इस चतुर्थी पर गरीबों को गर्म कपड़े, कंबल, आदि दान करने का है खास महत्व

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तिल चतुर्थी: गुरुवार को करें भगवान श्रीगणेश की पूजा, शाम को चंद्रमा को अर्घ्य दें, परिवार की सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है ये व्रत

रिलिजन डेस्क। माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को तिल चतुर्थी का व्रत किया जाता है। इस बार यह व्रत 24 जनवरी, गुरुवार को है। इस दिन महिलाएं दिन भर कुछ नहीं खाती। शाम को विशेष रूप से भगवान श्रीगणेश व चंद्रमा की पूजा की जाती है।

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इस विधि से करें व्रत व पूजा…

– तिल चतुर्थी की सुबह स्नान आदि से करने के बाद साफ वस्त्र पहनें। इसके बाद एक साफ आसन पर बैठकर भगवान श्रीगणेश की पूजा करें। पूजा के दौरान भगवान गणेश को धूप व दीप दिखाएं।
– फल, फूल, चावल, रौली, मौली चढ़ाने व पंचामृत से स्नान कराने के बाद भगवान गणेश को तिल से बनी वस्तुओं या तिल तथा गुड़ से बने लड्डुओं का भोग लगाएं। पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख रखें।
– पूजा के बाद ऊं श्रीगणेशाय नम: का जाप 108 बार करें। शाम को कथा सुनने के बाद गणेशजी की आरती उतारें। चंद्रमा के उदय होने पर उनकी भी पंचोपचार पूजा करें।

क्या है महत्व और इस व्रत को करने का फायदा-

– इस प्रकार विधिवत भगवान श्रीगणेश का पूजन करने से मानसिक शान्ति मिलती है। भगवान श्री गणेश जी की कृपा से दाम्पत्य जीवन में सुख बढ़ता है।
– सुहागन महिलाओं को इस व्रत से अखंड सौभाग्य मिलता है। इसके साथ ही घर-परिवार में सुख और समृद्धि बढ़ती है। महिलाओं के इस प्रकार से व्रत करने से परिवार के लोगों की
– तरक्की होती है और कारोबार में भी बरकत होती है। इस दिन दान का भी विशेष महत्व है। जरूरतमंद लोगों को गर्म कपड़े, कंबल, आदि दान करें तो बेहतर रहता है।
– इसके अलावा इस चतुर्थी पर तिल, गुड़ या अन्य तरह की मिठाई का भी दान किया जाता है। गणेश मंदिर के पुजारी को भोजन करवाना चाहिए।

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