राम मंदिर: …तो फिर कारसेवकों को क्यों मरवाया : तोगड़िया

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हरदोई विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने मोदी सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाना था लेकिन बना दिया ट्रिपल तलाक के लिए। तोगड़िया ने यह भी कहा कि अगर विजयदशमी तक केंद्र सरकार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून नहीं लाती है तो लखनऊ से अयोध्या की ओर कूच किया जाएगा। यही नहीं उन्होंने दो टूक कहा कि अगर राम मंदिर पर कोर्ट के फैसले का ही इंतजार करना था तो कारसेवकों को क्यों मरवाया?

हरदोई के गांधी मैदान में अपने नए संगठन अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे तोगड़िया ने केंद्र की मोदी सरकार पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार सोमनाथ की तर्ज पर कानून बनाकर अयोध्या में राम मंदिर बनवाए। बीजेपी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रस्ताव पास किया था, यही नहीं चुनावी घोषणा पत्र में भी बीजेपी ने इसे शामिल किया था। 2014 से पूर्ण बहुमत की सरकार है। कानून बनाना था मंदिर बनाने के लिए लेकिन ट्रिपल तलाक का कानून बनाया।’

‘कारसेवा में मांओं ने अपने बेटे खोए हैं’
तोगड़िया ने आगे कहा, ‘मंदिर के लिए अब कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। अगर कोर्ट के फैसले का ही इंतजार करना था तो कारसेवकों को क्यों मरवाया? कारसेवा में मांओं ने अपने बेटे खोए हैं, बहन ने अपना भाई और स्त्री ने अपना पति। पूर्ण बहुमत की सरकार के बावजूद भगवान राम टाट की झोपड़पट्टी से अभी तक अपने घर में नहीं आए। हमारी मांग है कि राम मंदिर के निर्माण का कानून बने, काशी में ज्ञानवापी हटाओ, समान नागरिक संहिता लागू करो।’

तोगड़िया ने कहा, ‘मेरा नारा हिंदुओं का साथ हिंदुओं का विकास है, हमें तीसरा विकल्प चाहिए। हमें शर्मिंदगी नहीं चाहिए, हमें राम मंदिर चाहिए। हमें काशी, मथुरा चाहिए। कश्मीर में हिंदुओं को बसानेवाली सरकार चाहिए, कश्मीर में आतंकियों के सीने पर गोली नहीं चलाने वाले नहीं चाहिए।’

उन्होंने कहा, ‘आज सैनिक मारे जा रहे हैं, किसान गरीबी से आत्महत्या कर रहे हैं। गांव में बेटियां सुरक्षित नहीं, देवरिया और मुजफ्फरपुर उदाहरण हैं। यहां तो हर गलियों में बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं, कसाई आज गो हत्या कर रहे हैं और सरकार गोहत्या कानून का पालन नहीं करा पा रही है। हनुमान ने लंका नहीं जलाई, उसका जिम्मेदार सिर्फ रावण था। ऐसे ही अगर कसाई गाय न मारता तो भीड़ नहीं मारती और पहलू खान की हत्या की जिम्मेदार गो हत्या है, भीड़ नहीं।