महिला ने पूर्व फौजी पर शारीरिक संबंध बनाने का लगाया था आरोप, पिता को इंसाफ दिलाने के लिए बेटे ने किया आरोपी महिला का स्टिंग, सारा सच आ गया सामने

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accused woman sting in hotel

महिला ने पूर्व फौजी पर सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने का लगाया था आरोप।

मोगा (पंजाब)। पूर्व फौजी व सरकारी अस्पताल के एबुलेंस ड्राइवर को ढाई महीने पहले रेप केस में फंसाने वाली महिला का आरोपी के बेटे ने एक होटल में स्टिंग करके सच्चाई बाहर ला दी। उक्त महिला ने कुछ लोगों के कहने पर उसके बाप को झूठे केस में फंसाया था। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि वीडियो की पुष्टि नहीं करता लेकिन आरोपी के बेटे ने ये वीडियो डीजीपी को भेजा है। डीजीपी ने इसकी जांच आईजी गुरिंदर सिंह ढिल्लों को सौंप दी है।

यह था मामला: महिला ने पूर्व फौजी पर सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने का लगाया था आरोप

– 4 मई 2018 को थाना सिटी साउथ के एएसआई अमरीक सिंह ने बताया, थाना क्षेत्र में रहने वाली 30 साल की महिला ने पुलिस को बयान दिया कि एक महीना पहले पूर्व फौजी उसे सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर उसकी मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाता रहा।

– 3 मई को पूर्व फौजी उसे लुधियाना लेकर गया था। वहां से लौटते समय उसने जबरन उसके साथ रेप किया। महिला के बयान के आधार पर पूर्व फौजी बीर सिंह के खिलाफ रेप के आरोप में केस दर्ज किया।

– आरोपी के बेटे वीरप्रीत सिंह ने पिता को इंसाफ दिलाने के लिए 20 जून को महिला से फोन पर संपर्क कर उसे मोगा-लुधियाना रोड स्थित एक होटल में बुलाया।

– दोनों एक दूसरे से अनजान बनकर मिले थे। वीरप्रीत ने बातों में फंसाकर यह उगलवाया कि महिला ने उसके पिता वीर सिंह को किस प्रकार और किसके कहने पर रेप केस में फंसाया। इसी का वीडियो बनाया।

1 जुलाई को डीजीपी को दी लिखित शिकायत

– वीरप्रीत सिंह ने इन वीडियो को आधार बनाकर 1 जुलाई को डीजीपी पंजाब से मिलकर मामले की जांच की मांग की है। साथ ही, स्टिंग वाले वीडियो की सीडी भी उनको सौंप दी है। डीजीपी ने फिरोजपुर रेंज के आईजी गुरिंदर सिंह ढिल्लों को जांच करने को कहा है।

– आईजी गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने कहा, बाहर होने के चलते उनको केस की जानकारी नहीं है। शुक्रवार को ऑफिस जाने पर पता चलेगा।

क्या है वीडियो में….

वीडियो में महिला बता रही है कि वीर सिंह को पंजाब सरकार द्वारा गांव में विभिन्न प्रकार की होने वाली सरकारी कामों की देखभाल का जिम्मा सौंपा गया था। लेकिन गांव के कुछ लोगों द्वारा सरकारी ग्रांटों में घपला करने के चलते वीर सिंह ने एसएसपी मोगा, विजिलेंस विभाग से इसकी शिकायत की थी। गर्दन फंसती देख उन लोगों ने उसका इस्तेमाल वीर सिंह को रेप केस में फंसाकर जेल भेजने की योजना बनाई।