कार के उड़ गए परखच्चे; बॉडी से बाहर जा गिरा इंजन, इतना भयानक था हादसा

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Two friends die in car accident

लुधियाना। बारिश के चलते खराब मौसम, लेटनाइट तक बर्थ डे पार्टी और तेज रफ्तार शहर के तीन होनहार नौजवानों के लिए जानलेवा बन गई। नेशनल हाईवे पर काराबारा चौक के पास रविवार तड़के 3:30 बजे हुए भीषण हादसे में दो दोस्तों की मौत हो गई जबकि तीसरा सीएमसी में गंभीर है। बताते हैं कि तीनों दोस्त पार्टी के बाद लॉन्ग ड्राइव पर निकले थे। बारिश हो रही थी, हवा भी तेज थी तो टोल से पहले यू टर्न लेकर लौट पड़े। तभी हाईवे पर एक जगह बरसाती पानी से कार गुजरी तो बौछार फ्रंट शीशे पर आ गिरी। दिखाई न देने से ड्राइव कर रहा युवक संतुलन खो बैठा। बेकाबू होकर कार डिवाइडर पर लगे खंभे से जा टकराई और पलटियां खाते हुए दूसरी साइड चली गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि जमीन में डेढ़-दो फीट गड़ा सीमेंटेड खंभा भी उखड़ गया। कार के परखच्चे उड़ गए। बॉडी से इंजन अलग हो गया। दरअसल, कार की स्पीड जरूरत से कहीं ज्यादा थी।

कार चला रहे अश्विनी विज(22) की मौके पर ही मौत हो गई, बगल बैठे एकलव्य शर्मा (22) ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया जबकि तीसरा दोस्त शुभम (22) सीएमसी में भर्ती है। हालत गंभीर है। लोगों ने बताया कि तीनों युवक कार में बुरी तरह से फंसे थे। पुलिस ने पहुंचने पर क्रेन से उन्हें निकाला गया। जमालपुर में मुंडियां कलां के रहने वाले तीनों युवक अपने-अपने परिवारों के इकलौते बेटे थे। चंडीगढ़ रोड पर स्थित एक होटल में एकलव्य की बर्थ डे पार्टी के बाद फगवाड़ा के लिए लॉन्ग ड्राइव पर निकले थे, लेकिन खराब मौसम के चलते इरादा बदल दिया और लाडोवाल टोल प्लाजा से पहले कार वापस शहर की ओर मोड़ ली थी। थाना बस्ती जोधेवाल के एएसआई गुरमीत सिंह ने बताया कि तीनों में 8-10 साल से दोस्ती थी और रेयान इंटरनेशनल स्कूल के छात्र थे। वहीं, देर शाम एकलव्य व अश्विनी का संस्कार कर दिया गया।

स्टडी वीजा पर विदेश जाना चाहते थे एकलव्य, शुभम

एकलव्य के पिता भूपिंदर शर्मा की चंडीगढ़ रोड पर शर्मा शू स्टोर है और वह वास्तु शास्त्र का काम भी करते हैं। एकलव्य स्टडी वीजा पर कनाडा जाने की तैयारी कर रहा था। अिश्वनी के पिता राजकुमार मनीला में और मां जगराओं में रहती हैं। वह काफी समय से अपने बुआ के बेटे के पास रहता था, जिनका फोर्टिस अस्पताल के सामने विज गेस्ट हाउस है। उसने 4 माह पहले ही श्रृंगार सिनेमा रोड पर दास किचन एंड हार्डवेयर नाम से दुकान खोली थी और नई कार ली थी। इसी कार से तीनों दोस्त निकले थे। वहीं, जख्मी शुभम भट्ट के पिता देवी भट्ट हीरो ग्रुप में सीनियर अफसर हैं। वह बीबीए का स्टूडेंट है और आईलेट्स की तैयारी कर रहा था। अपने दोस्त एकलव्य की तरह शुभम भी स्टडी वीजा पर विदेश जाना चाहता था।

अक्सर आगे ही बैठता था शुभम, पहली बार पीछे बैठा, शायद इसी संयोग से जान बच गई

शुभम के बुजुर्ग पिता देवी भट्ट ने बताया कि बेटा एलपीयू के चंडीगढ़ रोड स्थित सेंटर से बीबीए कर रहा है। उन्हीं के साथ हीरो कंपनी में एचआर का भी काम सीख रहा है। शुभम के मामा गनेश दत्त की 2017 में संगरूर के पास सड़क हादसे में मौत के बाद उसकी मां कोमा में चली गईं। स्टडी के साथ बेटा घर पर मां का ध्यान भी रखता था। शनिवार रात करीब साढ़े 10 बजे वह सोने लगे तो शुभम को फोन आया। उसके दोस्त ने अपना जन्मदिन होने की बात कहकर घर के बाहर मेन गेट पर आने को कहा। शुभम बाहर गया और बारिश के कारण कार में बैठ गया। फिर सब कार से निकल गए। कुछ देर बाद फोन किया तो शुभम ने बर्थ-डे ब्वॉय के घर पर होने की बात कही। डेढ़ घंटे बाद दोबारा फोन किया तो उसने बारिश के कारण दोस्त के घर रुकने की बात कही। देवी के अनुसार शुभम हमेशा कार की अगली सीट पर बैठता था। पहली बार पीछे बैठ गया। शायद इसी कारण उसका बचाव हो गया। ब्यास से शादी अटैंड कर आ रहे शुभम के दोस्त एक्सीडेंट देख रुके तो शुभम को खून से लथपथ देख उसके मोबाइल से घर फोन कर सीएमसी अस्पताल ले गए। वहीं, उपचाराधीन शुभम के अनुसार बारिश का पानी और तेज हवा से कार असंतुलित हुई और हादसा हो गया।