सावन 2018: भगवान शंकर के रुद्र अवतार हैं हनुमान, मंगलवार पूजन से होंगे कष्ट दूर

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मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करने का सबसे उत्तम दिन माना गया है. इस दिन प्रभु का पूजन करने से वो भक्तों की सारी मुरादें पूरी करते हैं. सावन के महीने में हरि की विशेष पूजा करने से सारे कष्ट दूर होते हैं. अगर बजरंग बली को प्रसन्न करना है और साथ ही शिव जी का आशीर्वाद पाना है तो सावन महीने में हनुमान जी का पूजन जरूर करना चाहिए.

पहला उपाय: सावन के किसी भी मंगलवार को नहा-धोकर साफ धुले हुए वस्त्र पहनें. इसके बाद नजदीकी हनुमान मंदिर में जाकर चमेली के तेल और  सिंदूर मिश्रित चोला चढ़ाएं. साथ ही एक दीपक हनुमानजी के सामने जला कर रख दें. दीपक में भी चमेली के तेल का ही उपयोग करें. चोला चढ़ाने के बाद हनुमानजी को गुलाब के फूल की माला पहनाएं और केवड़े का इत्र हनुमानजी की मूर्ति के दोनों कंधों पर थोड़ा-थोड़ा छिटक दें. अब एक साबूत पान का पत्ता लें और इसके ऊपर थोड़ा गुड़ व चना रख कर हनुमानजी को इसका भोग लगाएं. भोग लगाने के बाद उसी स्थान पर थोड़ी देर बैठकर तुलसी की माला से नीचे लिखे मंत्र का जप करें. कम से कम 5 माला जप अवश्य करें. मंत्र- राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने।। अब हनुमानजी को चढ़ाई गई माला से एक फूल तोड़ कर उसे एक लाल कपड़े में लपेटकर अपने धन स्थान यानी तिजोरी में रखें. उसी समय में घर में धन आने लगेगा.

दूसरा उपाय: सावन के किसी भी मंगलवार को सुबह स्नान करने के बाद बड़ के पेड़ का एक पत्ता तोड़ें और इसे साफ पानी से धो लें. अब इस पत्ते को कुछ देर हनुमानजी की प्रतिमा के सामने रखें और इसके बाद इस पर केसर से श्रीराम लिखें. अब इस पत्ते को अपने पर्स में रख लें. साल भर आपका पर्स पैसों से भरा रहेगा. इसके बाद जब दोबारा सावन का महीना आए तो इस पत्ते को किसी नदी में प्रवाहित कर दें और इसी प्रकार से एक और पत्ता अभिमंत्रित कर अपने पर्स में रख लें.

तीसरा उपाय: सावन में मंगलवार के दिन किसी हनुमानजी के मंदिर जाएं और वहां बैठकर राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें. इसके बाद हनुमानजी को गुड़ और चने का भोग लगाएं. जीवन में यदि कोई समस्या है तो उसका निवारण करने के लिए प्रार्थना करें.

चौथा उपाय: सावन के किसी भी मंगलवार के दिन किसी ऐसे मंदिर जाएं जहां भगवान शिव व हनुमानजी दोनों की ही प्रतिमा हो. वहां जाकर शिव व हनुमानजी की प्रतिमा के सामने शुद्ध घी के दीपक जलाएं. इसके बाद वहीं बैठकर शिव चालीसा तथा हनुमान चालीसा का पाठ करें. इस उपाय से भगवान शिव व हनुमानजी दोनों की ही कृपा आपको प्राप्त होगी.

पांचवा उपाय: सावन के मंगलवार को पास ही स्थित हनुमानजी के किसी मंदिर में जाएं और हनुमानजी को सिंदूर व चमेली का तेल अर्पित करें और अपनी मनोकामना कहें. इससे हनुमानजी प्रसन्न होते हैं और भक्त की हर मनोकामना पूरी करते हैं.