सेक्स रैकेट का आरोपी फेसबुक पर हुआ लाइव,कुछ देर बाद काट ली हाथ की नस…

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Live on facebook before suicide

फरवरी में सामने आए सेक्स रैकेट मामले में इस घटनाक्रम से पुलिस की कार्रवाई संदेह के घेरे मे।

गुना (एमपी)। इस साल फरवरी में सामने आए बहुचर्चित सैक्स रैकेट कांड के एक आरोपी ने शुक्रवार को नाटकीय परिस्थितियों में हाथों की नस काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की। नस काटने से पहले उसने फेसबुक पर लाइव संदेश भेजा। इसमें उसने पुलिस पर परेशान करने का आरोप लगाया। उसका यह मैसेज उसके कुछ दोस्तों ने मोबाइल पर देख लिया और उसके परिजनों को फोन पर सूचना दे दी वक्त रहते उसे उसकी मां ने देख लिया और अस्पताल ले आई।

आरोपी फिरोज के खिलाफ अप्रैल माह में कैट पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार का प्रकरण दर्ज किया था लेकिन वह अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका। फेसबुक पर उसने यह दावा किया कि इस मामले की नाबालिग पीड़िता ने उसका नाम नहीं लिया था। फिर भी पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इधर पुलिस का कहना है कि आरोपी फिरोज के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर ही प्रकरण दर्ज हुआ है।

पांच दिन तक मुझे हिरासत में रखा : फिरोज

फिरोज का कहना था कि सेक्स रैकेट मामले की पीड़िता ने उसका नाम नहीं लिया था। फिर भी 13 अप्रैल 2018 को कैंट थाने में उस पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। उसे 5 दिन अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। मारपीट भी की गई। उसने आरोप लगाया कि कैंट थाने के पूर्व कैंट टीअाई आशीष सप्रे और सब इंस्पेक्टर पूजा गुरैया ने उससे 1.50 लाख रुपए भी लिए। उसने आगे कहा कि पैसे लेने के बावजूद पुलिस ने फोन पर उस पर दबाव बनाने का सिलसिला जारी रखा। उसे फरार बता दिया गया। इसलिए उसके पास आत्महत्या करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

दोपहर 3.30 बजे मैसेज लाइव हुआ, 4.15 पर वह अस्पताल लाया गया

आरोपी को अस्पताल किन परिस्थितियों में लाया गया, इसे लेकर दो बातें सामने आ रही हैं। पहली बात यह है कि फेसबुक पर उसके दोस्तों ने मैसेज देखा और परिवार को सूचना दी। वहीं दूसरी ओर यह बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 3.30 बजे तक वह लाइव रहा। इसके बाद उसने नस काटी और दूसरी मंजिल पर अपने कमरे में चला गया। उसकी पत्नी ने घर के फर्श पर खून देखा तो उससे आरोपी की मां को बुलाया। इसके बाद दोनों उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। चूंकि जीनघर से अस्पताल की दूरी बहुत ज्यादा नहीं है, इसलिए उसे ठीक समय पर लाया जा सका। पूरा घटनाक्रम 3.30 पर 4.15 के बीच का बताया जाता है।

क्या है सेक्स रैकेट का मामला

31 जनवरी 2018 को शहर के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल की एक छात्रा अपने घर से लापता हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने अपहरण का मामला कर जांच शुरु की थी। जैसे ही वह गहराई में उतरी तो इसके तार देह व्यापार से जुड़ते नजर आए। 2 फरवरी 2018 पुलिस ने उक्त छात्रा को बूढ़े बालाजी निवासी रशीद कुरैशी के घर से बरामद किया। उक्त शख्स पर आरोप लगा कि उसने व उसकी पत्नी और उसके साथ रहने वाले अन्य लोगों ने छात्रा को देह व्यापार में उतार दिया था। इस दौरान जुलाई में उक्त छात्रा अचानक गायब हो गई। इससे पुलिस के पैरों तले की जमीन खिसक गई। हालांकि बाद में वह गुजरात में मिल गई।

6-7 माह से चुप क्यों रहा आरोपी

यह मामला 6-7 माह पुराना है, तब से आरोपी चुप क्यों था। मामले का चालान पेश हुए भी 3 माह हो चुके हैं। मामला अदालत में लंबित है। अब यह अचानक सामने क्यों आ रहा है? मेरी मांग है कि इसकी जांच हो। वह अपने आप को बचाने के लिए झूठ बोल रहा है। इस मामले में या तो मुझ पर लगे आरोप साबित किए जाएं या फिर मैं मानहानि का मुकदमा करुंगा। आशीष सप्रे, तत्कालीन कैंट थाना प्रभारी 

पहले शिकायत क्यों नहीं की

अगर आरोपी से रिश्वत मांगी जा रही थी तो उसने पहले शिकायत क्यों नहीं की। अब पर मामला दर्ज हो चुका है और अदालत में सुनवाई भी चल रही है। अगर वह बेगुनाह है तो उसे अदालत में पेश होना चाहिए। -निमिष अग्रवाल, एसपी