आबरू बचाने रोती-गिड़गिड़ाती, बेटी की उम्र का हवाला देती फिर भी उसे फर्क नहीं पड़ता

61
muzaffarpur girls shelter home dushkarm case in bihar,,muzaffarpur,madhubani,patna,bengaluru

पटना। मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में 34 लड़कियों से रेप मामले में एक नया खुलासा हुआ है। यहां जिस्मफरोशी का धंधा भी होता था। लड़कियों को जिस्म की मंडी में जबरन परोसा व बेचा गया। डिमांड के आधार पर लड़कियों की सप्लाई की जाती थी। इस कड़ी में लड़कियों को होटल भी भेजा जाता था। ना-नुकुर करने पर जुल्म ढाया जाता था। संचालक ब्रजेश ठाकुर के साथ ही उसके गुर्गे आतंकित करते थे। इसका खुलासा पीड़ित लड़कियों ने किया है। इस मामले की सीबीआई जांच शुरू हो गई है।

4-4 लड़कियों को एक साथ भेजते थे होटल…

– एक पीड़िता ने अपने बयान में कहा, इस नर्क की इतनी लंबी-चौड़ी लिस्ट है, जिसे वो शब्दों में बयां नहीं कर सकती। उसे कई बार शेल्टर होम के बाहर गलत काम के लिए भेजा जाता था। वहां पहले से लोग मौजूद रहते थे। संचालक ब्रजेश या उसके गुर्गे मुजफ्फरपुर के एक होटल में अक्सर लड़कियों को ले जाते थे। वहां दूसरों के हवाले कर दिया जाता था। बंद कमरे में उनकी अस्मत तार-तार होती थी।

– पीड़िता के मुताबिक, उसके साथ कई लड़कियों को भी होटल में भेजा गया। एक बार में 4-4 लड़कियां भेजी जाती थीं। कई लंबे समय तक होटल भेजी जाती रहीं और हैवानियत का शिकार होती रहीं।

किशोरियों को नशे का टैबलेट खिला किया जाता था रेप

लड़कियों को नशे का टैबलेट खिलाकर उनके साथ रेप किया जाता था। हाल ही में पुलिस के सर्च ऑपरेशन में शेल्टर होम से नशीली दवा के साथ ही अन्य संदिग्ध सामान जब्त किए गए थे। एक पीड़िता ने कहा, शेल्टर होम में एक दिन उसे टैबलेट खाने को दिया गया। उसे खाने के बाद वह बेहोश हो गई। जब नींद टूटी तो देखा कि उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे। तब उसे पता चला कि उसके साथ रेप किया गया है।

गुर्गे पकड़ते थे, संचालक करता था रेप

– शेल्टर होम में शाम होते ही रंगीन महफिल सजती थी। संचालक के साथ बाहरी भी शिरकत करते थे। शाम 6-7 बजते ही अश्लील गीतों के बीच लड़कियों को लाया जाता था। फिर संचालक व अन्य की हैवानियत शुरू हो जाती थी। कोई रोकने-टोकने वाला नहीं होता। आबरू बचाने को लड़कियां रोती-गिड़गिड़ाती। बेटी की उम्र होने का हवाला देतीं। फिर भी संचालक पर फर्क नहीं पड़ता।

– एक लड़की ने बयान में कहा, ऊपर के कमरे में उसके साथ रेप किया गया। इनकार करने पर दो गुर्गे पकड़ते थे आैर संचालक गलत काम करता था। बाद में दोनों गुर्गों के अलावा बाहरी लड़कों ने भी मुंह काला किया। कई बार वह दर्द होने की बात कहती पर ‘सर’ (संचालक) नहीं मानते थे।

लड़कियों के कपड़े उतार कर करता था पिटाई

बालिका गृह में लड़कियों को आतंकित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई थी। दिव्यांग लड़कियों को भी नहीं बख्शा गया। एक गूंगी लड़की ने इशारों के जरिए दिए बयान में बताया है कि संस्था के हेड सर (संचालक) उसके कपड़े उतार कर पिटाई करते थे। छत पर ले जाकर भी पीटा गया।

पीड़िता बोली-किरण आंटी सबको बिगाड़ती थी…

एक पीड़िता के मुताबिक, उसके साथ ही अन्य लड़कियों के साथ गलत काम होता था लेकिन शेल्टर होम की आंटी (महिला कर्मी) कुछ नहीं बोलती थी। किरण अांटी सबको बिगाड़ती थी। एक बार संचालक ने सबके सामने चंदा अांटी को चांटा मारा था। सर (संचालक) से सभी अांटी डरती थी।

पीड़िताओं को ट्राॅमा से निकालने को विशेषज्ञ कर रहे काउंसिलिंग

मुजफ्फरपुर सेवा संकल्प एवं विकास समिति की यौन शोषित लड़कियों को ट्रामा से निकालने के लिए विशेषज्ञ उनकी काउंसिलिंग कर रहे हैं। पिछले दिनों बेंगलुरु की संस्था ईनफोल्ड व परिवर्तन के विशेषज्ञ एन सत्पथी की नेतृत्व में आई टीम ने मोकामा नाजरथ अस्पताल सोसायटी की शेल्टर होम, पटना और मधुबनी में रखी गई पीड़ित लड़कियों की काउंसिलिंग की। यह टीम अगस्त में फिर आएगी और पीड़िताओं की काउंसिलिंग करेगी। टीम के सूत्रों का कहना है यह लड़कियां इतनी डरी हुई हैं कि उनकाे नार्मल होने में अभी काफी समय लगेगा।

ब्रजेश की राजदार मधु की भी तलाश में जुटी है जांच एजेंसी

‘मास्टरमाइंड’ ब्रजेश की राजदार महिला मित्र मधु भी सीबीआई के रडार पर आ गई है। जांच टीम उसकी तलाश कर रही है। पुलिस ने भी पहले उसकी खोज में हाथ-पैर मारे थे। वह अपना एनजीओ चलाने के साथ ब्रजेश के एनजीओ का काम भी देखती थी। लड़कियों को होटल भेजने में उसकी भूमिका के भी आरोप लगे हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही वह अंडरग्राउंड है।