बोर्ड टॉपर से जिन दरिंदो ने की थी हैवानियत, 3 में से 1 सेना का जवान

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cbse topper girl molestation case in rewari

रेवाड़ी (हरियाणा)। रेवाड़ी की टॉपर युवती से गैंगरेप को लेकर देश गुस्से में है। लेकिन 4 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। एडीजीपी श्रीकांत जाधव द्वारा बनाई गई एसआईटी समेत पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली में छापेमारी कर रही हैं। आरोपियों का सुराग देने वालों को एक लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। वहीं, झज्जर की सीमा से सटे जिस खेत में बने कोठरे (कमरे) में युवती से ज्यादती हुई, उससे शनिवार को एसआईटी ने साक्ष्य जुटाए। मौके से शराब की बोतलें व फ्रिज से चिकन मिला है। कोठरे को अय्याशी का अड्‌डा बनाया हुआ था। पुलिस ने कोठरे के मालिक दीनदयाल समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने दरिंदगी के 3 दिन बाद युवती से दुष्कर्म होने की पुष्टि की। घटना के बाद 24 घंटे तक बरती गई लापरवाही ही पुलिस के गले की फांस बन गई है। महिला थाने में तो गैंगरेप के मामले को फर्जी बताकर परिजनों का शिकायत पत्र तक फेंक दिया था। उधर, आरएमपी डॉक्टर ने एसआईटी को बयान दिया है कि जब वह मौके पर पहुंचा था तो लड़की की हालत ठीक नहीं थी और नशे में थी। वहीं, आरोपियों की धमकी की शिकायत पर पीड़िता के घर पर पुलिस तैनात कर दी गई है।

एसआईटी ने घटनास्थल पर साढ़े 3 घंटे की जांच
नूंह एसपी नाजनीन भसीन के नेतृत्व में बनाई गई एसआईटी की टीम दोपहर बाद 3:00 बजे घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची। वहां बने कोठरे से शराब की बोतलें, बिस्तर व फ्रिज में तैयार चिकन मिला। आरोपियों की गाड़ी से महिला के बालों में लगाई जाने वाली 4 क्लिप पिन व शराब की बोतलों के ढक्कन बरामद हुए। टीम ने घटनास्थल का नक्शा बनाया और माैके पर मौजूद ग्रामीणों से पूछताछ की। शाम 5:30 बजे एफएसएल की टीम व एडीजीपी श्रीकांत जाधव गांव में पहुंचे। शाम 6.30 बजे तक टीम मौके पर डटी रही। इससे पहले शुक्रवार रात 1 बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) अमरदीप सिंह ने अस्पताल में पीड़िता के बयान दर्ज किए। वहीं, परिजनों ने कहा है कि 164 के बयान दोबारा होने चाहिए, क्योंकि अभी पीड़िता डिप्रेशन में है। वहीं, नारनौल सीजेएम विवेक यादव ने पीड़िता से मुलाकात की और परिजनों को 2 लाख रु. का चेक अंतरिम राहत के तौर पर दिया।

लापरवाही के लिए ये 3 बड़े जिम्मेदार चेहरे…

1. रेवाड़ी महिला थाना : इंस्पेक्टर सरोज बाला ने तो पहले शिकायत भी फेंकी (सरोज बाला)
परिजनों ने बताया, ’12 सितंबर को घटना की रात करीब 9.30 बजे रेवाड़ी पहुंचे। एसपी से मुलाकात नहीं हो पाई तो महिला थाने गए। थाना प्रभारी ने मामला फर्जी बता शिकायत फेंक दी। काफी मनाने पर 4 घंटे बाद पीड़िता को अस्पताल में मेडिकल के लिए ले जाया गया। सुबह जीरो एफआईआर दर्ज कर केस कनीना थाने ट्रांसफर कर दिया। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सरोजबाला पूरी तरह जिम्मेदार हैं।

2. महेंद्रगढ़ जिला पुलिस : आरोपी परिजनों को धमकी देते रहे, पर कार्रवाई नहीं हुई (अनिरुद
रेवाड़ी महिला थाना पुलिस ने सफाई दी है कि 13 सितंबर की सुबह ही उन्होंने जीरो एफआईआर दर्ज कर कनीना थाने को भेज दी थी। कनीना पुलिस ने इस पर शाम करीब 6:30 बजे केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई। यहां अनिरुद्ध थाना प्रभारी हैं। परिजनों के अनुसार इसी शाम आरोपी गांव में घूम रहे थे। धमकी भी दी गई। यदि पुलिस गंभीर होती तो आरोपी गिरफ्त में होते।

3. रेवाड़ी नागरिक अस्पताल : एसएमओ सुदर्शन की रिपोर्ट पुलिस की मर्जी पर (डॉ. सुदर्शन)
घटना की रात पुलिस पीड़िता काे रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल लेकर पहुंची। मेडिकल के बाद अगले दिन सुबह पीड़िता को छुट्टी दे दी। 14 सितंबर को फिर भर्ती कर लिया। बयान के लिए फिट बताया। मगर अब तक डिस्चार्ज नहीं किया गया। एसएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार का कहना है कि जल्दबाजी क्या है, कर देंगे डिस्चार्ज। बयान देना और मेडिकली-फिजिकली फिट अलग-अलग चीजें हैं।

2. आरोपियाें पर एक्शन को सेना सख्त, पुलिस बेबस सैनिक अपराध में शामिल तो बख्शेंगे नहीं : सेना
‘अगर कोई सैनिक अपराध में शामिल है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। हम उसे पकड़ने में पूरी मदद करेंगे।’
-लेफ्टिनेंट जनरल चेरिश मैथसन, जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, साउथ वेस्टर्न कमांड, भारतीय सेना

पुलिस ने फौजी के खिलाफ वारंट लिए, 3 राज्यों में छापे
पीड़िता ने बयान में तीन आरोपियों के नाम बताए हैं। पंकज फौजी की गिरफ्तारी के लिए वारंट लिए हैं। एक टीम राजस्थान में उसके ड्यूटी स्थल पर भेजी है। बाकी दो आरोपियों के दिल्ली-हरियाणा में ठिकानों पर भी रेड की जा रही है।
-बीएस संधू, डीजीपी, हरियाणा

विधायक का विवादित बयान, सीएम की झिड़की

बेरोजगारी के कारण फ्रस्ट्रेशन में करते हैं गंदी हरकतें : प्रेमलता
जींद के उचाना से विधायक प्रेमलता ने कहा है कि समाज मे एक गलत चीज शुरू हो गई है कि किसी भी लड़की को कहीं भी देखकर आदमी की नजर गलत हो जाती है। फ्रस्टेटेड बच्चे जिनको नौकरी नहीं मिल रही और जिनको भविष्य नहीं नजर आ रहा, वे इस तरह की गंदी हरकत करते हैं।

गिरफ्तारी न होने के सवाल पर सीएम का स्वच्छता पर जवाब
नई दिल्ली, चार दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के सवाल पर सीएम मनोहर लाल ने मीडिया को ही झिड़क दिया। कहा, ‘अरे क्या बात कर रहे हो आप। क्या विषय है आपका। सुनिए, किसी भी वक्ता के साथ ऐसा नहीं करते, उसे बोलने देते हैं।’ इसके बाद स्वच्छता अभियान पर विचार रख कर चल दिए।

रेवाड़ी (हरियाणा)। रेवाड़ी की टॉपर युवती के साथ गैंगरेप मामले में चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। एसआईटी समेत पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में छापेमारी कर रही हैं। लेकिन आरोपी अभी तक गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने पहले मामले को फर्जी बता शिकायत तक दर्ज नहीं की थी। अब आरोपियों का सुराग देने वालों को 1 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा कर लोगों से मदद मांगी है।

झज्जर की सीमा से सटे जिस खेत में बने कमरे में युवती से ज्यादती की गई, उससे शनिवार को एसआईटी ने साक्ष्य जुटाए। कोठरे से शराब की बोतल व फ्रिज से चिकन मिला है। इस कोठरे को अय्याशी का अड्‌डा बनाया हुआ था। पुलिस ने कोठरे के मालिक दीनदयाल को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस ने दरिंदगी के 3 दिन बाद युवती से रेप होने की पुष्टि की।
पंकज सेना में, कोटा से छुट्‌टी आया था

निशु पर पहले भी लगे अभद्रता के आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 6 महीने पहले निशु ने गांव की ही एक महिला के साथ अभद्रता की थी, लेकिन पंचायत स्तर पर मामला दबा दिया गया। मामला प्रकाश में नहीं आने के चलते आरोपियों के हौसले बुलंद हाे चुके थे।

पुलिस के पहरे में पीड़िता का घर
आरोपियों द्वारा धमकी दिए जाने की परिजनों की शिकायत के बाद पीड़िता के घर के बाहर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। पीड़िता के पिता का आरोप था कि दो दिन से आरोपी लगातार धमकी दे रहे थे।

सीजेएम ने दी परिजनों को 2 लाख की अंतरिम सहायता
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम विवेक यादव ने शनिवार को रेवाड़ी अस्पताल में जाकर पीड़िता से मुलाकात की। परिजनों को 2 लाख रुपए का चेक अंतरिम राहत के तौर पर दिया। इस संबंध में सभी प्रकार के कागजात तैयार करने के लिए एडवोकेट पैनल को जिम्मेदारी सौंपी है। वे घर जाकर कागजात तैयार कर रहे हैं।

रात 1 बजे कराए पीड़िता के बयान, परिजन असंतुष्ट
घटना के दो दिन बाद शुक्रवार रात 1 बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) अमरदीप सिंह नागरिक अस्पताल पहुंचे और 164 के तहत पीड़िता के बयान दर्ज किए। शनिवार को परिवार के लोगों ने इससे असंतुष्टि जताई। परिजनों ने कहा कि 164 के बयान दोबारा दर्ज होने चाहिए। अभी पीड़िता डिप्रेशन में है। इस पर नारनौल सीजेएम विवेक यादव ने एसआईटी को एप्लीकेशन देने की सलाह दी।

रेवाड़ी महिला थाना : मेडिकल कराने ही चार घंटे बाद ले गए
परिजनों के अनुसार वे 12 सितंबर को घटना की रात 9.30 बजे रेवाड़ी पहुंचे थे। महिला थाने गए। यहां मामला फर्जी बताते हुए शिकायत को ही फेंक दिया। 4 घंटे बाद मेडिकल हुआ। सुबह जीरो एफआईआर दर्ज कर केस कनीना ट्रांसफर कर दिया। लापरवाही के लिए इंस्पेक्टर सरोजबाला जिम्मेदार।

सिविल अस्पताल: पुलिस की मर्जी पर घूम रही रिपोर्ट
दूसरा जिम्मेदार अस्पताल प्रशासन है। घटना की रात पुलिस पीड़िता काे अस्पताल लाई। एडमिट रखने के बजाय मेडिकल के बाद सुबह छुट्टी दे दी। 14 सितंबर को फिर भर्ती कर लिया। बयान के लिए फिट बताया, मगर अब डिस्चार्ज तक नहीं किया जा रहा।

महेंद्रगढ़ जिला पुलिस : जीरो एफआईआर पर शाम को संज्ञान
तीसरी जिम्मेदारी महेंद्रगढ़ पुलिस की थी। रेवाड़ी महिला थाने ने एफआईआर कनीना थाने को सुबह भेज दी थी। कनीना पुलिस ने इस पर 6:30 बजे केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। इसी शाम आरोपी गांव में घूम रहे थे, धमकी भी दी थी। यदि पुलिस गंभीर होती तो आरोपी गिरफ्त में होते।