अब आपका चेहरा ही बनेगा आपकी पहचान, इसके बिना न सिम मिलेगी और न खुल पाएगा कोई बैंक अकाउंट

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न्यूज डेस्क।  आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) चेहरे से सत्यापन (फेस रिकग्निशन) फीचर की शुरुआत 15 सितंबर से करेगी। यानी आधार के जरिए सत्यापन के लिए चेहरे की पहचान होना भी जरूरी हो जाएगा। इसका फायदा ये होगा कि आप कोई नई सिम लेते है, बैंक अकाउंट खुलवाते हैं या ऐसे ही अन्य काम के लिए पहचान पत्र के तौर पर पेश किए जाने पर आधार के साथ यह नया फीचर लागू होगा। इसे सबसे पहले टेलीकॉम कंपनियों के साथ शुरू किया जाएगा। तय समय पर ऐसा नहीं कर पाने वाली कंपनियों पर पेनल्टी भी लगाई जाएगी।

फेस रिकॉग्नाइजेशन का एडिशनल फीचर

UIDAI के सीईओ अजय भूषण पांडे का बताया कि अब तक ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कुछ बुजुर्गों के फिंगर प्रिंट्स उम्र की वजह से मिट गए और उन्हें आधार सत्यापन से बाहर कर दिया गया। लेकिन यह नया फीचर ऐसी समस्याओं में भी कारगर साबित होगा।” बता दें कि फेस रिकॉग्नाइजेशन एक एडिशनल फीचर होगा जो फिंगर प्रिंट और आइरिस स्कैन के अलावा यूज किया जाएगा।

फिंगरप्रिंट से होने वाली गड़बड़ी रुकेगी

UIDAI ने कहा है कि ‘लाइव फेस फोटो’ और KYC के दौरान निकाली गई फोटो का मिलान उन मामलों में जरूरी होगा, जिनमें मोबाइल सिम जारी करने के लिए आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है। UIDAI ने कहा कि यह कदम फिंगरप्रिंट में गड़बड़ी की संभावना रोकने या उसकी क्लोनिंग रोकने के लिए उठाया गया है। इससे मोबाइल सिम जारी करने और उसे एक्टिव करने की ऑडिट प्रक्रिया और सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा। इस सुविधा के तहत मोबाइल सिम के लिए आवेदन के साथ लगाए गए फोटो की पहचान संबंधित व्यक्ति के सामने लिए गए फोटो से की जाएगी।

रेशियो कम होने पर 20 पैसे का जुर्माना

UIDAI के मुताबिक 15 सितंबर से टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को महीने में कम से कम 10% फोटो से चेहरे का लाइव (सीधे) मिलान करके सत्यापन करना जरूरी होगा। अगर इस प्रकार के सत्यापन का अनुपात इससे कम हुआ तो प्रति सत्यापन 20 पैसे का जुर्माना भी लगाया जाएगा।