मुजफ्फरपुर: 29 नहीं, 34 लड़कियों से हुई थी हैवानियत, दास्तां ऐसी कि रोंगटे खड़े हो जाएं

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मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर के एक शेल्टर होम (बालिका गृह) की लड़कियों की दुख भरी दास्तां ज्यों-ज्यों सामने आ रही है, वैसे-वैसे और बड़े खुलासे भी होते जा रहे हैं। अभीतक करीब 29 लड़कियों के साथ रेप की बात कही जा रही थी, लेकिन अब 34 लड़कियों के साथ हैवानियत की पुष्टि हुई है। ये लड़कियां पिछले कई महीनों से दरिंदगी का शिकार हो रही थीं। दरिंदगी की शिकार हुईं लड़कियों में कुछ तो 7 से 13 साल की हैं। पुलिस ने अब तक इस मामले में 11 आरोपियों में से 10 को गिरफ्तार कर लिया है।

मुजफ्फरपुर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरप्रीत कौर ने शनिवार को कहा, ‘शेल्टर होम की 29 नहीं बल्कि 34 लड़कियों के साथ रेप किया गया है।’ गौरतलब है कि पिछले सप्ताह करीब 42 लड़कियों का मेडिकल परीक्षण किया गया था जिसमें 29 के साथ रेप की पुष्टि हुई थी। ताजा मेडिकल रिपोर्ट में कुल 34 लड़कियों के साथ रेप की पुष्टि हुई है। बिहार सरकार ने इस मामले में एक मंत्री के पति का नाम सामने आने और विपक्ष के बढ़ते दबाव के बीच सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं।

विरोध करने पर लड़की की हत्या कर किया दफन
पुलिस पूछताछ में लड़कियों ने बताया है कि शेल्टर होम में जब वे विरोध करती थीं तो उन्हें मारा-पीटा और धमकाया जाता था। कुछ लड़कियों ने यह भी दावा किया कि एक नाबालिग लड़की ने विरोध किया तो उसे इतना पीटा गया कि वह मर गई। उन्होंने बताया कि लड़की की हत्या कर उसके शव को शेल्टर होम परिसर में ही दफना दिया गया। पुलिस ने परिसर में खुदाई भी की लेकिन उसे कोई शव नहीं मिला है।

लड़कियों ने सुनाई दास्तां
बिहार के मुजफ्फरपुर में शेल्टर होम की पीड़ित बच्चियों ने अपनी दर्द भरी दास्तां सुनाई है। उन्होंने न्यायिक मैजिस्ट्रेट के सामने अपनी आपबीती सुनाई। एक 10 साल की लड़की ने बताया, ‘जैसे ही सूरज डूबता था, लड़कियां डरी हुई रहने लगती थीं। वे रातें आतंक से भरी हुई थीं।’

नेताजी’ और ‘हंटरवाला अंकल’ करते थे रेप
लड़कियों ने इस मामले में 2 लोगों के नाम लिए हैं, जिसमें से एक को वे ‘नेताजी’ और दूसरे को ‘हंटरवाला अंकल’ कह रही हैं। कहा जा रहा है कि जिन्हें नेताजी बोला जा रहा है, वह बिहार सरकार में एक मंत्री के पति हैं। वहीं ‘हंटरवाला अंकल’ बालिका गृह संचालक आरोपी ब्रजेश ठाकुर को कहा जा रहा है। ब्रजेश को गिरफ्तार कर लिया गया है।

एक लड़की ने बताया, ‘हमें टॉर्चर किया जाता था, भूखा रखा जाता था, इंजेक्शन लगाए जाते थे। हर रात लड़कियों के साथ रेप होता था। अगर कोई लड़की बात नहीं मानती थी और विरोध करती थी तो ‘हंटरवाला अंकल’ छड़ी से खूब पिटाई करता था। जैसे ही वह किसी के कमरे के आता था, तो सारी लड़कियां डर जाती थीं।’ एक दूसरी लड़की ने बताया, ‘हम रोज किरण मैडम को इस बारे में बताते थे। उनसे बचाने की गुहार लगाते थे, लेकिन वह कुछ नहीं करती थीं। वह हमारी बात नहीं सुनती थीं।’ मालूम हो कि किरण सहित तीन महिलाओं को बालिका गृह में बच्चियों की देखरेख के लिए रखा गया था। इन्हें भी गिरफ्तार किया गया है।

बाहरी लोगों ने भी किया रेप
एक और लड़की ने कहा, ‘मेरे साथ एनजीओ के लोगों ने और कई बाहरी लोगों ने कई बार रेप किया। मैं कई दिनों तक चल नहीं पा रही थी। कई बार मुझे बालिका गृह से बाहर ले जाया जाता था। मुझे नहीं पता वे लोग कहां ले जाते थे। लेकिन फिर अगले दिन ही वापस लाया जाता था।

‘मंत्री के पति अक्‍सर आते थे शेल्‍टर होम’
शेल्टर होम मामले में जेल में बंद बाल संरक्षण अधिकारी रवि कुमार रोशन की पत्‍नी शीबा कुमारी सिंह ने आरोप लगाया था कि सामाजिक कल्‍याण मंत्री कुमारी मंजू वर्मा के पति चंद्रेश्‍वर वर्मा अक्‍सर शेल्‍टर होम में आते रहते थे। शीबा ने कहा, ‘चंद्रेश्‍वर अक्‍सर हरेक अधिकारी को ग्राउंड फ्लोर पर बैठने के लिए कहते थे और खुद ऊपर की मंजिल पर चले जाते थे।’ हालांकि चन्द्रेश्वर वर्मा ने आरोपों को बदनाम करने की साजिश करार देते हुए खारिज कर दिया है।

शीबा ने कहा, ‘यह मेरे पति ही थे जिन्‍होंने सीसीटीवी कैमरा लगाने और चिल्‍ड्रेन होम को शिफ्ट करने के लिए पत्र लिखा था। उनके पत्र पर दो साल तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।’ उधर, इस आरोप पर चंद्रेश्‍वर ने टीवी चैनलों से बातचीत में कहा कि दो साल पहले जब उनकी पत्‍नी मंत्री बनी थीं, तब वह केवल एक बार शेल्‍टर होम गए थे।

टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस की रिपोर्ट से खुलासा
शेल्टर होम में लड़कियों से दरिंदगी का खुलासा मुंबई स्थित टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस की रिपोर्ट के जरिए हुआ था। यह रिपोर्ट कई लड़कियों से बातचीत के आधार पर तैयार की गई थी, जिसमें उन्होंने अपनी खौफनाक दास्तां बयां की है।

शेल्टर होम चलाने वाला NGO ब्लैकलिस्टेड
शेल्टर होम को संचालित करने वाले गैर-सरकारी संगठन (NGO) को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। शेल्टर होम में रह रहीं सभी लड़कियों को पड़ोसी जिलों में शिफ्ट किया गया है।