लोग पीछे दौड़े तो ऑफिस से 50 मी. दूर बाइक खंभे से टकराई, फिर आरोपी ने माथे पर मारी गोली

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10 साल पुराना बदला लेने के लिए केमिस्ट ने लेडी इंस्पेक्टर को दी दर्दनाक मौत, ऑफिस में घुसकर 5 साल की बच्ची से सामने सीने में मारी 4 गोलियां, आरोपी ने कुछ दिन पहले ही खरीदी थी रिवॉल्वर, चाकू भी लाया था बैग में रखकर

सख्त मिजाज अफसर थीं वो, उनकी रेड को लेकर हमेशा बना रहता था खौफ

मोहाली (चंडीगढ़) पंजाब ड्रग, फूड एंड कैमिकल टेस्टिंग लेबोरेट्री खरड़ में शुक्रवार को 50 साल के बलविंदर सिंह ने जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी डॉ. नेहा शौरी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद बलविंदर मौके से भाग निकला। लेकिन ऑफिस से 50 मीटर दूर ही स्टाफ ने उसे घेर लिया। यहां आरोपी ने रिवॉल्वर माथे पर लगाई और खुद को भी गोली मार ली।

10 साल पहले नेहा शौरी ने छापेमारी कर बलविंदर की केमिस्ट शॉप से 35 प्रकार की प्रतिबंधित दवाएं बरामद की थीं। शॉप सील कर दी गई। हॉस्पिटल खोला तो वह भी बंद हो गया। बस इसी बात का बदला बलविंदर सिंह ने शुक्रवार को लिया। रंजिश इतनी थी कि चार गोलियां डॉक्टर की छाती में मारीं। बलविंदर मोरिंडा का रहना वाला था। परिवार में दो बेटियां, एक बेटा, पत्नी व बुजुर्ग विधवा मां है। बड़ी बेटी विदेश में पढ़ती है। छोटी बेटी 12वीं में है और बेटा 15 साल का है।

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लोग पीछे दौड़े तो ऑफिस से 50 मी. दूर ही बाइक खंभे से टकराई, फिर अपने माथे पर मारी गोली…
रोजाना की तरह शुक्रवार को 40 साल की डॉ. नेहा शौरी ऑफिस की दूसरी मंजिल पर अपने रूम नंबर-211 में ड्यूटी पर तैनात थीं। नेहा अपनी 5 साल की भतीजी को भी अपने साथ दफ्तर लेकर आई हुई थीं। वे अपने कैबिन में काम कर रही थीं कि सुबह 11:30 बजे लाल रंग की टी-शर्ट पहने एक शख्स अंदर दाखिल हुआ। कुछ पल बात करने के बाद उसने अचानक डॉक्टर को दबोच लिया। बैग से रिवाॅल्वर निकाली और चार फायर कर दिए। गोली डॉ. नेहा की बाजू और छाती पर लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से भागने लगा। गोली की आवाज सुनते ही कम्प्यूटर ऑपरेटर गुरमीत सिंह आरोपी को पकड़ने के लिए शोर मचाते हुए उसके पीछे भागा। ऑफिस के दूसरे साथी भी उसके पीछे दौड़ने लगे। आरोपी पार्किंग में खड़ी अपनी बाइक नंबर पीबी-12एस-4670 पर सवार होकर भागने लगा। वह लेबोरेट्री के गेट से करीब 50 मीटर आगे ही जा पाया था कि लोगों ने उसे घेर लिया। इससे आरोपी हड़बड़ाकर एक बिजली के पाले से टकरा गया। तभी लैब में तैनात लैब टेक्नीशियन सुरेश कुमार ने हमलावर को पकड़ लिया। भीड़ को अपनी ओर आता देख आरोपी ने रिवाॅल्वर निकाली और अपने सीने व माथे पर गोली मार ली। इसके बाद दोनों घायलों को हॉस्पिटल खरड़ ले जाया गया। डॉ. नेहा की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें मैक्स हॉस्पिटल रेफर कर दिया, जहां पहुंचकर उनकी मौत हो गई। वहीं, आरोपी व्यक्ति को डॉक्टरों द्वारा पीजीआई रेफर कर दिया गया, जहां पहुंचते ही उसकी भी मौत हो गई।

11 मार्च को ली थी रिवॉल्वर, चाकू भी लाया था बैग मेंपुलिस जांच में पाया गया कि बाइक नंबर मोरिंडा निवासी बलविंदर सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है। इसके बाद मृतक की पहचान हुई। पुलिस ने मौके से मृतक के पास से उसकी लाइसेंसशुदा .32 बोर की रिवाॅल्वर बरामद की, जो खाली थी। क्योंकि आरोपी ने नेहा को चार और खुद को दो गोलियां मारी थीं। पुलिस ने मौके से मृतक का बैग बरामद किया, जिसमें से एक तेजधार चाकू, 12 लाइव कारटरेज (बुलेट) व रिवाॅल्वर का लाइसेंस बरामद किया है। आरोपी ने 8 मार्च 2019 को ही रिवाॅल्वर का लाइसेंस बनवाया व 11 मार्च को .32 बोर रिवाॅल्वर खरीदकर इस लाइसेंस पर दर्ज करवाया था। इस बैग से मिले सामान से यह बात तो स्पष्ट होता है कि आरोपी डॉक्टर को कत्ल करने के इरादे से ही आया था।

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2009 में नेहा शौरी ने मारा था छापाबलविंदर की मोरिंडा में ‘सिमरन मेडिकल स्टोर’ नाम से केमिस्ट शॉप की दुकान थी। 29 सितंबर 2009 को तत्कालीन डॉक्टर ड्रग इंस्पेक्टर नेहा शौरी ने छापेमारी कर केमिस्ट शॉप से 35 प्रकार की प्रतिबंधित दवाएं बरामद की थीं। इसके बाद दुकान सील कर लाइसेंस रद कर दिया था।

हॉस्पिटल बंद हुआ तो नौकरी करने लगा... शॉप सील होने के बाद बलविंदर ने रिश्वत देकर मोरिंडा में जेपी हॉस्पिटल खोला। पिछले साल ही डॉक्टर नेहा ने यहां चेकिंग की और डॉक्यूमेंट पूरे न होने के कारण हॉस्पिटल बंद करवा दिया। अब बलविंदर प्राइवेट हॉस्पिटल में नौकरी करने लगा था। वह कई बार डॉक्टर के ऑफिस में लाइसेंस को जारी करवाने के लिए गया था, लेकिन उसकी मांग पूरी नहीं हुई।

सख्त मिजाज थीं नेहा, केमिस्टों में रहता था इनका खौफ
ड्रग इंस्पेक्टर डॉ. नेहा सख्त मिजाज अफसर थीं। केमिस्टों में उनकी रेड को लेकर हमेशा खौफ बना रहता था।

रोटरी क्लब का मेंबर भी था आरोपी बेटी यूक्रेन में कर रही एमबीबीएस
घर चलाने के लिए बलविंदर सिंह इन दिनों कुराली के एक निजी अस्पताल में रात की ड्यूटी करता था और उसकी पत्नी का अपना ब्यूटी पार्लर का काम है। उसके मन में एक ही बात खटक रही थी कि उसकी बर्बादी के पीछे नेहा शौरी है। इसने उसकी दुकान सील करवाई थी जिसके बाद उसने उससे बदला लेने की बात सोची और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद खुद को भी उसने गोली मार ली। आरोपी बलविंदर सिंह पुत्र गुरचरन सिंह मोरिंडा के वार्ड नंबर 14 खालसा कालेज के पास रहता था। आरोपी के 2 बेटियां और एक बेटा है। उसकी सबसे बड़ी बेटी यूक्रेन में डाक्टरी की पढ़ाई कर रही है। दूसरी बेटी अमनप्रीत कौर और बेटा सिमरनदीप सिंह मोरिंडा में ही हैं। आरोपी के साथ इन बच्चों के अलावा उसकी बुजुर्ग माता व पत्नी भी रहती थी। आरोपी रोटरी क्लब का भी मेंबर था। वहीं दूसरी ओर डॉ. नेहा पंचकूला की रहने वाली थी। बताया जा रहा है कि नेहा की अढाई साल की बेटी है जबकि पति भी किसी बड़े आेहदे पर काम करते हैं। फिल्हाल पुलिस अभी जांच में जुटी थी। दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंपे जाएंगे।

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