डॉ. ने कहा- इतने गहरे जख्म मिले हैं कि अब मां बनने में आ सकती है समस्या

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5 साल की मासूम से दरिंदगी ऐसी थी कि छोटी-बड़ी आंत, पेशाब की थैली और खून की नली हो गई डैमेज, 3 बार हो चुकी है सर्जरी

दरिंदगी ऐसी थी कि छोटी-बड़ी आंत, पेशाब की थैली और खून की नली हुईं डेमेज, 3 बार स्मीमेर में हो चुकी सर्जरी

सूरत (गुजरात) डिंडोली में 30 सितंबर 2018 को पांच साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म वाले मामले में बच्ची के सामान्य जीवन जी पाने के लिए अब केवल दिल्ली एम्स ही एकमात्र रास्ता बचा है। स्मीमेर अस्पताल में दो से तीन बार बच्ची का ऑपरेशन हो चुका है। अब अधिक इलाज के लिए उसे दिल्ली एम्स में भेजा जाएगा। स्मीमेर अस्पताल ने अन्य ऑपरेशन के लिए दिल्ली एम्स जाने के लिए पुलिस से कहा है। डॉक्टर बताते हैं कि गुप्तांग के साथ-साथ छोटी और बढ़ी आंत, पेशाब की थैली और खून की नली में गंभीर चोट होने से उसे एम्स के इलाज की जरूरत है। घटना के बाद बच्ची का स्मीमेर अस्पताल में दो से तीन बार ऑपरेशन हुआ था।

जितने अंगों को आई चोट, उतने ज्यादा करने होंगे ऑपरेशन
सिविल अस्पताल की गायनिक विभाग की एचओडी डॉ. रागनी वर्मा ने बताया- कम उम्र में यह सब होना यानी बच्ची का पूरा जीवन खराब हो जाता है। आमतौर पर जब ऐसी इंजरी होती है तो छोटी और बढ़ी आंत, पेशाब की थैली और नली, बच्चे दानी का मार्ग और अन्य इंजरी होने से मां बनने या सामान्य जीवन जीने में बहुत मुश्किल होती है। बच्ची को जिस भी ऑर्गन में इंजरी होगी, उन सब का हर बार अलग ऑपरेशन होगा। अब उसे कितने हिस्से में चोट आई है, उस पर निर्भर करता है।

डॉक्टर बोले- मां बनने या मासिक धर्म आने में हो सकती है समस्या
स्मीमेर अस्पताल के गायनिक विभाग के एचओडी डॉ. अश्विन ने बताया कि बच्ची बहुत छोटी है। उसके ऑर्गन भी बहुत छोटे और नाजुक हैं। ऐसे में इंटर्नल ऑर्गन डैमेज हुए हैं। इससे आगे चलकर मासिक आने और मां बनने में समस्या हो सकती है। सबसे ज्यादा समस्या उसे बाहरी इंफेक्शन से हो सकता है। बाहरी इंजरी से हमेशा इंटरनल ऑर्गन को इंफेक्शन होने का खतरा रहता है। इसलिए समय रहते अच्छा इलाज जरूरी है। अस्पताल ने दो से तीन ऑपरेशन किए हैं।

डीसीपी: डॉक्टरों ने बच्ची को दिल्ली एम्स ले जाने का सुझाव दिया है
शहर के जोन तीन की डीसीपी विधि चौधरी ने बताया कि स्मीमेर अस्पताल के डॉक्टरों ने अधिक इलाज के लिए दिल्ली एम्स का सुझाव दिया है। डॉक्टर के कहने पर उसे दिल्ली ले जाया जाएगा। डॉक्टरों ने बताया है कि इंजरी काफी है इसलिए एम्स जाना पड़ेगा। बच्ची की मां से हम बात कर रहे हैं। इसमें परिवार को कोई पैसा नहीं देना होगा। पूरा इलाज सरकार कराएगी। डिंडोली से अब उसे किसी दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। ताकि सामाजिक प्रताड़ना और भेदभाव की समस्या न झेलनी पड़े। जैसा भी इलाज होगा सूरत पुलिस उसके साथ है।

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