लड़कियों की रोज सुनते थे रोने-चिल्लाने की आवाज, लेकिन डर के कारण नहीं खोल सके जुबान

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मुजफ्फरपुर (बिहार)। सीबीआई की 4 जांच टीम ने सोमवार को शहर में समाज कल्याण विभाग, महिला थाने व स्वाधार गृह में अलग-अलग पड़ताल की। एक टीम समाज कल्याण विभाग, दूसरा ब्रजेश के राजनीतिक पहुंच व विभागीय पैरवी, तीसरी पुलिस छानबीन में आए तथ्यों की समीक्षा कर सत्यापन में जुटी है। चौथी टीम विभिन्न स्रोतों से बालिका गृह पहुंचने वाले रसूखदारों का पता लगा रही है। सीबीआई अधिकारी रौनक कुमार ने ब्रजेश के पड़ोसियों से भी पूछताछ की। बालिका गृह वाले भवन में ही रहने वाले किराएदार से एक घंटा तक अकेले में जानकारी ली। टीम ने पड़ोसियों से पूछा कि बालिका गृह के बारे में क्या जानते हैं? क्या वहां से किशोरियों के चीखने या चिल्लाने की आवाज भी सुनते थे। बालिका गृह में अक्सर आने वाले लोगों के बारे में भी सीबीआई अधिकारी ने पड़ोसियों से जानकारी ली।

बाल संरक्षण इकाई की प्रभारी सहायक निदेशक से भी पूछताछ

टिस की रिपोर्ट आने के बाद बालिका गृह में किशोरियों के यौन उत्पीड़न के मामले में सबसे पहले रोजी रानी पर ही कार्रवाई करते हुए सस्पेंड कर दिया गया था। सीबीआई यह जानना चाह रही थी कि रोजी रानी को ही सस्पेंड क्यों किया गया था, उनकी क्या भूमिका या जिम्मेदारी थी? उनके निलंबन से जुड़े कागजात भी टीम ने लिए। बाल संरक्षण कोषांग में भी सीबीआई ने ब्रजेश के विभिन्न एनजीओ और संस्थानों से जुड़ी फाइलें देखीं। सीबीआई की दो महिला अधिकारियों की टीम बाल संरक्षण इकाई की प्रभारी सहायक निदेशक ललिता कुमारी से अकेले में पूछताछ की। उन्होंने बताया कि निलंबित देवेश शर्मा के बाद एक दिन पहले ही चार्ज ली है। इसलिए बहुत अधिक जानकारी नहीं है। देवेश की कार्यशैली या संबंधों के बारे में भी ललिता कुमारी से सीबीआई ने जानकारी मांगी। इसके बाद सीबीआई अधिकारी ने बाल संरक्षण इकाई के कर्मियों से पूछताछ की और संबंधित फाइलें खंगालीं। हालांकि, दिन भर चली कार्रवाई के संदर्भ में सीबीआई ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।

अपने घर सीसी कैमरा लगाना चाहते थे लोग, लेकिन ब्रजेश ने रोक दिया’

आरोपितों पर दर्ज चार्जशीट में पुलिस ने ब्रजेश के 3 पड़ोसियों को स्वतंत्र व मुख्य गवाह बनाया है। तीनों पड़ोसियों ने अपने गवाही में बालिका गृह में किशोरियों के चीखने, चिल्लाने, रोने और अजीब आवाज सुनने की बातें कही है। इन तीन पड़ोसियों ने अपनी-अपनी गवाही में कहा-

साजदा खातून :मेरा घर बालिका गृह से सटा है। इसके सबसे ऊपरवाले तल्ले में लड़कियों के रहने की बात सुनी, लेकिन देखी नहीं। जिस रूम-हॉल में लड़कियां रहती थीं, उनमें खिड़की नहीं है। वेंटिलेटर में शीशे का ग्रिल लगा है जिससे अक्सर लड़कियों के चीखने- चिल्लाने की आवाज आती थी।

विकास अग्रवाल :बालिका गृह के पीछे मेरा मकान है। वहां से अक्सर बच्चियों के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनता था। वहां नए-नए लोगों को आते-जाते देखता था। लेकिन, ब्रजेश की दबंगता के कारण कभी किसी से बच्चियों के चीखने- चिल्लाने व निर्दयता के बारे में जुबान नहीं खोल पाया।

राकेश गुप्ता :बच्चियों के चिल्लाने व अजीब तरह की आवाज सुनकर पत्नी भी कहती थी कि काफी निर्दयता हो रही है। लेकिन, ब्रजेश की दबंगता के कारण विरोध नहीं कर पाया। मोहल्ले के अन्य लोग भी कुछ नहीं बाेले। बल्कि, कुछ लोग सीसी कैमरा लगाना चाहते थे तो ब्रजेश ने मना कर दिया था।

आईओ से पूछताछ

महिला थानेदार ज्योति कुमारी व इस कांड की छानबीन से जुड़े अन्य पुलिस कर्मियों को सीबीआई ने सोमवार को कैंप कार्यालय बुलाया। महिला थानेदार से कांड से जुड़ी केस डायरी व कई अन्य पहलुओं पर पूछताछ की। पर्दे के पीछे से ब्रजेश के पक्ष में गेम खेल रहे राजनेता, सफेदपोश व समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के बारे में भी महिला थानेदार से सीबीआई ने जानकारी ली।

वेंटिलेटर से कैसे भागी महिला, शांति कुटीर के संचालक से मांगा फुटेज

रामदयालु स्थित शांति कुटीर से 3 अगस्त की सुबह 4 बजे से लापता महिला के संदर्भ में संस्थान की ओर से दी गई दलील को सदर थाने की पुलिस आशंका की दृष्टि से देख रही है। संस्था के सचिव उज्ज्वल ने पुलिस को बताया है कि महिला वेंटिलेटर के होल से बगल की छत पर कूदकर निकल गई। जबकि, सामान्य स्थिति में यह संभव नहीं है। सदर थानेदार राकेश कुमार ने संस्था के सचिव से शांति कुटीर में लगे सीसीटीवी का फुटेज मांगा है। हालांकि, संस्था का कहना है कि रात में महिलाओं के सोने वाले हॉल का सीसीटीवी बंद कर दिया जाता है। इसे लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे है

बाल कल्याण समिति सदस्य ने पुलिस से ली जानकारी

बाल कल्याण समिति के प्रभारी सदस्य अनिल सिंह ने सोमवार को शांति कुटीर से भागी महिला के संदर्भ में जानकारी ली। थानेदार राकेश कुमार ने बताया कि सदस्य को शक है कि महिला के गायब होने के पीछे कोई और बात ही है। उन्होंने बताया है कि इसकी विभागीय स्तर पर भी जांच शुरू कर दी गई है।

गायब महिलाओं व बच्चों का सुराग ढूंढ़ने को ब्रजेश से भी होगी पूछताछ

स्वाधार गृह से गायब 11 महिलाओं व उनके 4 बच्चों के अपहरण मामले में पुलिस ब्रजेश व बालिका गृह संचालन से जुड़ीं महिलाओं से जेल में पूछताछ करेगी। रजिस्टर से मिले साक्ष्यों की समीक्षा के बाद डीआईजी अनिल सिंह ने कांड की आईओ महिला थाने की दारोगा कलावती कुमारी को उक्त निर्देश दिए। साथ ही स्वाधार गृह में आई महिलाओं की तस्वीर भी जुटाने के लिए कहा है। पुलिस को यह संदेह भी है कि समाज कल्याण विभाग के फंड के घोटाले के लिए भी कुछ फर्जी एंट्री रजिस्टर में दिखाए गए होंगे। इस आशंका पर डीआईजी ने विभाग से भी इस संस्था से जुड़ी फाइलें खंगालने के लिए कहा है।

पुनर्वासित दिखाई जा रहीं महिलाओं के पते पर होगा भौतिक सत्यापन

– स्वाधार गृह से पुनर्वासित दिखाई जा रहीं महिलाओं के पते पर भौतिक सत्यापन किया जाएगा

– रजिस्टर में दर्ज है कि मार्च 2018 तक वहां 53 महिलाएं आईं, 14 बच्चों का इलाज भी हुआ

– मार्चतक एंट्री में लिखा गया है कि 43 महिलाएं व उनके 10 बच्चे पुनर्वासित कर दिए गए

– कहा गया है कि 11 महिलाएं व 4 बच्चे ऐसे थे जिनके पुनर्वासन का विकल्प नहीं बचा था

– गायब महिलाओं की तस्वीर जुटाने समेत लोगों से भी जानकारी लेगी पुलिस

दोषियों को बचाने की कोशिश हुई तो लोक चेतना दल करेगा जन आंदोलन

कांड के विरोध में लोक चेतना दल ने खुदीराम बोस स्मारक पर शहीदों व सरैयागंज टावर पर बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पदयात्रा निकाली। यह कंपनीबाग होते हुए समाहरणालय पहुंची। कार्यकर्ताओं ने अभियुक्तों को राजद्रोह, बलात्कारी, घोटालेबाज व सभ्यता-संस्कृति को कलंकित बताते हुए फांसी की मांग की। जिलाध्यक्ष कमलेश कुमार ने कहा कि अगर दोषियों को बचाने की कोशिश हुई तो जन आंदोलन होगा। दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव झा, आनंद झा, विजय ठाकुर, रंजीत कु. निषाद, मनीष कुमार, मो. युनुस, कृष्णदेव राम, तरुण कुमार, विकास कुमार, सीताराम पटेल, मिथलेश देवी, शंभू देवी, रसूल खातून, धर्मशीला देवी, मो. शहाबुद्दीन, पूनम देवी, माे. सद्दाम, मुकेश ठाकुर आदि थे।