गणेशजी को दूर्वा चढ़ाते समय बोलना चाहिए 11 मंत्र, मिल सकती है सुख-समृद्धि

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22 फरवरी को गणेश चतुर्थी, भगवान गणपति को दूर्वा चढ़ाने की है परंपरा, इस संबंध में प्रचलित है एक कथा

गणेशजी को दूर्वा चढ़ाते समय बोलना चाहिए 11 मंत्र, मिल सकती है सुख-समृद्धि

रिलिजन डेस्कशुक्रवार, 22 फरवरी को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की गणेश चतुर्थी है। इस तिथि पर गणेशजी की पूजा करने की परंपरा है। गणेशजी को विशेष रूप से दूर्वा चढ़ाई जाती है। दूर्वा चढ़ाते समय गणेशजी के 11 खास मंत्रों का जाप करना चाहिए। दूर्वा एक प्रकार की घास है। जो किसी भी बगीचे में आसानी से उग जाती है।

> उज्जैन के भागवत कथाकार पं. मनीष शर्मा के अनुसार भगवान गणेश को दूर्वा क्यों चढ़ाते हैं, इस संबंध में एक कथा प्रचलित है। कथा के अनुसार पुराने समय में अनलासुर नाम का एक राक्षस था। इस राक्षस के आतंक को सभी देवता खत्म नहीं कर पा रहे थे, उस समय गणेशजी ने अनलासुर को निगल लिया था। जिससे गणेशजी के पेट में बहुत जलन होने लगी थी। इसके बाद ऋषियों ने खाने के लिए दूर्वा दी। दूर्वा खाते ही गणेशजी के पेट की जलन शांत हो गई। इसी के बाद से गणेशजी को दूर्वा चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई है।

> गणेशजी को दूर्वा खास तरीके से चढ़ाई जाती है। दूर्वा का जोड़ा बनाकर गणेशजी को चढ़ाया जाता है। 22 दूर्वा को एक साथ जोड़ने पर दूर्वा के 11 जोड़े तैयार हो जाते हैं। इन 11 जोड़ों को गणेशजी को चढ़ाना चाहिए।

> पूजा के लिए किसी मंदिर के बगीचे में उगी हुई या किसी साफ जगह पर उगी हुई दूर्वा ही लेना चाहिए। जिस जगह गंदा पानी बहकर आता हो, वहां की दूर्वा भूलकर भी न लें।

> दूर्वा चढ़ाने से पहले साफ पानी से इसे धो लेना चाहिए।

> दूर्वा चढ़ाते समय गणेशजी के 11 मंत्रों का जाप करना चाहिए। ये मंत्र हैं…

ऊँ गं गणपतेय नम:

ऊँ गणाधिपाय नमः

ऊँ उमापुत्राय नमः

ऊँ विघ्ननाशनाय नमः

ऊँ विनायकाय नमः

ऊँ ईशपुत्राय नमः

ऊँ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः

ऊँएकदन्ताय नमः

ऊँ इभवक्त्राय नमः

ऊँ मूषकवाहनाय नमः

ऊँ कुमारगुरवे नमः

इन मंत्रों का जाप करते हुए श्री गणेश को दूर्वा के 11 जोड़े चढ़ाना चाहिए।

5. अगर ये 11 मंत्र बोलने में कठिनाई हो तो यह कहते हुए दूर्वा अर्पित करें।

श्री गणेशाय नमः दूर्वांकुरान् समर्पयामि।

गणेश जी को अर्पित की जाने वाली दूर्वा

6. अगर आप इस मंत्र का भी जाप नहीं कर पा रहे हैं तो पूरी श्रद्धा के साथ गणेशजी के नाम का जाप करते हुए दूर्वा की 3, 5 या 11 गांठ भी चढ़ा सकते हैं।

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