मेडिकल साइंस का सबसे चौंकाने वाला मामला, डॉक्टर्स ने बताई ये वजह

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स्कूल में किसी ने बच्चे की टी-शर्ट पर फेंका पनीर तो होने लगी शरीर में खुजली और सांस लेने में दिक्कत, 11 दिन ICU में रहने के बाद बच्चे ने तोड़ा दम

मेडिकल साइंस का सबसे चौंकाने वाला मामला, डॉक्टर्स ने बताई ये वजह

लंदन. इंग्लैंड में भारतवंशी लड़के के साथ अजीबोगरीब घटना घटी थी। स्कूल में इस 13 साल के लड़के की टी-शर्ट पर किसी स्टूडेंट ने जानबूझकर पनीर फेंक दिया। इसके बाद बच्चे का ऐसा हाल हुआ कि उसे भयानक खुजली होने लगी। उसकी स्किन पूरी गर्म हो गई और उसे सांस लेने में भी दिक्कत आने लगी। जब उसे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया तो वो तकरीबन सांस लेना बंद कर चुका था। इसके बाद 11 दिन वो आईसीयू में रहा और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया। मेडकिल साइंस के इस चौंकाने वाले मामले को लेकर डॉक्टर ने बताया था कि ये सबकुछ डेरी प्रोडक्ट से एलर्जी की वजह से हुआ। मामला कोर्ट में है इसकी सुनवाई अभी जारी है।

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किसी ने टी-शर्ट पर फेंकी पनीर
– ये घटना पिछले साल जून में वेस्ट लंदन के ग्रीनफोर्ड में मौजूद विलियम पर्किन चर्च ऑफ इंग्लैंड हाई स्कूल में हुई, जहां 13 साल का करनबीर चीमा पढ़ता था।
– कोर्ट में सामने आई जानकारी के मुताबिक, करनवीर को गेहूं, नट्स, डेयरी प्रोडक्ट और अंडों से एलर्जी थी। इस बारे में स्कूल के पूरे स्टाफ और बच्चों को भी पता था।
– स्कूल स्टाफ ने बताया कि स्कूल में ही किसी स्टूडेंट ने करनवीर की स्थिति का फायदा उठाते हुए पनीर लेकर उसका पीछा किया और फिर पनीर उसकी टी-शर्ट पर फेंक दिया।
– इसके बाद ऐसा रिएक्शन हुआ कि तुरंत उसे भयानक खुजली होने लगी फिर स्किन बिल्कुल गर्म हो गई। थोड़ी ही देर बाद करन को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
– करन ने किसी तरह स्कूल स्टाफ को अपनी कंडीशन के बारे में अलर्ट किया। फिर उसे स्कूल ऑफिस में मौजूद मेडिकल स्टोर में प्राइमरी ट्रीटमेंट दिया गया और इमजरेंसी सर्विस को खबर दी गई।

बेहोशी की हालत में पहुंचाया अस्पताल
– पहला पैरामेडिक इन सबके करीब सात मिनट बाद पहुंचा और तब तक बच्चे की हालत बहुत खराब हो चुकी थी। उसकी जान खतरे में थी।
– पैरामेडिक ने कोर्ट को बताया कि वो मौके पर पहुंचते ही समझ गया था कि ये जानलेवा स्थिति है और मरीज के कार्डिएक अरेस्ट और रेस्पिरेट्री अरेस्ट में जाने का रिस्क बढ़ गया है।
– उसने बताया कि इन्हेलर, स्पेशल पेन और पिरीटन से इलाज के बाद भी करन जिंदगी और मौत के बीच जूझता ही रहा। उसे सीपीआर दिया गया तब जाकर उसके अंदर थोड़ी हचलच दिखी।
– इसी बीच बाकी मेडिकल टीम भी मौके पर पहुंच गई और करन को बेहोशी की हालत में ही हॉस्पिटल ले जाया गया। करीब 11 दिन इन्टेंसिव केयर में रहने के बाद उसने दम तोड़ दिया।

बच्चे की मां ने क्या कहा?
– करन की मां रीना चीमा ने कहा कि करन बहुत ही ब्राइट स्टूडेंट था, जो वो चाहता वो कर सकता था। मैंने उसे उसकी मेडिकल कंडीशन के बारे में पूरी तरह से तैयार कर दिया था, लेकिन फिर भी हमने उसे खो दिया। बता दें, करन की मौत के मामले में 13 साल के एक लड़के को अरेस्ट किया गया था। हालांकि, अब तक उस पर कोई चार्ज नहीं लगाया गया है।

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