शादी के 4 महीने बाद इस तरह मारा कोई पहचान नहीं सका

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Daughter-in-law killed For Bike in Bihar

बेला/बाजपट्‌टी. नोचा गांव में दहेज में बाइक नहीं मिलने के कारण एक नवविवाहिता को जला कर मार डाला गया। घटना को अंजाम देने के बाद शव को छोड़ कर ससुराल वाले फरार हो गए। मृतका बबीता के पिता लक्ष्मी मंडल ने पुलिस को जानकारी दी। शव का अंतिम संस्कार करने जब पिता बेटी के ससुराल पहुंचे, तो वहां के लोगों ने गांव में अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। अंत में बेटी के ननिहाल में उसका अंतिम संस्कार किया गया। पति रामू मंडल समेत ससुर, सास और देवर को आरोपी बनाया गया है।

पिता करता रहा मिन्नतें, गांववालों ने नहीं करने दिया अंतिम संस्कार
– मृतका के पिता ने बताया, शव बुरी तरह से जल गया था। बेटी को पहचानना मुश्किल हो गया था। पोस्टमार्टम के बाद बेटी के शव को लेकर नोचा गांव गए थे। लेकिन वहां के लोगों ने शव को गांव में ले जाने से रोक दिया। कहा- केस कर ही दिए हो तो जाओ जहां जाना है। लेकिन इस गांव में शव को नहीं जलाने देंगे।
– उन्होंने गांव वालों से काफी मिन्नतें भी कीं। कहा, बेटी का घर ससुराल ही होता है। ससुराल में बेटी के शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे, तो उसकी आत्मा को मुक्ति नहीं मिलेगी।
– थाना अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कहा, मृतक के पिता के बयान पर पति समेत चार लोगों पर मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल, सभी फरार हैं। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

दो महीने पहले ही हुई थी शादी 
– बाजपट्टी थाना क्षेत्र के बखरी निवासी लक्ष्मी मंडल की बेटी की शादी इसी साल 20 अप्रैल को नोचा निवासी रामू मंडल के साथ हुई थी। शादी में बतौर दहेज 50 हजार नकद, एक भैंस व आभूषण दिए गए थे। लेकिन लड़के वाले इतने से संतुष्ट नहीं थे।
– ससुराल आने के बाद लड़के वाले बबीता पर बाइक देने के लिए दबाव बना रहे थे, लेकिन घर की आर्थिक स्थिति खराब होने की बात कह कर बबीता बाइक मांगने से इनकार कर रही थी। इसके बाद उसे टॉर्चर किया जाने लगा। आरोप है कि बात-बात पर मारपीट करने के अलावा कई-कई दिनों तक उसे भूखा रखा जाता था।

पड़ोसियों ने दी बबीता के पिता को सूचना 
– सोमवार की शाम मौका पाकर बबीता के ससुराल वालों ने केरोसिन छिड़क कर उसमें आग लगा दी। जब वह जल कर मर गई तो ससुराल वाले घर छोड़ कर फरार हो गए।
– पड़ोसियों को पता चला, तो उन्होंने इसकी सूचना बबीता के पिता को दी। लक्ष्मी मंडल को बेटा नहीं था। सिर्फ चार बेटी थी। जिसमें बबीता सबसे बड़ी थी। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वे शादी में अधिक खर्च नहीं कर पाए। इसके बावजूद अपनी हैसियत से अधिक रुपए बेटी की शादी में खर्च किए थे।