टक्कर मारी। टक्कर से बस डिवाइडर से टकरा गई और उसके एसी में आग लग गई। आग बस में इतनी तेजी से फैली कि किसी को बचने का मौका नहीं मिला। रात होने के कारण बस में मौजूद सभी लोग सो रहे थे। मौके पर पहुंची दमकल की दो गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था।

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