Tuesday, February 19, 2019
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‘मैं चीखती रही, कई बार अंकल से कहा कि मुझे छोड़ दो, पर वे मुझे नोचते रहे’

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मैं चीखती रही, चिल्लाती रही, कई बार अंकल से कहा कि मुझे छोड़ दो, पर किसी ने नहीं सुनी।

मंदसौर। ‘मैं चीखती रही, चिल्लाती रही, कई बार अंकल से कहा कि मुझे छोड़ दो, पर किसी ने नहीं सुनी। वे मुझे नोचते रहे। गंदी हरकत करने के बाद गले को चाकू से काटने की कोशिश की।

यह बात मासूम ने बयान लेने वाले अधिकारियों को बताई। मासूम की भाषा में दोनों दरिंदों द्वारा उसके साथ की गई हैवानियत की बात सुनकर बयान लेने गए अधिकारियों की आंखें भी भर आई थीं।

सामूहिक दुष्कर्म से पीड़ित बालिका के मामले में मंगलवार को पुलिस द्वारा पेश किए गए 350 पेज के चालान में बालिका के बयान भी शामिल किए गए हैं। सूत्रों की मानें तो बालिका अभी मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं होने के कारण पुलिस ने उसके प्रारंभिक बयान लिए हैं, जो लगभग एक से डेढ़ पेज के हैं।

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इसमें बालिका ने स्कूल से ले जाने के साथ ही बेहोश होने तक की दर्दनाक आपबीती अपने मासूम लफ्जों में बताई है। अहसनीय दर्द के कारण बालिका के बेहोश होने के बाद दोनों आरोपित उसे मरा हुआ समझकर छोड़कर भाग गए थे।

सामूहिक दुष्कर्म से पीड़ित बालिका के मामले में पुलिस ने घटना के 14 दिन बाद मंगलवार को लगभग 350 पेज का चालान पॉक्सो एक्ट की विशेष कोर्ट में न्यायाधीश निशा गुप्ता के समक्ष पेश किया। इसमें 92 गवाह भी रखे गए हैं। लगभग 100 साक्ष्य भी शामिल किए गए हैं। मंदसौर के इतिहास में यह किसी भी घटना के बाद सबसे जल्दी पेश होने वाला चालान है। लोगों के आक्रोश के चलते दोनों आरोपितों की जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराई गई।

मंगलवार सुबह से ही पुलिस कोर्ट में चालान पेश करने की बात कर रही थी। 5 जुलाई को कोर्ट ने दोनों आरोपितों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। इस लिहाज से उनकी पेशी 16 जुलाई को होना थी। इस पर पुलिस ने सुबह कोर्ट में एक आवेदन पेश कर मंगलवार को ही चालान पेश करने की अनुमति मांगी।

अनुमति मिलने के बाद शाम 4 बजे उप संचालक अभियोजन बीएस ठाकुर, एसआईटी प्रभारी सीएसपी राकेश मोहन शुक्ला, निरीक्षक पुष्पा चौहान व अन्य पुलिसकर्मी पॉक्सो एक्ट की विशेष कोर्ट में चालान पेश करने पहुंचे।

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यहां एक बॉक्स में जब्त सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर व अन्य सामान रखे गए थे। गवाहों की सूची में एसआईटी से जुड़े पुलिस अधिकारी, बच्ची को सबसे पहले देखने वाले लोग, सामान जब्ती के समय उपस्थित लोग, उपचार करने वाले मंदसौर व इंदौर के चिकित्सकों सहित स्वास्थ्यकर्मी, इसके अलावा बालिका के स्कूल के आसपास के कुछ लोगों को भी शामिल किया गया है।

क्या है पूरा मामला

26 जून को शाम लगभग 5.30 बजे आरोपित आसिफ पिता जुल्फिकार मेव व इरफान पिता जहीर खां मेव दोनों निवासी मदारपुरा ने हाफिज कॉलोनी स्थित स्कूल के बाहर से बालिका का अपहरण किया। इरफान बालिका को लेकर लक्ष्मणशाह दरवाजे के पास स्थित सुनसान झाड़ियों में पहुंचा। वहां आसिफ भी पहुंच गया। दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और गले व गाल पर चाकू से वारकर भाग गए।

दूसरे दिन बालिका झाड़ियों से मिली और उसे इंदौर रेफर किया गया। शाम को सीसीटीवी फुटेज में दिखे इरफान को पुलिस ने पकड़ लिया। 28 जून को शहर बंद रहा और हजारों लोगों ने सड़क पर प्रदर्शन किया। 29 जून को आसिफ भी पुलिस की पकड़ में आ गया। बाद में पुलिस ने पूरी जांच कर 14 दिन बाद 10 जुलाई को चालान कोर्ट में पेश किया। अभी बालिका इंदौर के एमवाय अस्पताल में उपचाररत है।

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