एक शख्स ने सुनाई पाकिस्तानी जेल की रोंगटे खड़े कर देने वाली यातनाएं

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सचिन जब चौका लगाते थे तो गुस्से में पाकिस्तान की पुलिस जेल में बंद भारतीय मछुआरों को बरपाती थी कहर, इंडियन खिलाड़ी के हर शॉट पर मारती थी एक-एक डंडा

एक शख्स ने सुनाई पाकिस्तानी जेल की रोंगटे खड़े कर देने वाली यातनाएं

वलसाड (गुजरात). पाकिस्तान में बंदी बनाए गए विंग कमांडर अभिनंदन जिनीवा संधि के कारण पाक सेना के जुल्मों से बच गए और सुरक्षित भारत वापस आ गए। पाकिस्तान की जेल में बंद वलसाड के हिंगराज और हनुमानभागडा के मछुआरों को जेल में तरह-तरह के जुल्म सहने पड़ते हैं। अखिल भारतीय मछुआरा महासंघ के मंत्री दिनेश टंडेल ने अभिनंदन की तरह ही पाक में बंद मछुआरों की रिहाई की मांग की है।

टंडेल ने बताया कि उनके फूफा रामजी भवन टंडेल को 15 साल पहले 2004 में पाकिस्तान मरीन सिक्युरिटी ने पकड़ा था। दिनेशभाई अपने फूफा को मुंबई एयरपोर्ट पर लेने गए थे। वलसाड आते समय रास्ते में रामजीभाई ने पाक जेल की रोएं खड़े कर देने वाली यातनाएं सुनाई थी। रामजीभाई पाकिस्तानी जुल्म के बारे में बताते थे कि भारत-पाकिस्तान के मैच में जब सचिन एक चौका मारते थे तब पाकिस्तान की पुलिस जेल में बंद भारतीय मछुआरों को एक फटका लगाती थी (डंडे से पीटती थी)। इतना ही नहीं जितनी बार भारतीय टीम के चौके-छक्के लगते थे उनती बार भारतीय मछुआरों को जुल्म झेलने पड़ते थे।

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पाकिस्तान की जेल में जाने से अच्छा है मर जाना
अखिल भारतीय मछुआरा महासंघ के मंत्री दिनेश टंडेल ने बताया कि उनके फूफा अक्सर बताया करते थे कि पाकिस्तान की सेना इतने जुल्म ढाती थी कि मन करता था कि जेल में आने से अच्छा है म र जाना। दस बाय दस फीट के एक अंधेरी कोठरी में 10 कैदियों को रखा जाता है। कैदी अंधेरी कोठरी में रात बिताने को मबजूर होते हैं।

हनुमान भागड़ा के मछुआरों को दी जाती थी कड़ी यातनाएं
वलसाड के हनुमान भागड़ा के मछुआरे शुक्कर टंडेल को भी पाक मरीन ने पकड़कर जेल में ठूंस दिया था। शुक्कर के पिता को इसकी जानकारी 6 माह बाद मिली। डेढ़ साल पहले शुक्कर को पाक जेल से रिहा किया गया था। वे बताते थे कि मछुआरों को पाक जेल में कड़ी यातनाएं दी जाती थी।

हमारे पिता दिनेशभाई केशुभाई हाडला 2017 में समुद्र में मछली पकड़ने गए थे तभी पाक मरीन सिक्युरिटी ने उन्हें पकड़कर जेल में बंद कर दिया था। विजयभाई हाडला, पुत्र, मालवेट

हमारे एक रिश्तेदार बालूभाई मेरिया को 2017 में पाक मरीन सिक्युरिटी ने पकड़ा था। 9 महीने बाद बड़ी मुश्किल से उन्हें जेल से रिहा कराया गया। लक्ष्मणभाई मेरिया, रिश्तेदार

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