पाकिस्तान में हिन्दू लड़कियों को इस तरह कबुलवाया जाता है इस्लाम

167
aajtaklives news, news in hindi, hindi news, crime news in hindi

फोटो पाकिस्तान के सिंध प्रांत के भरचंडी घोटकी जिले की है. पहले चित्र में लगभग 15-20 लोग एक हिन्दू लड़की को (जो नीचे सर झुकाए बैठी है) घेरकर खड़े हैं, लड़की का नाम निशा है. इस हिन्दू लड़की को जबरन कलमा पढ़वाकर इस्लाम कबुलवाया जा रहा है. इलाके का एक दबंग मौलाना मियां मिट्ठू है जो इस लड़की को किडनैप करवाकर ले आया है. दूसरे चित्र में निशा से सकीना बन चुकी हिन्दू लड़की का बेबस चेहरा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मौलाना मियां मिट्ठू के जीवन का एक है लक्ष्य है, हिंदुओं की लड़कियां उठाना और उन्हें इस्लाम मे कन्वर्ट करके उसकी किसी मुस्लिम से शादी करवाना. मौलाना मियां मिट्ठू सिंध प्रांत की अबतक 200 से ज्यादा हिन्दू लड़कियों को किडनैप कर उन्हें इस्लाम मे कन्वर्ट कर चुका है. ऐसी घटनाओं पर पाकिस्तान का नियम-कानून, पुलिस, नेता, मीडिया और मानवाधिकार वाले सभी मौन रहते हैं.

पाकिस्तान की हिन्दू लड़कियां आसानी से या अपनी मर्जी से इस्लाम कभी नहीं कबूलती. इसके लिए मौलानाओं ने एक अलग रणनीति तैयार की हुई है. हिन्दू लड़कियों को किडनैप कर उन्हें इस्लाम कबुलवाने के क्रम में सबसे पहले मौलाना और उसके चमचों द्वारा लड़की के साथ दुष्कर्म किया जाता है. जिससे कि लड़की भाग ना सके और खुद को बेइज्जत मानकर इस्लाम कबूल कर ले.

मौलाना और उसके चमचों द्वारा बेइज्जत होने के बाद हिन्दू लड़कियों के सामने दो विकल्प होते हैं. या तो वो इस्लाम कबूल लें या आत्महत्या कर लें. ज्यादातर लड़कियां मजबूरन पहला रास्ता चुनती हैं क्योंकि मौलाना और उसके गिरोह द्वारा अपने साथ कुकर्म होने के बाद हिन्दू लड़कियां घर वापस जाने के बारे में सोच भी नहीं सकतीं. यह मौलानाओं का एक साइकोलॉजिकल गेम होता है जिससे किसी हिन्दू लड़की को आराम से इस्लाम कबुलवाया जा सकता है.

लड़की के परिवार की हालत के बारे में सोचकर कोई भी सिहर जायेगा. जो हर तरह से बेबस होता है. ना वह कुछ कर सकता है ना ही पुलिस के पास जा सकता है क्योंकि लड़की के बाप की ऐसे मामलों में कोई सुनवाई नहीं होती क्योंकि पाकिस्तान में जनता से लेकर प्रशासन तक में ऐसे कार्यों पर गर्व किया जाता है,

पाकिस्तान में सभी धर्मांध हों ऐसा भी नही है. कुछ अच्छे लोग हैं वहां भी, इस घटना का पाकिस्तान के कुछ मुस्लिम भी वैसा ही विरोध कर रहे हैं जैसा कि हिन्दू कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है.