जानबूझ कर रात को लगाते हैं ड्यूटी, मेरा रेप हो जाए तो…

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Junior officer takes serious charge against senior officer

रांची/हजारीबाग. हजारीबाग के दो अफसरों का विवाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हजारीबाग के डीसी रविशंकर शुक्ल पर टॉर्चर के आरोप लगाते हुए एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट दीपमाला ने खुला लेटर लिखा है जो व्हाट्स एप पर वायरल हो रहा है। उन्होंने इस लेटर में डीसी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपमाला ने इस संबंध में अभी तक सीनियर अधिकारियों को कोई शिकायत नहीं दी है, मगर वायरल हुए उनके 9 पेज के लेटर पर अपर मुख्य सचिव कार्मिक, केके खंडेलवाल ने उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडलीय आयुक्त से पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है।

डिप्टी कलेक्टर के व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजा 9 पेज का खुला लेटर, लगाए 5 गंभीर आरोप 

1. बेइज्जत करते हैं डीसी –  दीपमाला ने लेटर में लिखा है कि डीसी सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करते हैं। वे किसी एक को टार्गेट कर चिल्लाते हुए डांटते हैं कि शेष सब के बीच भय का माहौल कायम हो। डीसी का ट्रांसफर होने पर वह लड्‌डू बाटेंगी। वह एक साल से फीयर सायकोसिस में जी रही हैं। उन्हें किसी का सपोर्ट नहीं चाहिए। वह जानती हैं कि लेटर लिखने का नतीजा कितना खराब होगा।

2. कई का वेतन ही बंद –  हजारीबाग का कई क्षेत्रों में नेशनल लेवल पर अच्छा स्थान है, पर इसमें डीसी का नहीं, जिले के विभिन्न बीडीओ-सीओ का योगदान है, जिनसे बंधुआ मजदूरों से भी खराब तरह से काम लिया जाता है। कई अफसरों की सैलरी पिछले छह महीने से बंद है।

3. मेरा रेप हो जाए तो… :   दीपमाला ने आरोप लगाया है कि झासा के अधिकारी को डेरोगेट कर डीसी को सैडिस्टिक प्लेजर का अनुभव होता है। अकेली मां होने के कारण छोटा बेटा रात में मेरे साथ रहना चाहता है। जब से यह बताया, उन्होंने जानबूझ कर रात में ही ड्यूटी लगाई। वह भी वहां, जहां महिला अधिकारी सुरक्षित नहीं। ऐसे में उनका रेप या हत्या हो जाए तो क्या डीसी उसकी जिम्मेवारी लेंगे।

4. नहीं देते स्पेशल लीव : 19 अगस्त को दो दिन के स्पेशल लीव के लिए आग्रह किया, पर डीसी ने कहा कि वह लिख कर दें कि ऐसे डीसी के साथ वह काम नहीं कर सकती या छुट्टी पर चली जाएं। फिर राइस मिल सील करने की ड्यूटी लगा दी। बदला लेने की भावना से 20 अगस्त से लगातार 5 दिन तक ड्यूटी लगा दी। स्पेशल लीव रद्द करने का डीसी को कोई अधिकार नहीं।

5. अब खोजेंगे गलती : दीपमाला ने लेटर में आशंका जाहिर की है कि अब उसके काम में गलती खोजने की डीसी हर संभव कोशिश करेंगे। इसके बाद उन्हें नौकरी से हटाए जाने का प्रयत्न किया जाएगा। पर, वह इसके लिए तैयार हैं, क्योंकि मेंटली टॉर्चर किए जाने के बाद अब वह मानसिक रूप से मजबूत हो गई हैं। उन्होंने लिखा है कि वह पिछले एक साल से परेशान हैं।

पिछले एक साल से हूं परेशान : हम एक साल से बहुत परेशान हैं, इसलिए जो भी मेरे मन में आया वह सब लिख दिया। मैंने अभी सीनियर अधिकारियों को कोई लेटर नहीं भेजा है।

– दीपमाला, एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट, हजारीबाग 

हमेशा मिला है स्पेशल लीव :  दीपमाला को सदैव स्पेशल लीव मिलता रहा है। अभी भी स्पेशल लीव दिया गया। हमें एक-दूसरे के सहयोग से योजनाएं पूरी करनी हैं।
– रविशंकर शुक्ल, डीसी, हजारीबाग