कई देशों में खौफ, उड़ रही हैं धरती के विनाश की अफवाहें

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why moon will turn red

(ये कहानी ‘कॉन्ट्रोवर्शियल क्लेम ‘सीरीज पर आधारित है। दुनियाभर में समय-समय पर सच्चे-झूठे कई कॉन्ट्रोवर्शियल दावे किए जाते रहे हैं। कई दावे तो ऐसे हैं, जो आज भी दुनिया के लिए पहेली हैं।)

आपको बता दें कि आज 27 जुलाई को रात 11:30 से देर रात 1:13 तक चंद्र ग्रहण लगेगा।

खबर जरा हटके डेस्क. आज सदी का सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण लगने वाला है। इस दौरान दुनिया के कई देशों में लाल रंग में चांद दिखाई देगा, जिसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। दावा है कि दुनिया के कई देशों में ये चार घंटे तक लाल रंग का दिखाई देगा। इसे लेकर अफवाहों का दौर तेज हो गया है। भारत में जहां ग्रहण को लेकर शुभ-अशुभ फलों की बात की जाती है, तो वहीं विदेशों में कई तरह की भविष्यवाणियां की जा रही हैं। किसी का दावा है कि भयानक भूकंप आने वाला हो, तो कुछ इसे दूसरे प्राकृतिक आपदाओं से जोड़ रहे हैं। आपको बता दें कि आज 27 जुलाई को रात 11:30 से देर रात 1:13 तक चंद्र ग्रहण लगेगा। आएगा विनाशकारी भूकंप…

– ब्लड मून को लेकर ग्लोबल अर्थक्वेक फॉरकास्ट के मौसम विज्ञानी फ्रेंक हूगरबीट्स ने भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं पर भी एक विनाशकारी भूकंप आ सकता है। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7 तक हो सकती है। दावा है कि ऐसा ग्रहों के एक सीधे में होने और खिसकने से होगा।

– फ्रेंक का मानना है कि पृथ्वी कुछ हफ्तों से मंगल (Mars) और बुध (Mercury) ग्रह के बीच है। अब जब चंद्र ग्रहण होगा, तब इन बाकी दोनों ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण का असर पृथ्वी पर पड़ेगा। इससे टेक्टोनिक प्लेट्स में मूवमेंट होगा और भूकंप आने की प्रबल संभावना होगी।

साफ दिखेगा मंगल ग्रह
इस दावे को इस बात से बल मिलता है, क्योंकि मंगल ग्रह पृथ्वी के बेहद करीब है। वैसे तो मंगल ग्रह 27 जुलाई से दिखना शुरू होगा। लेकिन यह लाल गृह 31 जुलाई को पृथ्‍वी के बेहद करीब होगा। उस दिन पृथ्‍वी और मंगल की दूरी महज 57.61 लाख किमी होगी। इससे पहले यह घटना 15 साल पहले हुई थी।

लोगों में अलग-अलग धारणाएं
– कोलंबिया की नेशनल लैबोरेटरी के विशेषज्ञ डेविड डियरबोर्न ने कहा, यहां चंद्र ग्रहण को बहुत अशुभ माना जाता है। ये कोलंबिया में इंका साम्राज्य के दौर से है। इसी प्रकार प्राचीन मेसोपोटामिया के लोग इसे चांद पर असुर शक्तियों का हमला मानते थे। वहीं विक्का कल्चर में चांद को जादूई शक्ति और आध्यत्मिक ताकत का स्त्रोत माना गया है। यही वजह है कि अलग-अलग संस्कृतियों में ग्रहण को लेकर कई तरह के डर रहते हैं।

अमेरिकी पादरी ने कहा दुनिया के विनाश की शुरुआत
Christian conspiracy theorist के मुताबिक, ये ब्लड मून इजरायल से मिडिल ईस्ट तक दिखाई देगा। इसका सबसे ज्यादा असर भी वहीं देखने को मिलेगा। इस थ्योरी पर भरोसा करने वाले अमेरिका के एक पादरी पॉल बैगली ने कहा है कि ये सदी का सबसे लंबा और आखिरी चंद्र ग्रहण होगा, क्योंकि हम दुनिया के अंत के बेहद करीब जी रहे हैं। बैगली ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इस सदी के बाद कोई और सदी होगी।”

आएंगी प्राकृतिक आपदाएं
– बैगली ने भी एक वीडियो में बताया कि ब्लड मून और इस ग्रहण की वजह से दुनियाभर में भूकंप, तूफान, ज्वालामुखी फटने जैसी प्राकृतिक आपदाएं भी आएंगी जो लोगों को अपना शिकार बनाएंगी और देखते-देखते ये घटनाएं तेजी से बढ़ेंगी। हालांकि, आपको बता दें कि इन दावों के कोई भी वैज्ञानिक सबूत नहीं हैं।

इस वजह से लाल दिखेगा चांद
– ग्रहण काल के दौरान पृथ्वी की छाया चांद पर पड़ेगी। इसी दौरान सूर्य की रोशनी इससे प्रभावित होगी, जिस वजह से चांद लाल से लेकर नारंगी रंग का नजर आएगा। ग्रहण हटते ही धीरे-धीरे ये अपने रंग में वापस आ जाएगा। कम से कम तीन महाद्वीपों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। आंशिक चन्द्र ग्रहण दो घंटे बारह मिनट (22:24 से देर रात 2:19) जबकि पूर्ण चन्द्र ग्रहण एक घंटे 43 मिनट (रात 23:30 से देर रात 1:13) का होगा।