यहां बाथरूम की दीवारों पर लगी सरस्वती, दुर्गा, काली, शिव और गणेश भगवान की तस्वीरें

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Woman Wrote a Letter to a Nightclub That had Hindu Gods on its Bathroom Walls. Here’s What Happened Next

न्यूयॉर्क. अमेरिका के एक नाइट क्लब में हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का मामला सामने आने के बाद क्लब ने माफी मांगी है। ये मामला तब सामने आया जब भारतीय मूल की एक अमेरिकी महिला अपने दोस्तों के साथ उस नाइटक्लब में नाइटआउट के लिए गई थी। वो वहां की टॉयलेट में देवी-देवताओं की तस्वीरें देखने के बाद हैरान रह गई। इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर इस इंसीडेंट को शेयर किया साथ ही क्लब को ई-मेल लिखकर इस बात का विरोध जताया। जिसके बाद क्लब की को-फाउंडर ने अपनी सांस्कृतिक अज्ञानता को लेकर माफी मांगी और जल्द ही तस्वीरों को हटाने बात भी कही है।

सोशल मीडिया पर शेयर किया इंसीडेंट
– ये घटना ओहियो स्टेट में रहने वाली भारतीय मूल की अमेरिकी महिला अंकिता मिश्रा के साथ हुई। जो अक्टूबर के पहले हफ्ते में नाइट आउट के न्यूयॉर्क शहर के ‘हाउस ऑफ यस’ नाम के नाइट क्लब में गई थी।
– इस दौरान जब अंकिता वहां के वॉशरूम में गई तो वहां की दीवारों पर हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें देखकर हैरान रह गई। वहां दीवारों पर सरस्वती, दुर्गा, काली, शिव और गणेश भगवान की तस्वीरें लगी हुई थीं। इनमें से कई तस्वीरें टॉयलेट शीट के आसपास भी थीं। इसके बाद अंकिता टॉयलेट यूज किए बिना ही वहां से निकल गई।
– वहां से आने के बाद अंकिता ने इस बात के विरोध में ‘माई कल्चर इज नॉट योर बाथरूम’ हैशटैग के साथ इंस्टाग्राम पर बाथरूम का एक वीडियो शेयर करते हुए अपना एक्सपीरियंस शेयर किया।
– अंकिता ने लिखा, ‘पिछले सप्ताह न्यूयॉर्क के हाउस ऑफ यस नाइट क्लब में बाथरूम का इस्तेमाल करने के दौरान मैं काफी परेशान हो गई, आपने वॉशरूम में हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें क्यों लगाई हैं?’

महिला की शिकायत पर क्लब ने मांगी माफी
– बाथरूम में लगी भगवानों की तस्वीरों को लेकर उसने अपने ब्लॉग में भी गुस्सा निकाला। उसने लिखा, ‘पिछले महीने दोस्तों के साथ नाइट आउट के दौरान मैं उस वक्त बेहद परेशान हो गई, जब मैंने न्यूयॉर्क के हाउस ऑफ यस के वीआईपी बाथरूम को देखा। वहां सजावट के लिए टॉयलेट की दीवारों पर हिंदू देवी-देवताओं काली, दुर्ग, शिव और गणेश की तस्वीरें लगाई गई थीं।’
– अंकिता ने एक ई-मेल लिखते हुए नाइट क्लब से भी इस बात की शिकायत की। उसने लिखा, ‘सार्वजनिक स्थान पर शांति बनाए रखने के लिए मैं अपनी आवाज दबाती आई हूं, हालांकि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर हाउस ऑफ यस को लेकर मेरा अनुभव शेयर करने के बाद मैं आपसे सीधे संपर्क करना चाहती हूं। मुझे भरोसा है कि हाउस ऑफ यस एक ऐसी जगह है जहां संभवतः मेरी आवाज सुनी जाएगी और जहां अच्छाई के लिए बदलाव हो सकता है।’
– अंकिता के लिखे मेल के जवाब में क्लब की ओर से उसकी को-फाउंडर और क्रिएटिव डायरेक्टर काई बुर्के का मेल आया, जिसने ना सिर्फ अपनी सांस्कृतिक अज्ञानता को लेकर माफी मांगी, बल्कि ये भी भरोसा दिलाया कि जल्द ही बाथरूम की दीवारों को बदल दिया जाएगा।
– डिजाइनर ने माफी मांगते हुए लिखा, ‘मुझे अफसोस है कि जिस संस्कृति से मैं काफी ज्यादा प्रभावित हूं, उसे सजावट के रूप में इस्तेमाल करने से पहले मैंने उसे समझने और उसके इतिहास के बारे में जानने के लिए पूरी तरह रिसर्च नहीं की। मुझे काफी खराब लग रहा है कि आपको हमारे क्लब में इस तरह के सांस्कृतिक अपमान का सामना करना पड़ा।’