सजा के नाम पर लड़कियों के निजी अंगों में डालते थे मिर्च, चार महिलाएं गिरफ्तार

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नई दिल्ली के द्वारका इलाके में स्थित शेल्टर होम में सजा देने नाम पर लड़कियों को जबरन मिर्च पाउडर खिलाने और निजी अंगों में मिर्च पाउडर डालने की शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने वहां से चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपी चारों महिलाओं में शेल्टर होम में तैनात एक वेलफेयर ऑफिसर, एक होम इंचार्ज और दो हाउस मदर्स शामिल हैं। गिरफ्तारी की पुष्टि इलाके के ज्वाइंट कमिश्नर मधुप तिवारी ने की।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने शुक्रवार को महिला आयोग द्वारा बच्चियों के साथ हैवानियत की शिकायत मिलने पर पॉक्सो एक्ट के तहत इस संबंध में मामला दर्ज किया था और बच्चियों का 164 का बयान दर्ज कराते हुए जांच आरंभ की थी। मेडिकल जांच व बयान दर्ज करने की प्रारंभिक कार्रवाई के बाद पुलिस ने अब चारों आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। महिला आयोग की शिकायत में इन बच्चियों के साथ यह हैवानियत शेल्टर होम में अनुशासन बनाए रखने के लिए दी जाने वाली सजा के तहत की गई थी।

कैसे हुआ था खुलासा
दिल्ली सरकार की सलाह पर दिल्ली महिला आयोग ने राजधानी के सरकारी और निजी शेल्टर होम की जांच व सुधार की सलाह देने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की थी। इस समिति ने 27 दिसम्बर को द्वारका के एक निजी शेल्टर होम का दौरा किया और वहां रहने वाली अलग-अलग उम्र 6 से 9, 10 से 13 और 13 से 15 साल की लड़कियों से बात की। इस दौरान लड़कियों ने यह खुलासा किया कि अनुशासन के नाम पर शेल्टर होमवाले उन्हें जबरदस्ती मिर्च खिलाते हैं। इतना नहीं नहीं महिला स्टाफ बच्चियों के निजी अंगों में मिर्ची डाल देती हैं।

लड़कियों ने और क्या की शिकायत
उनको शेल्टर होम में सारे घरेलू काम करने पड़ते हैं। शेल्टर होम में सारे घरेलू काम जैसे बर्तन या कपड़े धोने से लेकर शौचालय की सफाई करनी पड़ती थी। स्टाफ की कमी से उन्हें छोटी बच्चियों की देखभाल भी करनी पड़ती थी। 22 लड़कियों के लिए एक ही रसोइया है। खाने की क्वॉलिटी भी खराब होती है| बड़ी लड़कियों ने बताया कि कोई बात नहीं मानने पर छोटी बच्चियों को कड़ी सजा दी जाती थी, जिससे सब लडकियां डर कर रहती हैं।

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स्वाति ने दी थी पुलिस को जानकारी
शेल्टर होम की जांच के लिए बनाई गई विशेषज्ञ समिति ने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल को जब वहां के हालात के बारे में जानकारी दी तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी तो वह भी खुद हालात की जानकारी लेने के लिए शेल्टर होम पहुंची थीं। उन्होंने द्वारका के पुलिस उपायुक्त से बात की और तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम सादी वर्दी में (ताकि बच्चे एक अनुकूल वातावरण में रहें) वहां पहुंची। इस बारे में महिला एवं बाल विकास मंत्री को भी जानकारी दी थी। विभाग के अधिकारी भी यहां पहुंचे।

क्या है स्वाति मालीवाल का बयान
दिल्ली सरकार के साथ मिलकर आयोग दिल्ली महिला आयोग राजधानी के सारे शेल्टर होम का औचक निरीक्षण कर रहा है। इसी कड़ी में द्वारका में हमने  देखा कि बच्चियों के साथ प्रताड़ना की जा रही थी। उन्हें मारा-पीटा जा रहा था। हमें दो बच्चियां मिलीं जो छह-सात साल की थीं। उनके साथ ऐसी अमानवीय हरकत क्यों की गई, यह पता नहीं चल पाया। दूसरी बच्चियों को डराने के लिए सभी के सामने उन बच्चियों के गुप्तांगों पर मिर्ची डाली जाती थी। यह काम वहां के कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा था। बच्चे ट्रॉमा में हैं। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी से हमनेअपील की है कि इन बच्चियों को एक साथ रखा जाए और जो एनजीओ इसे चला रहा था, उसे तुरंत बदल देना चाहिए।

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