एक ही परिवार के 4 लोग सहित 7 की दर्दनाक मौत; सड़क पर फैला था खून ही खून…बिखरे पड़े थे

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अम्बाला सिटी (हरियाणा)। चंडीगढ़ के सेक्टर-30 से वृंदावन के लिए दो सहेलियां अपने परिवार के साथ जा रही थीं। ड्राइव इन-22 के पास आगे जा रही टवेरा के इंजन से डीजल लीक होकर सड़क पर फैलता जा रहा था। जब पीछे आ रही टवेरा के ड्राइवर ने देखा तो उसने फोन कर आगे जा रही टवेरा को रुकवाया। जैसे ही गाड़ी रुकी। दोनों ड्राइवर इंजन से डीजल निकलने को लेकर लीकेज ठीक करने में जुटे थे। इतने में पीछे से वॉल्वो बस आई। उसने दोनों टवेरा को अपनी चपेट में ले लिया।

हादसे में एक ही परिवार के जहां चार लोगों के साथ एक बच्चे की मौत हो गई। वहीं दोनों ड्राइवरों ने भी दम तोड़ दिया। घटना इतनी दर्दनाक थी कि शुक्रवार मध्यरात्रि हुई घटना के बाद सुबह तक वहां का मंजर बयां कर रहा था कि आखिर किस तरह वॉल्वो बस ने जिंदगियों को रौंद डाला।

वृंदावन जाने के लिए निकला था परिवार
चंडीगढ़ में कोमल कपूर, सुनीता तथा अन्य का फ्रेंड्स ग्रुप बना हुआ है। रंजना और कोमल एक ही कंप्यूटर सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे थे। उन्होंने वृंदावन जाने का प्रोग्राम बनाया तथा इस बारे घर में बताया तो परिवार के सदस्य भी वृंदावन में ही नए साल को मनाने के लिए राजी हो गए। दोनों सहेलियां न्यू इयर मनाने परिवार समेत निकलीं और हमेशा के लिए बिछड़ गईं

कैंट रेफर करने के लिए कह रहे थे डॉक्टर
सिटी के सिविल अस्पताल में भर्ती रेणुका शर्मा के रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। वहां पर रेणुका का इलाज चल रहा है, लेकिन रेणुका को कैंट सिविल अस्पताल में रेफर करने के लिए कहा गया तो रेणुका के परिजन ने कैंट अस्पताल में फोन किया तो वहां से जवाब मिला कि डॉक्टर नहीं हैं। इतना बड़ा हादसा होने के बाद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जाने लगा तो वह परेशान हो उठे। उन्होंने कहा कि वह सिटी अस्पताल में ही अपना इलाज कराना चाहते हैं।

बच्चे, महिलाएं व कई अन्य थे गहरी नींद में
फ्रेंड्स ग्रुप दो टवेरा गाड़ी में वृंदावन के लिए निकला था। रात को ठंड ज्यादा थी इसलिए टवेरा के चलते ही बच्चे, महिलाएं और अन्य सो गए थे। टवेरा वृंदावन के लिए दौड़ रही थी। इतने में पिछले टवेरा के चालक मनोज की नजर अगली टवेरा पर पड़ी जिसमें से तेल लीक हो रहा था। उसने उसे रुकवाया और तेल लीकेज चेक करने लगे थे। इतने में ही वहां पर हादसा हो गया। दोनों टवेरा में 21 लोग सवार थे।

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घटना स्थल का मंजर दिल दहलाने वाला
घटना स्थल का मंजर दिल दहलाने वाला था। वहां पर सड़क पर खून ही खून पड़ा था। बच्चों के जूते वहां पर बिखरे पड़े थे। रास्ते में खानपान के लिए जो सामान साथ लेकर जा रहे थे, वह सामान बिखर गया था। किन्नू सड़क के किनारे पड़े हुए थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता था कि हादसे कितना खतरनाक हुआ है।

पोस्टमार्टम के समय एसडीएम पहुंचे
सुबह एसपी आस्था मोदी तथा कैंट एसडीएम सिविल अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने घायलों को देखा। बाद में एसडीएम अस्पताल में तब तक रहे जब तक शवों का पोस्टमार्टम नहीं गया। डॉक्टरों ने भी 12 बजे तक सभी का पोस्टमार्टम कर दिया था।

ये हुए हादसे का शिकार
हादसे में कविता कपूर (36) पत्नी राजेश कपूर, उनकी बेटी रंजना (18) व हर्षिता (9), कविता की जेठानी आशा रानी (46), पियूष (5), टवेरा चालक सुरेश कुमार (45) तथा मनोज की मौत हो गई। ऋषभ, रजनी, कोमल तथा सुनीता को मेडिकल काॅलेज चंडीगढ़ रेफर किया गया, जबकि रेणुका सिटी के सिविल अस्पताल में भर्ती है। हादसे में कोमल, यशस्वी और कोमल को चोटें नहीं पहुंची। उन्हें छुट्टी दे दी गई।

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