मासूम ने बताया- दीदी को रोज काली गाड़ी से ले जाते थे, सुबह वो रोते हुए आती थी

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अब यूपी के देवरिया में मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप कांड जैसा मामला। 24 बच्चियों को मुक्त कराया गया।

देवरिया.अब उत्तर प्रदेश के देवरिया से मुजफ्फरपुर (बिहार) शेल्टर होम रेप कांड जैसा मामला सामने आया है। रविवार को यहां के एक शेल्टर होम से एक लड़की भाग गई। लोगों ने उसे महिला पुलिस थाने पहुंचाया। जहां पूछताछ में उसने बताया, लोग बड़ी-बड़ी गाड़ियों से शेल्टर होम आते और 15 साल के ऊपर की लड़कियों को साथ ले जाते थे। इस सनसनीखेज आरोप के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया और संबंधित शेल्टर होम में रेड मारकर वहां रह रही 24 लड़कियों को मुक्त कराया। एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) आनंद कुमार ने बताया, इन सभी बच्चियों का मेडिकल कराया जाएगा।रजिस्टर में 42 बच्चियों के नाम, 18 का अता-पता नहीं…

मामले में पुलिस ने मां विन्ध्वासिनी बालगृह संस्था की महिला संचालिका गिरजा त्रिपाठी, उसके पति और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय ने बताया, संस्था के रजिस्टर में 42 लड़कियों के नाम हैं। इनमें से 24 लड़कियों को वहां से मुक्त कराया गया। बाकी कहां हैं इस बारे में पूछताछ की जा रही है।

‘बड़ी मैम रात को कहीं भेजती थी’
– पुलिस के मुताबिक, शेल्टर होम से भागकर आई मासूम ने बताया, वहां रहने वाली दीदी लोगों को बड़ी मैम रात को कहीं भेजती थीं। उन्हें लेने के लिए कभी लाल तो कभी काली गाड़ी आती थी। जब दीदी सुबह आती थीं तो सिर्फ रोती थीं। कुछ भी पूछने पर बताती नहीं थीं। शेल्टर होम में लड़कियों से झाड़ू-पोंछा करवाया जाता था।
– देवरिया डीपीओ प्रभात कुमार का कहना है, मां विन्ध्वासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाजिक सेवा संस्थान में अनियमितता पाई गई थी। उसके आधार पर इनकी मान्यता स्थगित थी और शासन से एक आदेश हुआ था कि सभी बच्चों को यहां से ट्रांसफर किया जाए। लेकिन इन लोगों बच्चों को गलत तरीके से यहां पर रखा गया था।

अवैध तरीके से चल रहा था शेल्टर होम
महिला और बाल कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने बताया, पिछले साल सीबीआई निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आए थे कि देवरिया स्थित यह शेल्टर होम अवैध तरीके से चल रहा है। इसके बाद सरकार की ओर से यहां रहने वाली लड़कियों को दूसरी जगह शिफ्ट करने और इस बालिका गृह को बंद करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन, आदेश का पालन नहीं किया गया।

क्या है मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड ?
– मुंबई की टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की ‘कोशिश’ टीम की सोशल ऑडिट रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप कांड का खुलासा हुआ था। 28 मई को एफआईआर दर्ज हुई। इसके बाद शेल्टर होम से 46 नाबालिग लड़कियों को 31 मई को मुक्त कराया गया। सभी की उम्र 18 से कम है। इनमें से 34 के साथ रेप की पुष्टि हुई है।
– शेल्टर होम का संचालन कर रही एनजीओ के लोगों पर बच्चियों के साथ रेप का आरोप है। इस कांड में नेताओं की भागीदारी की बात भी सामने आई। आरोप है कि संचालक ब्रजेश ठाकुर यौन शोषण का विरोध करने पर एक बच्ची की हत्या भी कर चुका है। मामले में ब्रजेश ठाकुर, शेल्टर होम की अधीक्षिका इंदू कुमारी समेत 10 लोगों को जेल भेजा जा चुका है।