बड़े भाई को किडनी डोनेट करने के लिए छोटे ने कर ली खुदकुशी, फिर भी नहीं हो सका ट्रांसप्लांट

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aajtaklives hindi news

वडोदरा (गुजरात).यहां इंजीनियरिंग के एक स्टूडेंट ने बड़े भाई की जान बचाने के लिए खुद की जान दांव पर लगा दी। 19 साल का नैतिक तंदेल अपने बीमार भाई को किडनी डोनेट करना चाहता था। इसके लिए शनिवार को उसने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लेकिन उसका ये बलिदान काम न आ सका। दरअसल, डेडबॉडी डिकम्पोज्ड होने की वजह से किडनी ट्रांसप्लांट नहीं किया जा सका। कमरे से मिला सुसाइड नोट…
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– जानकारी के मुताबिक, पुलिस को उसके कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इसमें मृतक नैतिक ने बड़े भाई कनिष को किडनी डोनेट करने की इच्छा जताई थी।

– नैतिक ने सुसाइड नोट में लिखा है ‘बड़े भाई को किडनी डोनेट करना चाहता हूं, इसलिए अपनी मर्जी से जान दे रहा हूं। इसमें किसी का कोई हाथ नहीं है और किसी से भी आत्महत्या को लेकर पूछताछ न करें।’
– ‘किडनी बड़े भाई को दिए जाएं, बाकी बॉडी पार्ट्स किसी न किसी जरूरतमंद को दान कर दिए जाएं। नैतिक वलसाड के पारदी का रहने वाला था। वह वरनामा में बाबरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में सेकंड ईयर का स्टूडेंट था। 25 जून से थर्ड ईयर की पढ़ाई शुरू होने वाली थी।

– नैतिक के पिता रिटायर्ड हैं। वहीं मां हाउस वाइफ हैं। घरवालों के मुताबिक, 20 जून की शाम को फोन पर उनकी नैतिक से बात हुई थी। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान वह तनाव में नहीं लग रहा था।
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बड़े भाई की तकलीफ नहीं सह पाया
– जानकारी के मुताबिक, नैतिक का बड़ा भाई पिछले कई दिनों से बीमार चल रहा है। उसकी दोनों किडनी फेल हो चुकी थी और कई दिनों से डाइलिसिस पर है।
– बताया जा रहा है कि बड़े भाई की तकलीफ उससे देखी नहीं गई। उसने भाई को किडनी डोनेट करने के बारे में सोचा। इसके लिए खुद को हॉस्टल में बंद कर फांसी लगा ली।
– नैतिक की इच्छा पर परिजनों ने जिले के एसएसजी हॉस्पिटल के डॉक्टरों से किडनी ट्रांसप्लांट के लिए मदद मांगी। लेकिन जब डेडबॉडी को अस्पताल लाया गया, तब डॉक्टरों ने ट्रांसप्लांट करने से इनकार कर दिया।

– डॉक्टरों का कहना था कि नैतिक की बॉडी डिकम्पोज हो गई थी। उसके शव को खुदकुशी के 36 घंटे बाद बरामद किया गया होगा। इस कारण उसकी किडनी ट्रांसप्लांट के लिए इस्तेमाल नहीं की जा सकी।