हैवानियत की हदः पैर में जंजीर बंधी थी, रातभर रेंगकर सुबह पहुंची गांव

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aajtaklives news

आरा(बिहार)।एक विवश पिता 15 हजार रुपए कर्ज नहीं चुका सका तो बेदर्द सूदखोर ने उसकी 16 साल की बेटी को घर से अगवा कर लिया और तीन माह तक बंधक बनाकर दिन-रात जुल्म ढाए। उसे लोहे की जंजीर से बांध कर रखा। दिनभर भूखा रखता था। सिर्फ रात में रूखा-सूखा खाने को देता था। कर्ज के बदले निर्दोष किशोरी से सूदखोर केपी खरवार अपने घर का सारा काम भी कराता था।
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3 माह में 5 बार काटे लड़की के बाल

– तीन माह में पांच बार किशोरी के बाल भी जबरन काट दिए। किशोरी ने विराेध किया तो उसपर गर्म पानी फेंक दिया ।

– अंतत: जुल्म सहते-सहते टूट चुकी किशोरी अंजनी ने बुधवार की रात साहस किया और अत्याचारी के घर से भाग निकली।

– आश्चर्यजनक है कि अंजनी पर यह जुल्म टिपुरा कॉलोनी में ही उसके घर से करीब 30-40 गज की दूरी पर एक मकान में बंधक बनाकर किए गए। फिर तीन माह के दौरान किसी को कानोंकान खबर नहीं लगी।

पैर में बेड़ी-चेहरे पर भूख
– अंजनी ने बताया कि बुधवार की रात अपहर्ता सूदखोर केपी खरवार के घर से भागने के दौरान उसके पांव में लोहे की जंजीर बंधी थी। इसलिए वह चल नहीं पा रही थी।

– इसलिए वह जमीन पर रेंगते हुए कुछ दूरी पर बसे गांव पहुंची। दरअसल, सूदखोर के डर से उसके मां-पिता डेढ़ माह पहले ही भाग चुके हैं।

– अंजनी मदद की आस में करीब 300-350 गज रेंगते हुए गांव पहुंची। जहां ग्रामीण उसके पैर में लोहे की जंजीर व बंद ताला देख सकते में पड़ गये।

– ग्रामीणों ने पहले भूख व प्यास से तड़प रही अंजनी को भोजन कराया। फिर बिहिया नगर पंचायत के अध्यक्ष दीपक आलोक को सूचना दी।

– जहां उसके पैर मेें बंधी लोहे की जंजीर को काट कर हटाया गया। अंजनी ने 3 माह बाद ठीक से किया भोजन और पी सकी पानी।

– एएसपी मंजीत कुमार ने बताया कि अंजनी कुमारी ने अापबीती सुनायी है, जिसे दर्ज कर लिया गया है।

जुल्म सहते-सहते अंजनी के सूख गये हैं आंसू
– बताया जाता है कि लंबू खरवार ने सूदखोर केपी खरवार से 15 हजार रुपए कर्ज लिया था। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण लंबू कर्ज नहीं चुका नहीं पा रहा था।

– इसी बीच केपी खरवार रुपए लौटाने का दबाव लंबू खरवार पर बनाने लगा। डर के मारे लंबू पत्नी के साथ घर छोड़कर भाग गया।

– लंबू के भागने के बाद केपी ने उसके घर में अकेली रह रही 16 वर्षीया बेटी अंजनी कुमारी को बंधक बना लिया। इसके बाद अंजनी को जंजीर में बांधकर गुलामों की तरह जुल्म ढाने लगा।

कहां हैं मां-पिता और भाई नहीं पता
– एएसपी मंजीत कुमार ने बताया कि इस बारे में अंजनी कुमारी ने बयान दिया है। अंजनी के अनुसार पिता ने कर्ज लिया था।
– भाई कर्ज चुकाता था। अाधा कर्ज चुका दिया गया है। केपी के दबाव बनाने पर पिता लंबू खरवार भाग गया। इसके बाद भाई ने भी घर आना छोड़ दिया।

– पता नहीं वह अब कहां रहता है। कुछ दिन पहले मां भी घर छोड़कर पटना जिले के बिहटा चली गई। अभी मां कहां रह रही है, यह मालूम नहीं है।

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थाने में जंजीर व बेड़ी काटने में लगा आधा घंटा, तब अंजनी हुई आजाद
थाना में किशोरी के पैर से लोहे की बेड़ी और जंजीर काटकर तीन माह बाद उसे आजाद कराया गया। बेड़ी और जंजीर काटने में पुलिस को काफी मशक्कत करननी पड़ी।
-लगभग आधा घंटा तक अथक प्रयास कर लोहे की आरी से बेड़ी और जंजीर को काटा गया। फिलवक्त, किशोरी पुलिस की कस्टडी में है।

सूदखोर केपी ने लोहार को घर में बुलाकर बनवायी थी लोहे की बेड़ी
– अंजनी को घर में तीन माह तक बंधक बनाकर यातना देने वाले आरोपित केपी खरवार ने अपने घर पर एक लोहार को बुला पीड़िता के पैर की साइज की बेड़ी बनवायी थी।

– इसके बाद दोनों पैर में लोहे की बेड़ी लगाकर जंजीर लगाकर ताला बंद कर दिया। अंजनी ने लोहार का नाम बताया तो पुलिस ने आरोपित लोहार रामभरन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।

– घटना का खुलासा होने के बाद आरोपित केपी खरवार और उसकी प|ी आरती देवी फरार हो गए हैं। दोनों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है।

– शीघ्र ही दोनों पकड़े जाएंगे। जंजीर बनाने वाले आरोपी लोहार को गिरफ्तार कर लिया गया है। मंजीत कुमार, एएसपी, जगदीशपुर (भोजपुर)

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