कैब ड्राइवर ने बताया- कितना भयानक था वो मंजर, बोला- जले पैर जमीन पर लटक रहे थे

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रात 11 बजे घर से निकला था और ढाई KM दूर जाते ही आग का गोला बन गई कार, जिंदा जल गया उसमें बैठा 38 साल का इंजीनियर

मोहाली। गुरुवार रात सेक्टर-79/80 से बनूड़-लांडरां रोड को जोड़ने वाली सड़क पर एक चलती कार में आग लग गई। कार सवार इंजीनियर माधव चतुर्वेदी (38) इसमें जिंदा जल गया। सेक्टर-108 में रहने वाले माधव आइडिया हरियाणा में एजीएम की पोस्ट पर तैनात थे। वे मोहाली के सेक्टर-108 में रहते थे। गुरुवार रात 11 बजे माधव अपने घर से निकले। करीब ढाई किलोमीटर दूर उनकी आई-10 कार आग की लपटों में घिर गई। मामला संदिग्ध लग रहा है। मौके पर पहुंचे फोरेंसिक साइंटिस्ट ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद 13 नमूने लिए। इसमें खून के सैंपल, एक जली हुई हड्डी, मांस के कुछ टुकड़े सील किए हैं। टीम हेड का कहना है कि डीएनए से साफ होगा कि यह जला शव माधव का ही है या किसी और का।

कैब चालक ने देखा सबसे पहले…

गुरुवार रात साढ़े 11 बजे एक ओला कैब चालक जतिन ने पुलिस को फोन कर कहा- एक कार तेज रफ्तार में आ रही है। कार में आग लगी है और वह कार खदानों में उतर गई है। मौके पर सोहाना थाना पुलिस पहुंची और फायरब्रिगेड को बुलकार आग को बुझाया। कार के अंदर बैठा ड्राइवर बुरी तरह से जल चुका था। ड्राइवर साइड की खिड़की खुली थी और जले इंसान के दोनों पैर जमीन पर लटककर रहे थे। सवाल उठ रहा है कि यह हादसा है या मर्डर। क्योंकि ऐसा बहुत कम होता है कि कार को आग लग जाए और चालक उससे निकल न पाए।

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जली नंबर प्लेट से हुई मालिक की पहचान…

कार से ऐसी लपटें निकल रही थीं कि करीब 30 फुट ऊंचे सफेदे के पेड़ भी जल गए। गाड़ी एचआर 03यू-9250 माधव चतुर्वेदी के नाम पर थी, जिसका पता पंचकूला की आईटी कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड था। पुलिस ने कंपनी कर्मचारियों को मैसेज करवाया तो शुक्रवार सुबह सेक्टर-108 माधव का ही एक पड़ोसी अमित अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने जा रहा था। वहां से गुजर समय भीड़ देखी तो रुक गया और उसने माधव की गाड़ी की पहचान की। इसके बाद एसएचओ त्रिलोचन को बताया और माधव के घर लेकर गया। यहां पर मेड जसपाल कौर मिली।

रात को 11 बजे घर से निकला था, ढाई किमी. दूर लग गई आग…

जब पुलिस मौके पर पहुंची तो गाड़ी में आग लगी हुई थी और शव बुरी तरह से चल चुका था। ड्राइव साइड की खिड़की खुली थी और मृतक के दोनों पैर बाहर की तरफ लटक रहे थे। इससे लग रहा था कि माधव ने बाहर निकलने का प्रयास किया। मृतक माधव के दोस्त मुनीष अराेड़ा ने बताया कि उनकी कंपनी का रूल है कि बिना सीट बेल्ट कोई कर्मचारी या ऑफीसर गाड़ी नहीं चला सकता। यदि टू व्हीलर है तो हेलमेट और उसके साथ रेडियम जैकेट पहना जरूरी था। माधव ने सीट बेल्ट लगाई होगी।

रिश्तेदार बोले- कत्ल किया गया

माधव की पत्नी, बेटा-बेटी कोटा गए हुए थे। रिश्तेदार सुबोध चतुर्वेदी ने कहा कि यह कोई हादसा नहीं है, मर्डर है। किसी ने गाड़ी को आग लगाकर उसको जलाया है। ऐसा कभी होता नहीं कि गाड़ी को आग लगे और ड्राइवर सुरक्षित बाहर न निकल सके।

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