कुएं, खेतों से मिलीं 20 एके-47, अब NIA पता लगाएगी कहीं ये आतंकी साजिश तो नहीं

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20 एके-47. 500 एके-47 के पार्ट्स. ये हथियार किसी आतंकी संगठन पर कार्रवाई के बाद कश्मीर से बरामद नहीं हुए हैं. बिहार के मुंगेर जिले में मिले थे. यहां पड़ने वाले एक गांव मिर्जापुर बरदह में. वो भी किसी घर या फैक्टरी में नहीं. नदी, नाले, कुएं, जंगल, खेत में मिले थे. पुलिस के इस अभियान के सामने आने के बाद देशभर में तहलका मच गया था. मामले में ताजा अपडेट ये है कि अब इसकी जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को सौंप दी है. बताया जा रहा है कि ये एके-47 जबलपुर ऑर्डिनेंस डिपो की हैं. कुछ दिन पहले वहां से तस्करी कर 50 से 60 एके 47 रायफल मुंगेर आने की बात सामने आई थी. पुलिस इस मामले में अब तक एक दर्जन से अधिक महिला और पुरुष तस्करों को गिरफ्तार कर चुकी है. सभी एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं.

कब क्या हुआ?

# देखिए हथियार मिल गए. तस्कर गिरफ्तार हो गए. मगर सबसे बड़ा सवाल यही था कि ये हथियार इन्हें मिल कहां से रहे हैं. तो इसका जवाब दिया 28 अगस्त को मुंगेर पुलिस के हत्थे चढ़े इमरान ने. उसने बताया था कि मध्यप्रेदश के जबलपुर सीओडी से रिटायर्ड आर्मर पुरषोतम लाल और सुरेश ठाकुर से वे लोग एके 47 मंगवाते हैं. इस पर जबलपुर पुलिस ने पुरुषोत्तम लाल, सीओडी के स्टाफ सुरेश और पुरुषोत्तम लाल के के बेटा शिवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था.

फिर 7 सितम्बर को इमरान और जबलपुर के पुरुषोत्तम लाल की निशानदेही पर मुफसिल थाना के बरदह गांव में छापेमारी कर शमशेर और उसकी बहन रिजवाना खातून को तीन एके 47 से साथ गिरफ्तार कर लिया गया.

12 सितंबर को बरदह गांव में फिर छापेमारी कर पुलिस ने जमीन में दफनाई गई दो एके 47 बरामद कीं. पुलिस ने ये भी खुलासा किया है कि ये लोग एके 47 के खरीदारों को एके 47 के पार्ट्स भी मुहैया करवाते थे. साथ ही उसकी सर्विसिंग भी करते थे.

मामले में पुलिस अब तक एमपी, पश्चिम बंगाल, झारखंड राज्यों में छापेमारी कर चुकी है. ऐसी ही छापेमारी में पुलिस ने हजारीबाग से मो तनवीर आलम को गिरफ्तार किया था. 27 सितम्बर को उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कुएं में छिपाई गई 12 एके-47 बरामद कीं. 30 सितम्बर को भी इसी तरह पुलिस ने बरदह में अजमेरी बेगम के खेत में खुदाई कर एके 47 के कई पार्ट्स बरामद किए.

इस तरह मुंगेर पुलिस के हाथ एक महीने में 20 एके 47, 35 मैगजीन कारतूस, सात स्प्रिंग, सात पिस्टन, साथ बॉडी कवर, 25 गैस सिलेंडर सहित काफी सामान लग चुका है.

मामले में सेना के जवान मो. मियाजुल को भी पुलिस ने पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से गिरफ्तार किया है. एके 47 मामले को लेकर तेलंगाना पुलिस भी मुंगेर आकर जांच कर चुकी है.

मामले में एक बड़ी आतंकी साजिश की आशंका होने के चलते अब इसे एनआईए के जिम्मे सौंप दिया गया है. जाहिर सी बात है कि इस तरह से एक ऑर्डिनेंस फैक्टरी से एके 47 गायब होना और फिर तस्करों के हाथ लग जाना बहुत बड़ी घटना है. राष्ट्रद्रोह है. देश के खिलाफ साजिश है. इसकी जांच तेजी से होनी चाहिए और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए