खूंटी गैंगरेप-बंदूक की नोक पर उतरवाए थे लड़कियों के कपड़े, जमीन पर पटककर खींचे न्यूड फोटो

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खूंटी गैंगरेप पीड़ित लड़कियों से फादर ने कहा बलात्कार के बारे में किसी को मत बताना, नहीं तो तुम्हारे मां-बाप का हो जाएगा कत्ल

रांची। खूंटी के कोचांग से अपहरण के बाद पांच युवतियों के गैंगरेप मामले में पुलिस ने एक पीड़ित महिला और नुक्कड़ नाटक के संचालक संजय कुमार शर्मा के बयान के आधार पर एक केस खूंटी महिला थाना और दूसरा अड़की थाना में दर्ज किया है।

गौरतलब है कि झारखंड के खूंटी जनपद के अड़की प्रखंड के कोचांग में 5 युवतियों से उस समय सामूहिक बलात्कार किया गया, जब वह मानव तस्करी के खिलाफ नुक्कड़ नाटक करने गयी थीं।
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आइये जानते हैं पीड़ितों ने क्या कहा है अपने बयान में

प्रभात खबर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ितों के बयान में पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आये हैं। पुलिस द्वारा रिकॉर्ड बयान के अनुसार घटना के बाद आशा किरण नुक्कड़ नाटक मंडली के संचालक संजय कुमार शर्मा और पीड़ित लड़कियां फादर और सिस्टर के पास पहुंची थीं, तो बलत्कृत लड़कियों को समझाने वाले अंदाज में फादर अल्फोंस आइंद ने कहा था कि तुम लोग इस बात की खबर मीडिया या पुलिस में मत देना, नहीं तो तुम्हारा माता—पिता का कत्ल कर दिया जाएगा। तुम्हारा परिवार भी खतरे में पड़ जायेगा। एक पीड़ित लड़की ने पुलिस को दिए अपने बयान में यह भी दावा किया है कि चर्च के फादर अल्फाेंस ने षड्यंत्र के तहत स्थानीय अपराधियों के साथ मिलकर उनका अपहरण कर इस जघन्य कृत्य को अंजाम दिलवाया है।

नुक्कड़ नाटक के संचालक संजय कुमार शर्मा के बयान पर दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, वह आशा किरण की नुक्कड़ नाटक टीम के संचालनकर्ता हैं। 18 जून को पिस्काटोली में आशा किरण संस्था की टीम एवं अन्य लड़के-लड़कियों के साथ वह मानव तस्करी के खिलाफ नुक्कड़ नाटक करने गए थे। इसी दौरान संस्था की सिस्टर रंजीता को एक व्यक्ति ने खुद को कोचांग का मुखिया बताते हुए कहा कि आप लोगों का कार्यक्रम अच्छा है, पहले भी आप लोगों ने पत्थलगड़ी और मानव तस्करी के खिलाफ बेहतर तरीके से प्रचार-प्रसार किया है और इसके बाद उसने दूसरी जगह कार्यक्रम करने के लिए हमारी टीम को निमंत्रण दिया।
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सिस्टर रंजीता के यह कहने पर कि हम लोगों का कार्यक्रम आज ही समाप्त हो गया है, कोचांग मुखिया ने कार्यक्रम करने के लिए बार—बार आग्रह किया। इतना आग्रह करते देख हमने छह लोगों की टीम बनाई, जिसमें तीन लड़के और तीन लड़कियों के साथ आशा किरण की दो लड़कियां और दो सिस्टर शामिल थीं। इन लोगों को लेकर हमारा ड्राइवर कोचांग बाजार पहुंचा और कार्यक्रम शुरू किया गया। तब बाजार में भीड़ कम थी। इसी दौरान दोनों सिस्टर ने कहा कि आप लोग प्रोग्राम कीजिए, हम लोग बगल के मिशनरी स्कूल के फादर से मिलकर आते हैं, वहां भी स्कूल में प्रोग्राम करेंगे। मैंने बोला कि हम लोगों का प्रोग्राम स्कूल जाने का नहीं था, फिर आप लोग क्यों जा रही हैं। कुछ देर बाद सिस्टर ने ड्राइवर को कहा पूरी टीम को लेकर स्कूल आओ, वहां प्रोग्राम होगा। हम लोग 11.30 बजे स्कूल पहुंचे और प्रोग्राम शुरू कर दिया। उधर, दोनों सिस्टर फादर से बातचीत में मशगूल हो गईं।

इसी दौरान वहां दो लड़के आये और फादर से बात करने लगे। उनमें से एक की कमर में बंदूक थी, जिसे देखकर मैं डर गया। मुझसे फादर ने कहा ये लोग दो घंटे के लिए अाप लोगों को ले जायेंगे और फिर वापस पहुंचा देंगे। इसी दौरान नुक्कड़ नाटक करने वाली लड़कियां कहने लगीं कि हम लोग सिस्टर के साथ आये हैं और उनके साथ ही जायेंगे, मगर जब एक सिस्टर जाने को तैयार हुई, तो फादर ने सिस्टर को जाने से मना कर दिया। करीब 2.30 बजे नुक्कड़ नाटक की लड़कियों को लड़के अपने साथ लेकर चले गये।

चार युवकों में से तीन युवक एक कार और एक एम्बुलेंस में बैठाकर सभी को वहां से ले गये, जबकि एक युवक कार के पीछे-पीछे चल रहा था। बीच रास्ते में एक और युवा भी कार में बैठा। युवक सभी को छोटाउली होते हुए एक सुनसान जगह पर ले गये, जहां एक खपरैलनुमा मकान था। वहां जाकर उन युवकों ने संजय कुमार को गाड़ी से नीचे उतार दिया और पांचों युवतियों को लड़के जंगल के अंदर यह कहकर ले गये कि तुम लोग पत्थलगड़ी के विरोध में प्रचार करती हो। तीन लड़के जबर्दस्ती लड़कियों को खींचकर जे जाने लगे, और दो युवक एम्बुलेंस में बैठे हुए थे।
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नुक्कड़ नाटक करने वाली पांचों लड़कियां जंगल के अंदर से शाम 5.45 बजे बाहर निकलीं। संजय ने देखा कि पांचों लड़कियां बेहाल हैं और रो रही थीं। साथ ही लंगड़ा कर चल रही थीं। उनकी हालत देखकर और उनसे बात कर संजय को पता चला कि लड़कियों के साथ रेप हुआ है। इस घटना के बाद युवकों ने संजय के साथ मारपीट की। उसे पेशाब पिलाया और बाेला कि तुम लोग दीकू हो और पत्थलगड़ी का विरोध करते हो, इसलिए तुम्हारे साथ आयी लड़कियां जो नुक्कड़ नाटक कर रही थीं उन्हें हमने ऐसा सबक सिखाया है कि तुम लोग दुबारा यह नहीं कर पाओगे।

घटना के बाद लड़कियों सहित संजय को गाड़ी में बैठा कर फादर के पास छोड़ दिया गया। वहां पर दोनों सिस्टर भी थीं, लेकिन फादर ने लड़कियों की इतनी बुरी दुर्दशा के बावजूद कुछ नहीं पूछा। पुलिस के पास दर्ज प्राथमिकी के अनुसार शिकायतकर्ता संजय ने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है चर्च के फादर अल्फोंस उन पांचों बलात्कारियों से मिले हुए थे, क्योंकि उन्होंने लड़कियों से न तो घटना के संबंध में कुछ पूछा और न ही उनका इलाज कराया गया। उल्टा बलात्कार की शिकार लड़कियों को यह जरूर समझाने लगे कि तुम लोग कहीं भी शिकायत करोगे तो वे लोग तुम्हारे घरवालों को मार देंगे। शिकायतकर्ता की प्रा​थमिकी में चर्च की एम्बुलेंस का नंबर जिसके जरिए अपराध को अंजाम दिया गया जेएच01बीएस- 6496 और अल्टो कार का नंबर जेएच01वाई- 3166 दर्ज कराया गया, ताकि पुलिस अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई कर पाए।

एक बलात्कार पीड़िता लड़की जिसका बयान रिकॉर्ड कर खूंटी के महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है, के अनुसार वह नाटक मंडली में कलाकार के रूप में काम करती है। 19 जून को नुक्कड़ नाटक की टीम के साथ आशा किरण संस्था द्वारा बुलाये जाने पर एम्बुलेंस और कार में बैठकर मुरहू बाजारटांड़ पहुंची थी। वहां पहले से प्रोग्राम तय था। कार्यक्रम शुरू होने के थोड़ी देर बाद दोनों सिस्टर आरसी मिशन चर्च द्वारा संचालित स्कूल में चली गयीं और सिस्टर और ड्राइवर के कहने पर हम सभी कलाकार कार्यक्रम के लिए स्कूल पहुंचे।

स्कूल में चार युवक पहुंचे और फादर ने युवतियों को उनके साथ दो घंटे के लिए जाने को कहा। लड़कियों ने फादर से अनुरोध किया कि उन्हें लड़कों के साथ नहीं भेजा जाये, लेकिन लड़कों ने नाटक मंडली की गाड़ी की चाबी ले ली। मोबाइल फोन भी छीन लिया, इसके बाद युवक युवतियों को लेकर जंगल पहुंचे, जहां हथियार के बल पर उनके कपड़े उतरवाये गये। जमीन पर पटक कर उनका फोटो खींचा और वीडियो बनाया।
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यह वे लोग इस कुकृत्य को अंजाम दे रहे थे एक युवक रखवाली कर रहा था, जबकि दो युवकों ने युवतियों से बारी-बारी से रेप किया। गाली-गलौज के साथ उन्हें टॉर्चर भी किया गया। आरोपियों ने युवतियों की योनि को भी नुकसान पहुंचाया। इस घटना के बाद जब लड़कियां चिल्लाने लगीं, तब भी आरोपियों को दया नहीं आयी और लड़कियों के शरीर के साथ खिलवाड़ करते रहे।

पीड़ित महिला की शिकायत के अनुसार उनके साथ गये पुरुष सदस्यों के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की थी। उन्हें पेशाब पीने को कहा गया। डर से पुरुष सदस्य ने पेशाब पी लिया। महिला ने अपने बयान में यह भी कहा है कि जब उनका अपहरण कर रेप के लिए ले जाया जा रहा था, तब आरोपी कह रहे थे कि तुम लोग पत्थलगड़ी का पर्चा बांटते हो और दीकू भाषा वाले की मदद कर रही हो। तुम लोग पुलिस की एजेंट हो, तुम लोगों को सबक सिखाना जरूरी है। अब कोई संस्था पुलिस प्रशासन का एजेंट बन कर प्रचार नहीं करेगी। नहीं तो इससे भी भयानक अंजाम झेलना होगा।

घटना के बाद आरोपी लड़कियों को लेकर फादर और सिस्टर के पास पहुंचे। तब फादर ने लड़कियों को समझाते हुए कहा था कि इसकी सूचना कहीं नहीं देना, नहीं तो तुम्हारे मां- बाप का मर्डर हो जायेगा। तुम्हारा परिवार खतरे में पड़ जायेगा। डरकर हम सभी लोग वहां से अपने—अपने घर लौट गए। संस्था ने युवतियों का कहीं इलाज भी नहीं कराया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस उनके पास पहुंची और उन्हें इलाज के लिए खूंटी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

युवती ने अपने बयान में पूरे विश्वास के साथ कहा है कि चर्च के फादर अल्फाेंस ने षड्यंत्रपूवर्क बलात्कारी लड़कों के साथ मिलकर नाटक मंडली की लड़कियों का अपहरण करवा यह कुकृत्य करवाया है। इस मामले की जांच कर उसे भी कठोर सजा मिलनी चाहिए।