देह व्यापार की परंपरा, मां-बाप खुद अपनी बच्चियों को भेजते हैं इस दलदल में

34
aajtaklives news, news in hindi, hindi news, crime news in hindi, National Girl Child Day 2019, sex trade, prostitution, prostitution traditions, NCPCR, Delhi, Gujarat, Madhya Pradesh, Rajasthan, Nut, Perna, Bedia, National Child Rights Protection Commission, National Girl child, child exploitation,देह व्यापार, वैश्यावृत्ति, देह व्यापार परंपरा, एनसीपीसीआर, दिल्ली, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, नट, पेरना, बेड़िया, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, राष्ट्रीय बालिका दिवस, बाल शोषण,Hindi News, News in Hindi

National Girl Child Day 2019: देह व्यापार की परंपरा, मां-बाप खुद अपनी बच्चियों को भेजते हैं इस दलदल में

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बुधवार को राज्य सरकारों से कहा कि वे पारंपरिक रूप से देह व्यापार में शामिल बच्चियों और उनके समुदायों का पता लगाएं। ताकि उनकी पहचान की जा सके और उन्हें इस दलदल से बाहर निकालने के लिए कदम उठाए जा सकें।

देह व्यापार में लगे समुदायों की रिपोर्ट

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर पारंपरिक रूप से देह व्यापार में लगे समुदायों की स्थिति पर एक रिपोर्ट जारी की। इसमें देश के कुछ इलाकों में रहने वाली कुछ ऐसी जातियों का जिक्र किया गया है, जिनमें अपनी लड़कियों को देह व्यापार में भेजने  की एक परंपरा सी बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में इस तरह की जातियां हैं। इन्हें कहीं नट, कहीं पेरना तो कहीं बेड़िया के नाम से जाना जाता है।

यह भी पढ़ें : इसलिए सेक्स की बात आती है ‌तो महिलाएं डर जाती हैं…

सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर जोर

बच्चियों के शोषण को रेखांकित करते हुए एनसीपीसीआर ने इस रिपोर्ट में कहा कि राज्य सरकारें पारंपरिक रूप से देह व्यापार में शामिल समुदायों और बच्चियों की पहचान करने के लिए उनका पता लगाएं। वे ऐसे परिवारों की संख्या और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी जुटाएं।

पुनर्वास के लिए पता लगाना जरूरी

एनसीपीसीआर की अध्यक्ष प्रियंका कानूनगो ने कहा, हमारे समाज में यह स्वीकार ही नहीं किया जाता कि इस तरह की कोई समस्या है, जिसमें लड़कियों से परंपरा के नाम पर देह व्यापार कराया जाता है। इसलिए हम चाहते हैं कि राज्य पूरी स्थिति का पता लगाने के लिए खाका तैयार करें। एक बार पूरी स्थिति का पता चल जाने के बाद सभी लोग मिलकर इनके पुनर्वास के लिए कदम उठा सकेंगे। हम राज्य सरकारों को यह रिपोर्ट भेज रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वे इस पर गंभीरता से कदम उठाएंगी।

यह भी पढ़ें : पत्नी को रात में नशीली दवा देकर 16 साल की बेटी…

यह भी पढ़ें : शादी का झांसा देकर 2 भाइयों ने किया युवती से रेप,…

यह भी पढ़ें : हैवानियत: पत्नी के अवैध संबंधों के शक में बेटी का गला…


Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें फेसबुक पर ज्वाइन करें