लड़की ने कहा- मैं तो दफन होने वाली थी, तभी किसी ने उंगली पकड़ ली…

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10 seconds saved girl life by young man

बूंदी (राजस्थान)।शहर के व्यस्ततम मार्ग पर सोमवार शाम हुए एक हादसे ने तीन बड़े सवाल खड़े कर दिए। हादसे के पीछे जानलेवा लापरवाही सामने आई। अपनी क्लासमेट से नोट्स लेकर स्कूटी से घर लौट रही छात्रा प्राची शृंगी घुमावदार गहरे नाले में स्कूटी सहित जा गिरी। शुक्र है भगवान का राहगीरों की नजर छात्रा की अंगुलियाें पर पड़ गई। तत्परता दिखाते एक युवक ने उसे सकुशल बाहर निकाल लिया। नाले में धंसी स्कूटी को बाहर निकालने में घंटेभर का समय लगा।

पूरा घटनाक्रम प्राची की जुबानी…

मैं एमकॉम प्रीवियस की छात्रा हूं। सोमवार को सहेली के घर से लौटते समय तेज बरसात शुरू हो गई। चित्तौडरोड से लंकागेट की ओर घुमाव पर सड़क पर पानी भरा था। मेरी स्कूटी के आगे एक ट्रक चल रहा था। घुमाव पर ट्रक रुक गया। ट्रक जब आगे नहीं बढ़ा तो स्कूटी निकालने के लिए मैंने साइड से होकर निकलना चाहा। सड़क पर भरा पानी और नाले का पता ही नहीं चला। मैं स्कूटी सहित नाले में जा गिरी। नाला इतना गहरा था कि मैं पूरी उसमें डूब गई। बहाव तेज होने से अचानक ऊपर की ओर आई। मेरे पैर दलदल में धंसी स्कूटी के पायदान पर आ गए। स्कूटी पर खड़े होने के बावजूद मेरे हाथ की अंगुलियां ही बाहर निकल पाई। अचानक किसी ने मेरे हाथों की अंगुलियां पकड़ ली और बाहर निकालने का प्रयास किया। उन्होंने मुझसे कहा- जहां खड़ी हो, वहीं रहना, मेरे हाथ पकड़कर उन्होंने मुझे बाहर निकाल लिया। बाहर देखा कि लोग मोबाइल पर वीडियो बना रहे हैं तो मन बड़ा दुखी हुआ।

ऐसे बचाया- रणवीर गुर्जर की जुबानी

मैं पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत हूं। मैं लंकागेट की ओर आ रहा था। मोड़ पर जाम सा लगा था। मैंने देखा कि मेरे साइड में चल रही स्कूटी सवार लड़की बचाने के लिए चीखी। मैं कुछ समझ पाता, तब तक उसकी स्कूटी का आगे का टायर नाले में जा चुका था। देखते ही देखते वो भी नाले में समा गई। मैं भी उसे बचाने के लिए चिल्लाया, लेकिन किसी ने आवाज नहीं सुनी। मैं तुरंत अपनी बाइक को गिराकर नाले की तरफ दौड़ा। लड़की नाले की गहराई में समा चुकी थी। सिर्फ उसका एक हाथ का पंजा बाहर था। मैंने उसके हाथ को कसकर पकड़ लिया। बहाव के साथ उसे धीरे-धीरे बाहर निकालना शुरू किया। 10 सैकंड भी देरी हो जाती तो बचाना मुश्किल हो जाता। लोगों का जमघट लग गया। लड़की घबराई हुई थी, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी थी। मुझे नाम व पता बताया। उसका मोबाइल पानी में खराब हो चुका था। बाद में उसने किसी दुकानदार के मोबाइल से पिता से बातकर उन्हें बुलाया।

– नाला किसी भी विभाग का हो। सवाल लोगों की सुरक्षा का है। आज जो हादसा हुआ वो काफी गंभीर है। पीडब्ल्यूडी की ओर से वहां सुरक्षा दीवार बनवा दी जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटना ना हो।

– जगदीश मंत्री, एईएन, पीडब्ल्यूडी

नाला पीडब्ल्यूडी का है। कर्मचारी भिजवा दिए गए थे, लेकिन तब तक युवती व स्कूटी को बाहर निकाल लिया था। हम वहां रेलिंग लगवा देंगे।

-महावीर मोदी, सभापत