भाई ने बहन के प्रेमी, उसकी मां-बहन का किया मर्डर

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police arrested five accused of triple murder in greater noida

नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमीक्रान में 19 जुलाई की रात हुए ट्रिपल मर्डर में मरने वाले युवक कृष्णकांत का दोस्त ही मुख्य आरोपी निकला। दरअसल, मुख्य आरोपी की बहन और कृष्णकांत के बीच प्रेम-संबंध था। इसे लेकर मुख्य आरोपी ने दोनों को दूर रहने के लिए काफी दबाव बनाया था। इस मामले में कॉलेज के बाहर आरोपी ने कृष्णकांत की कुछ हफ्ते पहले पिटाई भी की थी। इसके बाद भी जब वह नहीं माना तो उसके घर में ही हत्या करने की साजिश बना डाली। आरोपी ने 4 दोस्तों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने घटना के 4 दिन बाद ही सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया। एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि पकड़ा गया मुख्य आरोपी कृष्णकांत का दोस्त मनीष (20) है।

कार की तलाशी के दौरान लोहे की रॉड और चाकू बरामद

घटना में शामिल रहे मनीष के दोस्त बिट्टू कसाना, प्रवीण भाटी, अंकित भाटी व तरुण लोहिया को भी पुलिस ने मंगलवार को दादरी से अरेस्ट किया। कार से लोहे की रॉड और एक चाकू बरामद हुआ। आरोपियों ने घर में घुसने के बाद सबसे पहले कृष्णकांत की मां मंजू के सिर पर रॉड मारा। इसके बाद चाकू से चेहरे व गले पर हमला कर मार डाला। इसके बाद कृष्णकांत के कमरे में जाकर उसे भी मार डाला। तभी पता चला कि कृष्णकांत की बहन प्रियंका घर में है तो वह कहीं घटना की गवाह न बन जाए, इसलिए उसे भी मार डाला।

प्लान ये था कि… तीनों के शव नहर में फेंक देंगे लेकिन कार में तीसरा शव नहीं आया

आरोपियों की साजिश थी कि हत्या के बाद तीनों मृतकों के शव को नहर में ले जाकर फेंक देंगे। इसलिए हत्या के बाद कार से कृष्णकांत व उसकी बहन प्रियंका के शव को पहले कार में रखा। इसके बाद तीसरे शव को रखने की जगह नहीं बन पाई। इसके बाद दो शव को नहर में फेंक दिया। वहां से लौटते समय सुबह होने लगी थी, इसलिए कृष्णकांत की मां के शव को घर में ही छोड़ दिया था। घर के बाहर ताला लगाकर आरोपी भाग निकले थे।

ऐसे मिला सुराग…घटना से पहले कृष्णकांत को फोन कर पूछा- वह घर में है या नहीं

मुख्य आरोपी मनीष ने दोस्त व आरोपी बिट्टू कसाना के फोन से घटना वाली रात कृष्णकांत को फोन किया था। वह पता लगाया था कि उस समय वह घर पर है या नहीं। इसके बाद ही पांचों आरोपी हत्या करने को निकले थे। पुलिस की जांच में इसी कॉल से सुराग मिला था। जांच में सभी आरोपियों की लोकेशन भी घटना वाली रात में कृष्णकांत के घर पर ही मिली जिसके आधार पर सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।

ऐसे रची साजिश… हरिद्वार में प्लान बनाया था, घटना वाली रात डेढ़ घंटे छत पर रुके

पुलिस ने बताया कि कुछ हफ्ते पहले ही मनीष अन्य आरोपी दोस्तों के साथ हरिद्वार गया था। वहीं उसने बहन से प्रेम-प्रसंग करने वाले की हत्या करने की साजिश बनाई। 19 जुलाई की रात 10:40 बजे साजिश के तहत पांचों आरोपी कृष्णकांत के घर की छत पर पहुंच गए। घर में टीवी चल रहा है। पांचों छत पर सिगरेट पीते रहे। रात 12 बजे जब टीवी की आवाज बंद हो गई तब घर में दाखिल हुए।

इसलिए भड़का…दोस्ती मंजूर थी लेकिन प्रेम- प्रसंग का पता चला तो मार डाला

मुख्य आरोपी मनीष मृतक कृष्णकांत के साथ एक ही कॉलेज से बीसीए कर रहा है। दोनों दोस्त थे। इससे परिवार में मिलना-जुलना था। इसी दौरान कृष्णकांत की दोस्ती मनीष की बहन से हो गई। एक महीने पहले ही मनीष को दोनों के प्रेम-प्रसंग का पता चला। तब से वह कृष्णकांत का दुश्मन बन गया और शुरू में समझाया। इसके बाद वह नहीं माना तो मारपीट और फिर हत्या की साजिश बना डाली।

मां का शव घर में, कृष्णकांत का शव नहर में मिला, प्रियंका की लाश नहीं मिली

एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया, 19 जुलाई की रात सेक्टर ओमीक्रॉन-टू में मंजू यादव की हत्या कर दी गई थी, जिनका शव शुक्रवार सुबह घर में ही मिला था। घटना के बाद से मंजू का बेटा कृष्णकांत (19) व बेटी प्रियंका (17) दोनों लापता थे। इस संबंध में मृत महिला से अलग रह रहे पति प्रमोद ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस बीच, रविवार को दनकौर क्षेत्र में खेरली नहर से एक युवक का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान कृष्णकांत के रूप में हुई। हालांकि, प्रियंका का शव अभी नहीं मिला है।