देश की पहली लेडी कोबरा कमांडो, AK-47 लेकर घूमती हैं जंगलों में

0
113
Usha Kiran, first Lady Cobra Commando of CRPF, Vogue Women Of The Year award

बस्तर. आज हम आपको एक ऐसी बहादुर लेडी अफसर के बारे में बता रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाका बस्तर में तैनात हैं। बता दें कि दहशतगर्द इनके नाम से ही थर-थर कांपते हैं। ये हैं CRPF से देश की पहली लेडी कोबरा कमांडो उषा किरण, जो गुरिल्ला टैक्टिक और जंगल वार में माहिर हैं। इन्हें हाल ही में Vogue Women Of The Year की ओर से ‘यंग अचीवर ऑफ द ईयर’ चुना गया है। अवार्ड लेते वक्त 27 साल की उषा किरण ने कहा था- आप औरतों को फोर्स का हिस्सा बनने के लिए हौसला दें, बाकी काम वो खुद कर लेंगी।

ट्रेनिंग पूरी होती ही कहा था- मुझे मुश्किल इलाकों में दें नियुक्ति
– मूल रूप से गुड़गांव (अब गुरुग्राम) की रहने वाली इस लेडी अफसर ने महज 25 साल की उम्र में CRPF ज्वाइन किया था। इनके पिता और दादा भी सीआरपीएफ में रह चुके हैं।
– CRPF की 232 महिला बटालियन में एक साल की ट्रेनिंग के बाद उषा किरण ने सीनियर्स से एक ही मांग की थी कि उनकी नियुक्ति जम्मू-कश्मीर, उत्तर-पूर्वी राज्य या फिर नक्सल प्रभावित इलाकों में किया जाए।
– गौरतलब है कि उषा किरण CRPF की पहली महिला अफसर हैं, जिन्हें नक्सल प्रभावित इलाका बस्तर की दरभा घाटी में तैनाती दी गई थी। फॉर्मर नेशनल एथलीट रह चुकीं उषा किरण को CRPF की सबसे खतरनाक विंग कोबरा में बतौर असिस्टेंट कमांडर तैनात किया गया है।
– बता दें कि दरभा वही इलाका है, जहां 25 मई 2013 को झीरम घाटी में एक साथ कई दिग्गज कांग्रेसी नेताओं समेत 32 लोगों की नक्सलियों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी।

AK-47 लेकर घूमती हैं जंगलों में
– नक्सलियों के गढ़ में ये जांबाज अफसर AK-47 जैसे हथियारों से न केवल दहशतगर्दों से लोहा ले रही है, बल्कि वहां रहने वाली लड़कियों व महिलाओं के भीतर से डर भगाने में भी जुटी हुई है।
– अनजान जंगलों व घाटियों में वे न केवल बेखौफ होकर घूमती हैं, बल्कि इस खतरनाक इलाके में सर्च ऑपरेशन भी चलाती हैं।
– उषा किरण फोर्स का काम न रहने पर स्कूली लड़कियों को पढ़ाती हैं। इसके अलावा उन्हें निडर होकर पुलिस की मदद करने वजहें देती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here