महिलाओं को बेरहमी से नोचते हैं यहां हर तीसरा आदमी है बलात्कारी

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gang rape in government guest house

दक्षिण अफ्रीका में जोहानसबर्ग के डीपस्लूट शहर में रेप होना आम बात है। इस मामले में यह सबसे खतरनाक इलाका माना जाता है। इसका खुलासा खुद डीपस्लूट के रहने वाले 2 युवाओं ने किया है। उन्होंने बताया कि वे अब तक कई महिलाओं का रेप कर चुके हैं और कैमरे के सामने उन्हें ये कहने में कोई एतराज नहीं था।

उन्होंने दावा किया कि वो नहीं जानते थे कि वो कुछ गलत कर रहे हैं। उन्होंने कभी खुद को उन रेप पीड़िताओं की जगह रखकर उनकी तकलीफ का अंदाजा लगाने की कोशिश नहीं की। वो कैमरे पर अपना चेहरा दिखाने को तैयार थे लेकिन अपने नाम गुप्त रखना चाहते थे। उन्होंने बड़े आराम से अपने अपराधों की कहानियां सामने रखीं।

उन्होंने बताया, ‘जैसे ही वो दरवाजा खोलतीं, हम उनके घर में घुस जाते और अपना चाकू निकाल लेते। वो चिल्लाती थीं। हम उन्हें चुप हो जाने को कहते। उन्हीं के बिस्तर में ले जाकर हम उनका रेप करते थे।’ दोनों युवकों में से एक दूसरे की ओर मुड़ा और बोला, ‘यहां तक कि मैंने एक बार इसी के सामने इसकी गर्लफ्रेंड का रेप कर दिया था।’

ये बयान हैरान कर देने वाले हैं, लेकिन डीपस्लूट में ये सब बेहद आम है। इस शहर के तीन में से एक पुरुष ने माना कि उन्होंने कम से कम एक बार रेप किया है। ये संख्या यहां की आबादी की 38 फीसदी है। ये बात 2016 में किए गए एक सर्वे में सामने आई थी। इस सर्वे के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ विटवॉटर्सरंड ने 2,600 से अधिक आदमियों से बात की थी। कुछ लोगों ने एक ही महिला का दो बार रेप किया था।

मारिया का उनके ही घर में रेप किया गया था। जिस वक्त उनका रेप हुआ, उनकी बेटी बगल के कमरे में सो रही थी।

बीते तीन सालों में डीपस्लूट में बलात्कार की 500 शिकायतें की गईं, लेकिन किसी भी मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। रेप के मामले में ही नहीं बल्कि दूसरे अपराधों के मामलों में भी यहां का कानून अपाहिज है। स्थानीय पत्रकार गोल्डन एमटिका क्राइम रिपोटर ने बताया कि रात में डीपस्लूट की सड़कों पर निकलना बेहद खतरनाक है। कुछ बुरा होने पर मदद मिलना मुश्किल होता है।’

‘रात के 10 या 11 बजे भी किसी की हत्या हो सकती है और पुलिस अगले दिन तक उस व्यक्ति के शव को नहीं उठाती।’ एमटिका कहते हैं कि डीपस्लूट में कानून नाम की कोई चीज नहीं है। ऐसे में कई बार बड़े से बड़े अपराध हो जाते हैं। अपराधों के प्रति प्रशासन का ये ढीला रवैया यहां के आम लोगों को खूब अखरता है। प्रशासन के कार्रवाई न करने की वजह से यहां के लोग कानून को अपने हाथ में ले लेते हैं। अपराधियों को सजा देने के लिए लोग कई बार उन्हें पीट-पीट कर मार देते हैं। एमटिका के मुताबिक ऐसी घटनाएं यहां हर हफ्ते होती हैं।

उन्होंने आंखों देखी एक घटना के बारे में बताया, ‘भीड़ ने तीन लोगों पर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी।