एक-एक कर 4 बच्चों को कुएं में फेंकती गई महिला, गिरने से बचने के लिए..

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भरतपुर (राजस्थान)।एक महिला अरशीदा शनिवार सुबह अपने 8 माह के बेट समेत चार बच्चों को कुएं में धक्का देकर खुद भी कद गई। चीख-पुकार सुनकर आए ग्रामीणों ने महिला और उसके बच्चों को कुएं से बाहर निकाल लिया। लेकिन, 8 साल की बड़ी बेटी सोफिया की मौत हो गई। जबकि आठ माह का अरमान, 4 वर्षीय फिजा और 3 वर्षीय शना घायल हो गईं। इनमें अरमान और शना को इलाज के लिए अलवर रैफर किया गया है।

तीन दिन पहले पति और बच्चों को बताए बगैर ही घर गायब हो गई थी महिला

इस मामले में अरशीदा के खिलाफ उसके देवर ने हत्या का मामला दर्ज कराया है। थानाधिकारी भंवर लाल बुनकर ने बताया कि घायल बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि अरशीदा सुबह बयान देने की स्थिति में नहीं थी। क्योंकि वह खुद भी बेहोश सी थी। उसकी हालत में सुधार होने पर देर रात उसे पूछताछ के लिए थाने पर लाया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि गृह क्लेश से तंग आकर ही महिला ने यह कदम उठाया है। इधर, अरशीदा के देवर अकरम ने बताया कि उसकी भाभी घर से बच्चों को दवा दिलाने के लिए नगर आने की कहकर गई थी। उसने बताया कि उसकी भाभी अरशीदा 2 अगस्त की रात को भी पति और बच्चों को बताए बगैर ही घर गायब हो गई थी। शुक्रवार की सुबह उसका भाई अनवर पत्नी अरशीदा की तलाश में घर से बाहर गया हुआ था। वह 3 अगस्त को घर लौट आई थी।

सिर के बल गिरने से हुई बड़ी बेटी की मौत

दरअसल, हुआ यह कि अरशीदा ने पहले बड़ी बेटी सोफिया को कुएं में धक्का दिया। वह सिर के बल जाकर गिरी, इसलिए उसकी मौत हो गई। इस पर छोटी बेटी फिजां मां के पैरों में लिपट गई। चूंकि उस समय अरशीदा की गोद में 8 माह का बेटा अरमान भी था। इस पर उसने बेटे और बेटी फिजां को भी कुए में फेंक दिया। कुएं में भाई-बहनों के रोने की तेज आवाज से तीसरी बेटी शना काफी डर गई। जब अरशीदा खुद कुए में कूदने लगी तो शना भी उसके गले से लिपट गई। लेकिन, कुएं में कूदते ही अरशीदा को बच्चों का ख्याल आया। कहीं उन्हें चोट न लगे, इसलिए उसने अपने पैर सिकोड़ लिए। इसलिए बाकी तीन बच्चे बच गए। इस घटना के बाद जहां पुलिस मामले की पड़ताल करने में जुट गई हैं। वहीं गांव में भी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

दो दिन पहले बेटी को दिखाने के लिए पैसे मांगे तो रुपए देनेसे किया इनकार, इसलिए ये कदम

उठाया भास्कर संवाददाता ने देर रात पुलिस कि मौजूदगी में इस घटनाक्रम को लेकर अरशीदा से ही बात की। उसने बताया कि पति अनवर शराबी है। मेहनत-मजदूरी कर लाए पैसों की भी शराब पी जाता है। दो दिन पहले बेटी फिजा के बीमार होने पर उसे दिखाने के लिए जब पैसे मांगे तो उसने पर देने से मना कर दिया। इसलिए वह 2 अगस्त को मायके अकाता कामां जाने के दौरान डीग पहुंची। जहां अनवर ने उससे बदतमीजी की। इसके बाद मायके पहुंचने पर मां ने पांच सौ रुपए देकर उसे और पति को वापस भेज दिया। बाद में दोनों ने कामां आकर बच्चों को खाने-पीने का सामान दिलाया। इस बीच बेटी को दिखाने के लिए 50 रुपए लेकर अनवर गायब हो गया। उसने जब उससे फोन पर बात की तो अनवर ने कहाकि वह इन बच्चों को नहीं पाल सकता। इसलिए वह कहीं भी जाकर मरे, लेकिन बच्चों को भी साथ ले जाए। इसलिए उसने गुस्से में यह कदम उठाया।

गांव का हीरो शाहिद

ग्रामीणों द्वारा कुएं से बाहर निकालने पर बच्चों की हालात मरणासन्न स्थिति में थी। ऐसे में खेतों पर फसल की रखवाली कर रहे कस्बा निवासी शाहिद ने बालक अरमान और शना को अपने मुंह से कृत्रिम श्वांस दी। जिससे उनके शरीर में हरकत हुई। इस पर ग्रामीण उन्हें इलाज के लिए तुरंत सीएचसी ले आए। बाद में शाहिद तीसरी बालिका फिजा को भी उसके चाचा अकरम औऱ चाची के साथ बाइक से स्वास्थ्य केन्द्र ले में भर्ती कराया।

हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है: एसएचओ

अरशीदा के खिलाफ बच्चों को जान से मारने की नीयत से कुएं में धक्का देकर हत्या करने का मामला दर्ज कर लिया है। घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। -भंवरलाल बुनकर, थानाधिकारी