ISI से भागी 21 साल की लड़की ने बताया दर्द- ‘सेक्स गुलाम की तरह होता है इस्तेमाल’

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अतिवादी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट्स द्वारा सेक्स के लिये गुलाम की तरह इस्तेमाल की जाने वाली एक 21 साल की लड़की ने अपनी दर्दनाक दास्तां बयान की। उसने बताया कि किस तरह उसे घर से अगवा करके यौन गुलाम (सेक्स स्लेव) की तरह इस्तेमाल किया जाता था।

लंदन : अतिवादी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट्स द्वारा सेक्स के लिये गुलाम की तरह इस्तेमाल की जाने वाली एक 21 साल की लड़की ने अपनी दर्दनाक दास्तां बयान की। उसने बताया कि किस तरह उसे घर से अगवा करके यौन गुलाम (सेक्स स्लेव) की तरह इस्तेमाल किया जाता था।

‘सेक्स के लिये गुलाम बनाया था हमें’

यजीदी समुदाय की नाडिया मुराद को आईएस के लड़ाकों द्वारा उत्तरी इराक के कस्बे सिनजार से अगवा किया गया और फिर अपनी सेक्स संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिये गुलाम की तरह इस्तेमाल किया गया।

नाडिया ने बताई अपहरण की दास्तां

नाडिया उन हजारों महिलाओं और बच्चों में शुमार है जिन्हें यौन दास के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। नाडिया के मुताबिक- ‘जब डाएश (इस्लामिक स्टेट) हमारे गांव घुसा तो उसके लोगों ने बच्चों, बूढ़ों और युवाओं को बेरहमी से मारना शुरू कर दिया। दूसरे दिन उन्होंने बूढ़ी महिलाओं को मारा और जवान लड़कियों को अपने साथ मोसुल ले गये। वहां हमने देखा हजारों यजीदी महिलाओं को डाएश के दरिंदों को सौंप दिया गया।’

‘हमारे साथ वो हुआ जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती’

‘द मिरर’ में छपी एक रिपोर्ट में पीड़िता के हवाले से लिखा गया- ‘वहां मैं प्रार्थना कर रही थी कि मुझे किसी बड़े दरिंदे के बजाय किसी कम उम्र वाले को दिया जाए, लेकिन वह मेरी जिंदगी के सबसे खतरनाक और बुरे लोगों में से एक था। डाएश में हमें दुष्कर्म से पहले प्रार्थना करने को कहा जाता था। वहां हमारी स्थिति जानवरों से भी बदतर थी। कई सारे लोग एक साथ हमारे साथ सेक्स करते थे। उन्होंने वो सब किया जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।’

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‘इस्लाम के नाम पर हो आतंक की शिकार हूं मैं’

नाडिया ने बताया- ‘उनकी तथाकथित शरिया अदालत में उनके पास हमारे नाम और उन दरिंदों के नंबर होते थे जिन्हें हमें सौंपा गया था। जब भी वे हमारे साथ वक्त बिताना चाहते थे, वे हमें बुलाते थे और बेच देते थे।’ संयोग से अपने तथाकथित मालिक के चंगुल से भागने में सफल हुई नाडिया मुराद ने आगे कहा- ‘मैं इस्लाम के नाम पर किये जा रहे आतंकवाद का शिकार हुई हूं। ये सभी अपराध इस्लाम के नाम पर किये गये।’