शहीद जवान ने भाई से कहा था- मां के इलाज में कोई कमी मत रहने देना

66
Bhopal Madhya Pradesh News in Hindi story of Harish Chandra Pal martyr in Naxal attack in Chhattisgarh,Chhattisgarh Bhopal, Madhya Pradesh, Amarkantak Express

मां की फिक्र करने वाला बेटा हुआ शहीद, ये है परिवार के साथ फोटो…8 दिन पहले ही साले की बेटी के जन्मदिन पर खींची गई थी यह आखिरी तस्वीर

शहीद जवान ने भाई से कहा था- मां के इलाज में कोई कमी मत रहने देना

भोपाल(मध्य प्रदेश) छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में शहीद हुए हवलदार हरीश चंद्र पाल ने दो दिन पहले अपने छोटे भाई श्रीचंद्र पाल से मोबाइल फाेन पर चर्चा में कहा था कि मां के इलाज में पैसों की कोई कमी नहीं आनी चाहिए। तुम पैसे भेज देना, मैं तुमको भेजता रहूंगा। दोनों भाई मां की आर्थिक मदद करते थे, जबकि सबसे बड़े भाई मां के साथ रहकर उनकी देखभाल करते हैं। मां को पिछले साल लकवा लगा था। हरीश का शव शनिवार सुबह अमरकंटक एक्सप्रेस से भोपाल लाया जाएगा।

सीआरपीएफ में हवलदार 45 हरीश की पत्नी लक्ष्मी पाल और 12 साल की बेटी शलेषा पाल योजना नगर, अवधपुरी में रहती हैं। बेटी जवाहरलाल नेहरू स्कूल में सातवीं की छात्रा है, जबकि पत्नी बीएचईएल महिला कल्याण समिति में सर्विस करती हैं। हरीश एक हफ्ते पहले ही एक महीने की छुट्टी पूरी करके छत्तीसगढ़ पहुंचे थे। शुक्रवार सुबह 11.30 बजे अवधपुरी पुलिस ने हरीश के परिजनों को उनके नक्सली हमले में शहीद होने की सूचना दी। इस बीच पत्नी ऑफिस और बेटी स्कूल गई हुई थी। दोपहर में ही सीआरपीएफ के डीआईजी विजय कुमार उनके घर पहुंचे व परिजनों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि हरीश का शव शनिवार को अमरकंटक एक्सप्रेस से लाया जाएगा।

यह भी पढ़ें :- नई-नवेली दुल्हन के साथ बैंक की सीढिय़ों पर बनाए शारीरिक संबंध,…

परिवार के साथ आखिरी फोटो.. आठ दिन पहले ही अपने साले की बेटी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में खींची गई आखिरी तस्वीर
साले की बेटी का 27 मार्च को जन्मदिन था। बच्ची के जन्मदिन की पार्टी रखी गई थी। इस पार्टी में छोटा भाई श्रीचंद्र भी शामिल हुआ था। इस बीच परिवार के साथ फोटो खींचा गया था। यह हरीश का पत्नी, बेटी और भाई के साथ अंतिम फोटो है।

पत्नी बोलीहरीश से बात कराओ-घर पहुंचने पर लक्ष्मी ने कहा कि मुझे उनसे बात करनी है, मोबाइल लगाओ। इस बात पर उनके भाई ने कहा कि मोबाइल बंद है, बात नहीं हो सकती। उन्हें जल्द ही भोपाल लेकर आ रहे हैं। हरीश ने गुरुवार की शाम को भी पत्नी और बेटी से साधारण बात की थी। बेटी से पूछा था कि वह स्कूल जा रही है या नहीं। पढ़ाई मन लगाकर करना। हरीश रोजाना शाम को पत्नी, बेटी और भाई से बात करते थे।

पत्नी को बताया…खराब हो गई है पति की तबीयत
हरीश के शहीद होने की जानकारी पुलिस ने उनके सालों के साथ नेहरू नगर निवासी छोटे भाई श्रीचंद्र को दी थी। श्रीचंद्र भाभी को यह कहकर आॅफिस से बुला लिया कि भैया की तबीयत बिगड़ गई है, उन्हें भोपाल लेकर आ रहे हैं।

यादें शेष…24 फरवरी को थी मैरिज एनिवर्सरी
हरीश 22 फरवरी को एक महीने के अवकाश पर आए थे। उन्होंने 24 फरवरी को मैरिज एनिवर्सरी मनाई थी। उनकी वर्ष 2000 में लक्ष्मी से लव मैरिज हुई थी। इस बार उन्होंने काॅलोनी में होली पर जमकर धमाल मचाया था।

भाई बोले…मां को एक साल पहले हुआ था पैरालिसिस
श्रीचंद्र ने बताया कि मां बड़े भाई फूलचंद्र के साथ गांव में रहती हैं। हरीश के शहीद होने की खबर मां को मिल गई है। वे भोपाल के लिए रवाना हो गई हैं। हरीश ने एक्टिंग में काफी प्रयास किया। बाद में 1996 में सीआरपीएफ में भोपाल से भर्ती हुए थे।

यह भी पढ़ें :- स्कूल टॉयलेट में टीचर ने किया आठ साल की छात्रा से बलात्कार…

यह भी पढ़ें :- भाई के अफेयर का ‘बदला’, लड़की को 1 घंटे तक नंगे…


Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें फेसबुक पर ज्वाइन करें