चीन का अड़ंगा और मोदी की जिद, टॉप-10 में आईं 4 इंडियन कंपनी

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aajtaklives news

नई दिल्ली. चीन के पॉल्‍यूशन कंट्रोल और मोदी सरकार के बड़े इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोजेक्ट्स की बदौलत दुनिया के टॉप-15 परफॉर्मिंग स्‍टॉक्‍स में 8 भारतीय कंपनियों का नाम

शामिल हो गया है। वहीं टॉप-10 इंडस्ट्रियल परफॉर्मिंग कंपनियों में भारत की 4 कंपनियां शामिल हैं। पिछले 5 सालों में बेस्ट 15 परफॉर्मिंग स्टॉक्स में ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स मेकर से लेकर इक्विपमेंट प्रोइवाडर कंपनियां हैं।

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टॉप-15 कंपनियों में ये हैं शामिल

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के टॉप-15 परफॉर्मिंग इंडस्ट्रियल स्टॉक्स में भारत की 8 कंपनियों शामिल हैं। इनमें एचईजी लिमिटेड, सुंदरम फास्टनर्स लिमिटेड, जॉनसन कंट्रोल्स हिताची एयर, स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड, फिनोलेक्स केबल्स लिमिटेड, एस्कॉर्ट्स लिमिटेड, ग्रेफाइट इंडिया लिमिटेड औऱ एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड शामिल हैं।

चीन के अड़ंगे का इन कंपनियों को मिला फायदा

चीन में पर्यावरण मसले के चलते सलेक्टेड स्टील और इलेक्ट्रोड बनाने वाली कंपनियां बंद हो गई।। चीन में कंपनियों के बंद होने से बाजार में ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड की आपूर्ति में कमी आई है जिसका फायदा भारतीय कंपनियों एचईजी लिमिटेड और ग्रेफाइट इंडिया को मिला।
एचईजी के पास ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स बनाने का दुनिया का सबसे बड़ा प्लांट है। कंपनी की सालाना उत्पादन की क्षमता 80,000 टन है। कंपनी का 80 फीसदी रेवेन्यू ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स के बिजनेस से आता है। इसके अलावा वॉल्यूम और ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स की कीमतों में रिकवरी से कंपनी को सपोर्ट मिला। एचईजी यूएस, यूरोप और पूरे एशिया के ज्यादातर देशों को एक्सपोर्ट करती है। पिछले 1 साल की बात करें तो एचईजी ने रिटर्न देने के मामले में बिटकॉइन को भी पीछे छोड़ दिया। स्टॉक में पिछले 1 साल में 1,457 फीसदी रिटर्न हासिल हुआ है, जबकि 2018 में स्टॉक 45 फीसदी बढ़ा है।

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मोदी सरकार के फैसला का मिला फायदा

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोजेक्ट्स का फायदा पावर सेक्टर के केबल्स एंड वायर्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को मिला। मोदी सरकार के गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने के मुहीम के तहत पिछले चार सालों में देश में 1 लाख सर्किट किलोमीटर इंटरस्टेट ट्रांसमिशन कैपिसटी बढ़ा है। वहीं इस फिस्कल में सरकार रोड, रेलवे और अन्य इंफ्रा प्रोजेक्ट्स पर 800 करोड़ डॉलर खर्च करने वाली है।