13 साल की बेटी के साथ रेप करता था पिता, बेटी ने सुनाई जुल्म की दास्तां

168
rape news

(ये कहानी ‘सोशल वायरल सीरीज’ के तहत है। दुनियाभर में सोशल मीडिया पर ऐसी स्टोरीज वायरल हुईं हैं, जिसे आपको जानना चाहिए।)

हेकमोंडवाइक. इंग्लैंड में रहने वाली पाकिस्तानी मूल की एक लड़की ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बचपन में अपने ऊपर हुए अत्याचार के बारे में बताया है। लड़की के मुताबिक जब वो 13 साल की थी तो उसके सौतेले पिता ने लगातार दो साल तक उसका रेप किया। इस मामले का खुलासा तब हुआ था, जब एकदिन उसकी मां ने अचानक कमरे में आकर उसके पिता को गलत काम करते हुए देख लिया। इस मामले में कोर्ट ने आरोपी शख्स को 15 साल की सजा सुनाई। पीड़ित लड़की अब 24 साल की हो चुकी है और अपनी मां मरियम (49) के साथ हेकमोंडवाइक शहर में रहती है।

शुरू में समझा बेटी लेकिन बाद में बदली नीयत

– ये स्टोरी इंग्लैंड में रहने वाली पाकिस्तानी मूल की सोनिया महमूद की है, जिसने पहली बार एक इंटरव्यू में अपने ऊपर हुए अत्याचार की इमोशनल स्टोरी शेयर की है। सोनिया के मुताबिक पैदा होने के कुछ साल बाद ही उसके माता-पिता अलग हो गए। इसके बाद साल 1999 में जब वो 5 साल की थी, तो उसकी मां मरियम ने पाकिस्तानी मूल के ही एजाज अख्तर के साथ दूसरी शादी कर ली।
– शादी के शुरुआती कुछ सालों तक सबकुछ ठीक रहा। सोनिया ने एजाज को अपने पिता के रूप में एक्सेप्ट कर लिया और उसे डैड कहने लगी, वहीं एजाज भी उसे बेटी की तरह प्यार करने लगा।
– कुछ साल बाद जब उसकी सौतेली बहन (2002) और भाई (2004) का जन्म हुआ तब भी एजाज का व्यवहार उसे लेकर नहीं बदला और वो तीनों को बराबर प्यार करता रहा।

– सोनिया के मुताबिक साल 2007 में पाकिस्तान में रहने वाली मेरी नानी का देहांत हो गया। इसके बाद मां मुझे और मेरे दोनों भाई-बहनों को लेकर पाकिस्तान चली गई। इस दौरान फूड फैक्ट्री में काम करने वाले मेरे पिता हमारे साथ नहीं गए। हफ्तेभर बाद मैं अपने मामा-मामी के साथ वापस इंग्लैंड आ गई। घर आते ही पिता ने मुझे जोर से गले लगा लिया।

अचानक बदल गया पिता का व्यवहार

– लड़की के मुताबिक ‘घर आने के बाद मुझे अपने पिता के व्यवहार में काफी ज्यादा बदलाव महसूस हुआ। वो हर दिन कुछ ऐसा कर रहे थे जो पहले कभी नहीं होता था और जो बेहद अजीब लग रहा था।’
– ‘उन्होंने मुझे घूरना शुरू कर दिया था, तब मुझे पता नहीं चला कि उनके दिमाग में क्या चल रहा है। एक दिन उन्होंने मुझसे मसाज करने के लिए कहा, जिसे सुनकर मैं हैरान रह गई। उन्होंने कहा कि मैं थका हुआ हूं इसलिए मेरे कंधे दबा दो। मैं अकेली थी और कोई जवाब ना सूझने पर मैं उनकी बात मानकर उनके कंधे दबाने लगी।’
– ‘अगले दिन जब मैं स्कूल से आई तो वे मेरे सीने को घूर रहे थे। बुरी नजर डालते हुए उन्होंने मुझसे कहा, ’13 साल की उम्र के हिसाब से तुम्हारे स्तन काफी बड़े हैं।’ इसके बाद उन्होंने मुझे जकड़ लिया, मैं शॉक्ड थी और दुआ कर रही थी कि ये जल्दी से खत्म हो जाए। लेकिन ये तो मेरे बुरे दिनों कि बस शुरुआत थी।’
– ‘उसी रात को उन्होंने पहली बार मेरे साथ रेप किया। मैं उनके भारी भरकम शरीर के नीचे दबी हुई थी और हिल भी नहीं पा रही थी, मैं मां और भाई-बहनों को बुला रही थी, लेकिन कोई भी नहीं था।’

– ‘मुझे लगा कि शायद दोबारा ऐसा नहीं होगा, लेकिन अब तो उनके मुंह पर खून लग गया था और  घर पर कोई भी नहीं था, जिसका फायदा उठाते हुए वो दिन में कई-कई बार मुझे अपना शिकार बनाने लगे। फिर मैं बेसब्री से मां का इंतजार करने लगी। क्योंकि तब मुझे लगा कि शायद उनके आने के बाद वे रूक जाएंगे।’

मां के आने के बाद भी नहीं थमा अत्याचार

– मां के आने के बाद भी पिता का अत्याचार खत्म नहीं हुआ। उन्हें जब भी मौका मिलता वे अपनी हवस पूरी कर लेते। वे रोज-रोज मौके ढूंढने लगे। मां जब किचन में या बाथरूम में होती तो वो मुझे पकड़कर बेडरूम में या किसी कॉर्नर में ले जाते और मेरा मुंह अपने हाथों से बंद कर गलत काम करते थे, ताकि मैं चिल्ला ना सकूं। यहां तक कि हर रात को भी वे ऐसा कर रहे थे। लेकिन मां को कुछ पता नहीं चल रहा था।
– उन्होंने मुझे मुंह बंद रखने के लिए महंगे मोबाइल फोन का लालच भी दिया। इसके साथ ही उन्होंने मुझे ये कहकर भी डराया था कि अगर ये बात किसी को बताई तो तुम्हारी मां तुमसे कभी बात नहीं करेगी।

मां ने पकड़ लिया रंगे हाथ

– ‘पिता के अत्याचार को करते हुए करीब दो साल गुजर चुके थे, अब मुझे अपनी जिंदगी बोझ लगने लगी थी। यहां तक कि मैं काफी डरी हुई और अकेली महसूस करने लगी थी। 2009 में वो दिन भी आ गया जब मेरी तकलीफों का अंत हुआ।’
– ‘एक दिन डैड ने मुझे ऊपर सीढ़ियों पर पानी लेकर आने के लिए कहा, उस वक्त मां किचन में थी। मैं जैसे ही पानी लेकर गई उन्होंने मुझे दबोच लिया और बेडरूम ले जाकर मेरा रेप करने लगे। मैंने हमेशा की तरह अपनी आंखें बंद कर लीं, इसी बीच वो अचानक रूक गए।’
– ‘मैंने आंखें खोलकर देखा तो मां सामने दरवाजे पर खड़ी हुई थी, उन्होंने डैड को गलत काम करते देख लिया था। इसके बाद वो वहां से चली गई और डैड भी उनके पीछे चले गए। मैं

शॉकिंग हालत में बेड पर अकेली पड़ी हुई थी।’

– ‘मुझे लगा कि मां इसके लिए मुझे ही जिम्मेदार ठहराएगी इसलिए मैंने अपना बैग पैक किया और अंकल-आंटी के घर चली गई। उस वक्त दूसरे कमरे में मां और डैड की लड़ाई हो रही थी।’

कोर्ट ने सुनाई सजा

– थोड़ी देर बाद ही मां भी अंकल-आंटी के घर आ गई, आते ही उन्होंने मुझे गले लगा लिया। इसके बाद मैं जोर-जोर से रोने लगी, तब उन्होंने मुझसे कहा, ‘इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं ये उसकी गलती है’।

– मां ने मुझे बताया कि मैंने डैड को घर से भगा दिया है, फिर उनके काफी समझाने के बाद मैं पुलिस में रिपोर्ट लिखाने के लिए तैयार हुई। आखिरकार डैड के बुरे दिन शुरू हो गए।
– करीब सालभर की पुलिस कार्रवाई के बाद वो केस कोर्ट में पहुंचा, आखिरकार मार्च 2013 में स्टेफोर्ड क्राउन कोर्ट ने एजाज अख्तर (46) को नाबालिग के साथ रेप और यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराते हुए उसे 15 साल की सजा सुनाई।