एक की प्रेग्नेंट पत्नी बोली- उसे गोली मारे या फांसी दें, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा

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Rewari Physical Assault Case: All Accused Arrested

रेवाड़ी. रेवाड़ी गैंगरेप मामले में 11 दिन से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपी मनीष और पंकज ने हरियाणा पुलिस की नाक में दम कर रखा था। स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) ने रविवार को दोनों को महेंद्रगढ़ के सतनाली के पास एक ढाबे से धर दबोचा। पुलिस के मुताबिक, लोकेशन ट्रेस न हो सके इसलिए आऱोपियों ने अपने फोन मिट्टी में दबा दिए थे। इस दौरान दोनों हरियाणा-राजस्थान के खेतों, पहाड़ों सहित अलग-अलग जगहों पर छिपते रहे। गौरतलब है कि पुलिस मास्टर माइंड निशू फोगाट सहित 3 आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर चुकी है।

पकड़े न जाएं इसलिए ज्यादातर वक्त सफर करते थे
– पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी हमारे शिकंजे में आने से बचने के लिए अपने-अपने मोबाइल मिट्टी में दबाकर राजस्थान की ओर निकल गए। वहां कभी सवाई माधोपुर के रणथंभोर तो कभी बीकानेर में रात बिताई।
– इसके अलावा आरोपियों ने कभी पहाड़ियों में, कभी स्टेशन तो कभी धर्मशालाओं में रात बिताई। उन्होंने ज्यादातर समय ट्रेन या अन्य निजी वाहनों में सफर करके निकाला।

सतनाली से कहीं और भागते, उससे पहले ही पुलिस ने दबोच लिया
आरोपियों ने पूछताछ में बताया, फरारी के दौरान पैसे खत्म होने के बाद कभी उन्होंने भंडारे में तो कभी खाना मांग कर पेट भरा। बताया जा रहा है कि अब आरोपी बीकानेर से आए थे और सतनाली से फिर कहीं भागने की तैयारी में थे। लेकिन एसआईटी ने इतनी गोपनीय तरीके से कार्रवाई की है कि लोकल पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगी।

पत्नी ने आरोपी पंकज से तोड़ा नाता
– 15 नवंबर, 2017 को आरोपी पंकज की शादी गांव कुराहवटा निवासी मनोज की बेटी ज्योति के साथ हुई थी। ज्योति का कहना है कि उसने पंकज को लेकर ऐसी कोई शिकायत नहीं सुनी थी।
– लेकिन उसकी हरकतों के बाद से उस पर से विश्वास उठ गया है। ज्योति का कहना है, पुलिस आरोपी को गोली मारे या फांसी दे, उसे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
– बता दें कि ज्योति सात महीने की गर्भवती है। इस समय वह मानसिक तौर पर बेहद परेशान चल रही है।
– आरोपी की सास प्रमोद ने कहा, अब पंकज के परिवार से उनका कोई रिश्ता नहीं है। पुलिस के कहने पर बेटी को घर ले आए थे।

पीड़िता को सदमे से उबारने की कोशिश जारी
– वारदात 12 सितंबर की है। 19 वर्षीय छात्रा सुबह घर से कोचिंग के लिए निकली थी। जब वह कनीना बस स्टैंड के समीप खड़ी थी तो उसी के गांव के पंकज, मनीष और निशु उसे मिले। लिफ्ट देने के बहाने उसे खेत में बने एक ट्यूबवेल के कमरे में ले गए। जहां नशे की हालत में उसके साथ गैंगरेप किया।
– पीड़िता अभी अस्पताल में ही भर्ती है। 4 डॉक्टरों (दो डॉक्टर, एक साइकोलॉजिस्ट और एक काउंसलर) की स्पेशल टीम उसे सदमे से उबारने का प्रयास कर रही है।